भारतीय छात्रों के लिए चीन में पढ़ाई करने के 5 प्रमुख कारण

एक समय था जब विदेश में पढ़ाई के लिए भारतीय छात्रों का पसंदीदा स्टडी डेस्टिनेशन अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा और जर्मनी हुआ करता था। लेकिन अब समय बदल गया है और इसमें एक नाम पड़ोसी देश चीन का जुड़ गया है। आज हालात ये है कि भारतीय छात्रों के लिए चीन उच्च शिक्षा का गढ़ बन गया है। पिछले कुछ सालों में भारतीय छात्रों की एक बहुत बड़ी संख्या चीन में उच्च शिक्षा प्राप्त करने गई है। चाइना में भारतीय छात्रों को आसानी से प्रवेश मिल जाता है इसके अलावा बाकी देश की अपेक्षा यहां पर फीस भी काफी कम है और यहां पर छात्रों को मिलने वाली उच्च स्तर की सुविधाएं भी एक कारण है। एक सर्वे के अनुसार चीन में इस वक्त 6 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे है मेडिकल के छात्र सबसे ज्यादा है। पूरे चीन में दो हजार से भी ज्यादा यनिवर्सिटीज है। जिनमें बैचलर डिग्री से लेकर डॉक्टरेट तक के कोर्स उपलब्ध है।

 

भारतीय छात्रों के चीन में पढ़ाई के प्रमुख कारण-

1.चीनी नही अब इंग्लिश में होती है पढ़ाई-

एक समय था जब चीन में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए चीनी भाषा सीखनी पड़ती थी। लेकिन अब यहां पर सभी विषयों की पढ़ाई अंग्रेजी में भी उपलब्ध है। भारतीय छात्रों का यहां आकर पढ़ाई करने का एक कारण ये भी है कि अब यहां पर मेडिकल के साथ ही अन्य विषयों की पढ़ाई अंग्रेजी में होने लगी है।

2.बजट में पढ़ाई-

भारत में जहां प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की पांच साल की फीस 80 से 90 लाख रूपये है, वहीं चीन में सिर्फ 12 से 15 लाख रूपये में मेडिकल की पांच साल की पढ़ाई की जा सकती है। हमारे देश में वैसे भी मेडिकल की पढ़ाई के लिए सीटें कम है और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की फीस ज्यादा है ऐसे में चीन में पढ़ाई करना न सिर्फ आपके बजट में है बल्कि यहां पर कई विश्वस्तरीय सुविधाएं भी उपलब्ध है। मेडिकल के अलावा भी भारतीय छात्र अन्य विषयों की पढ़ाई के लिए चीन का रूख कर रहे है जिनमें विज्ञान, तकनीकि, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और डॉक्टरेट आदि है।

 

3.चीन में उपलब्ध कोर्स-

चीन में लगभग सभी विषयों की पढ़ाई उपलब्ध है। विदेशी छात्रों का चीन में आकर पढ़ाई करने का लगभग 50 साल पुराना इतिहास रहा है इसलिए अधिकतर भारतीय छात्र अब उच्च शिक्षा के लिए चीन का रूख कर रहे है। यहां पर बैचलर प्रोग्राम से लेकर मास्टर व डॉक्टरेट की डिग्री उपलब्ध है।

4.स्कॉलरशिप-

चीन में विदेशी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां पर स्कॉलरशिप के लिए आप डायरेक्टली यूनिवर्सिटी या कॉलेज में अप्लाई कर सकते है। इसके अलावा आप भारत में रहते हुए भी चीनी सर्विस सेंटर से स्कॉलरशिप के लिए संपर्क कर सकते है। ये संस्था आपको स्कॉलरशिप, रजिस्ट्रेशन और कॉलेज/यूनिवर्सिटी में एडमिशन की सारी जानकारी देती है।

5.एडमिशन प्रोसेस भी है आसान-

चीनी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना काफी आसान है बस आपको वीजा फॉर्मेलिटी के साथ इंस्पेक्शन, कस्टम व हेल्थ डिपार्टमेंट से क्लियरेंस लेनी पड़ती है। चीन में पहुंचने के बाद आपको एक महीने के अंदर पुलिस को अपने रहने की जगह बतानी होती है। यूनिवर्सिटी से मेडिकल क्लियरेंस लेने के बाद उसे हेल्थ डिपार्टमेंट में सबमिट करना होता है।

यहां कर सकते है वीजा के लिए संपर्क-

50-डी, शांतिपथ, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली-110021

टेलीफोन- 011-26112345, फैक्स- 011-26885486

वेबसाईट- http://www.chinaembassy.org.in/eng/

ई-मैल- chinaemb_in@mfa.gov.cn

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English summary
पिछले कुछ सालों में भारतीय छात्रों की एक बड़ी संख्या चीन में उच्च शिक्षा प्राप्त करने गई है। चाइना में भारतीय छात्रों को आसानी से प्रवेश मिल जाता है इसके अलावा यहां पढ़ाई भी बजट में होती है। in the last few years, a large number of Indian students have been seeking higher education in China. Indian students easily get admission in China. Check Notification, Vacancies List, Eligibility Criteria, Online Application Form, Pay Scale, Examination Dates and much more at Careerindia.
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