अगर आपको घूमने-फिरने और रोमांच से भरपूर किसी फिल्ड में करियर बनाना है तो आपके लिए मर्चेंट नेवी से बेहतर कोई करियर नही हो सकता। मर्चेंट नेवी हमेशा से ही डिमांडिंग करियर विकल्प रहा है। इस फिल्ड में आपको दूसरी फिल्ड की अपेक्षा ज्यादा सैलरी मिल सकती है। मर्चेंट नेवी का नाम भले ही आपको इंडियन नेवी जैसा लगे लेकिन आपको बता दें कि ये दोनों बिल्कुल ही अलग है और मर्चेंट नेवी, इंडियन नेवी का हिस्सा बिल्कुल भी नही है। दरअसल मर्चेंट नेवी एक कमर्शियल फिल्ड है जिसमें समुद्री जहाजों के जरिये एक जगह से दूसरी जगह सामान और यात्री पहुँचाये जाते है। मर्चेंट नेवी में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की कंपनियां काम करती है। एक बड़े समुद्री जहाज के संचालन के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होती है इसलिए इस फिल्ड में हमेशा से ही प्रोफेशनल्स की डिमांड रही है। अगर आप भी एक बेहतरीन करियर की तलाश में हैं तो मर्चेंट नेवी की फिल्ड आपके सपनों को पूरा कर सकती है।
योग्यता-
अगर आप भी मर्चेंट नेवी में करियर बनाना चाहते है तो आपको बता दें कि इस फिल्ड में 10वीं पास से लेकर बीटेक डिग्री वालों के लिए कोर्स उपलब्ध है। इस फिल्ड में जाने के लिए आपकी उम्र सीमा 16 से 25 साल के बीच होनी चाहिए। 10वीं पास वाले मर्चेंट नेवी में डिप्लोमा कर सकते है जिसमें प्री-सी ट्रेनिंग फॉर पर्सनल, डेक रेटिंग, इंजन रेटिंग और सेलून रेटिंग जैसे सब्जेक्ट है। इसके अलावा आप 12वीं साइंस स्ट्रीम से पास करने के बाद इसके नॉटिकल साइंस, मरीन इंजीनियरिंग, ग्रेजुएट मेकेनिकल इंजीनियर्स का कोर्स कर सकते है। इसके अलावा आप ग्रेजुएशन के बाद भी मर्चेंट नेवी की फिल्ड में जा सकते है, इसके लिए आपके पास ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत अंक होने के साथ ही आपकी आयु 28 वर्ष से अधिक नही होनी चाहिए। इसके अलावा एक अन्य शर्त होती है कि मर्चेंट नेवी में जाने के लिए आपका अविवाहित होना जरूरी है।
इन पदों पर करेंगे काम-
रेडियो ऑफिसर- एक रेडियो ऑफिसर का काम डेक पर काम करने वाले कर्मचारियों पर नियंत्रण रखना होता है।
इलेक्ट्रिकल ऑफिसर- इलेक्ट्रिकल ऑफिसर का काम इंजन रूम के इलेक्ट्रिकल सामानों की देखभाल करना होता है।
नॉटिकल सर्वेयर- इन लोगों का काम समंदर के नक्शों पर काम करना होता है।
पायलट ऑफ शिप- जहाज की गति, दिशा और रास्तों को तय करने का काम पायलट करता है।
उप कप्तान- एक उप कप्तान का काम जहाज के कप्तान को असिस्ट करना होता है वह डेक के कर्मचारियों पर नियत्रंण रखने का काम भी करता है।
कप्तान- जहाज की हर चीज पर नियत्रंण रखने का काम एक कप्तान का होता है।
प्रमुख संस्थान-
-समुद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेरीटाइम, मुंबई
-ट्रेनिंग शिप चाणक्य, मुंबई
-इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी, चेन्नई
-कोयम्बटूर मरीन सेंटर, कोयम्बटूर
-तोलानी मेरीटाइम इंस्टीट्यूट, दिल्ली
-इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मरीन इंजीनियरिंग, कोलकाता
-महाराष्ट्र एकेडमी ऑफ नेवल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, पुणे
-मेरीटाइम फाउंडेशन, चेन्नई
-मद्रास क्रिस्चियन कॉलेज, चेन्नई
कोर्स करने के बाद यहां मिलेगी नौकरी-
जिन लोगों ने मर्चेंट नेवी में प्रोफेशनल कोर्स किया है उन लोगों को आसानी से जॉब मिल जाती है। आपको मालवाहक जहाजों, कंटेनर जहाजों, जहाजों, टैंकरों, थोक वाहक, रेफ्रिजरेटर जहाजों और यात्री जहाजों में नौकरी मिल सकती है। इसके अलावा कई सरकारी संस्थानों में भी आपको नौकरी मिल सकती है जो मर्चेंट नेवी में काम करते है।
कोर्स की फीस-
कई सरकारी और प्राइवेट संस्थान मर्चेंट नेवी में कोर्स करवाते है। सरकारी संस्थाओं की आनुमानित फीस 1.5 लाख और प्राइवेट संस्थाओं की अनुमानित फीस 3 लाख रूपये तक हो सकती है।
सैलरी-
मर्चेंट नेवी में आपकी सैलरी आपकी पोस्ट पर निर्भर करती है। फिर भी मर्चेंट नेवी में काम करने वाला कोई भी व्यक्ति 12 हजार से 8 लाख रूपये तक की सैलरी हासिल कर सकता है। वहीं एक समुद्री इंजीनियर शुरूआती तौर पर 1.5 लाख तक सालाना कमा सकता है।
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