जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी: जानिए एडमिशन प्रोसेस, कोर्सेस और फीस के बारे में

भारत के टॉप विश्वविद्यालय में शामिल जवाहरलाल यूनिवर्सिटी में आखिर ऐसा क्या है जो इसे इतना खास बनाता है। दरअसल जेएनयू में जो भी होता है वो न्यूज चैनल की हैडलाईन बन जाता है तो आखिर ऐसा क्या है इस विश्वविद्यालय में जो इसे सबसे अलग और खास बनाता है। आपको बता दें कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना 1969 में हुई थी। इसका नाम भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहारलाल नेहरू के नाम पर रखा गया था। जेएनयू में पढ़ने के लिए हर साल भारत ही नही बल्कि विदेशी स्टूडेंट भी अप्लाई करते है। यहां पर विभिन्न कोर्स में करीब साढ़े पांच हजार स्टूडेंट पढ़ाई करते है यहां पर विभिन्न विषयों के करीब 550 फैकल्टी मेंम्बर है। जेएनयू की खासियत है कि जिन कोर्स की फीस दूसरे विश्वविद्यालय में हजारों में है वहीं जेएनयू में सिर्फ नाम मात्र की फीस ली जाती है। जेएनयू में रिसर्च ओरिएंटेड पोस्टग्रेजुएट कोर्स को अधिक प्राथमिकता दी जाती है।

 
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एडमिशन

आवेदन प्रक्रिया-

अगर आप भी जेएनयू में एडमिशन लेना चाहते है तो आपको सबसे पहले एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है। इसके अलावा कुछ कोर्सों में एडमिशन के लिए मौखिक परीक्षा भी ली जाती है। अगर आप किसी लैंग्वेज कोर्स में प्रवेश लेना चाहते है तो आपकी संबंधित विषय पर अच्छी पकड़ होना जरूरी है। ज्यादा जानकारी के लिए आप जेएनयू की ऑफिसियल वेबसाइट https://www.jnu.ac.in पर भी जा सकते है।

जेएनयू के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्कूल्स-

-स्कूल ऑफ लैग्वेज
-स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स
-स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी
-स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड सिस्टम्स साइंसेज
-स्कूल ऑफ एनवायरनमेंटल साइंसेज
-स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन स्टडीज
-स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर और कल्चर स्टडीज
-स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज
-स्कूल ऑफ फिजिकल साइंसेज
-स्कूल ऑफ सोशल सांइसेज

जेएनयू में चलाए जाने वाले स्पेशल सेंटर्स-

-सेंटर्स फॉर द स्टडी ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस

-सेंटर्स फॉर मॉलिकुलर मेडिसिन

-सेंटर फॉर संस्कृत स्टडीज

 

-सेंटर फॉर इंटरनेशनल ट्रेड एंड डेवलपमेंट

लैंग्वेज कोर्स-

जेएनयू की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां पर कई सालों से विभिन्न देशों की लैंग्वेज की पढ़ाई करवाई जा रही है। विदेशी लैंग्वेज के प्रोफेशनल की देश-विदेश में अच्छी खासी डिमांड रहती है। मल्टीनेशनल कंपनियों के भारत आने से लैंग्वेज एक्सपर्ट की अच्छी खासी मांग रहती है। जेएनयू में सिर्फ लैंग्वेज की शिक्षा ही नही बल्कि यहां पर रिसर्च की भी बेहतर सुविधाएं दी जाती है। जेएनयू में पर्सियन, अरेबिक, चाइनीज, जेपनीज, कोरियन, फ्रेंच, जर्मन, रशियन और स्पेनिश भाषा में बैचलर कोर्स। इसके अलावा इंग्लिश, उर्दू, हिन्दी, पर्सियन, अरेबिक, चाइनीज, जेपनीज, कोरियन, फ्रेंच, जर्मन, रशियन और स्पेनिश आदि में मास्टर्स करवाया जाता है। वहीं इंग्लिश, उर्दू, हिन्दी, पर्सियन, अरेबिक, चाइनीज, जेपनीज, कोरियन, फ्रेंच, जर्मन, रशियन और स्पेनिश में पीएचडी और एमफिल भी करवाया जाता है।

विदेशी छात्रों में जेएनयू के लिए क्रेज क्यों है-

विदेशी छात्रों में जेएनयू को लेकर खासा क्रेज देखने को मिलता है, दरअसल जेएनयू की फीस और लिविंग कॉस्ट बाकी देशों के मुकाबले काफी कम है। इसके अलावा जेएनयू में होने वाली रिसर्च की पढ़ाई देश ही नही विदेशों में भी विख्यात है। इसलिए अधिकतर विदेशी छात्र जेएनयू में पढ़ने के लिए अप्लाई करते है।

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English summary
जेएनयू में जो भी होता है वो न्यूज चैनल की हैडलाईन बन जाता है तो आखिर ऐसा क्या है इस विश्वविद्यालय में जो इसे सबसे अलग और खास बनाता है। Whatever happens in JNU becomes the news channel's headline, then what is it like in this university that makes it the most different and special? Check Notification, Vacancies List, Eligibility Criteria, Online Application Form, Pay Scale, Examination Dates and much more at Careerindia.
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