PayDay Loan: मुसीबतें बताकर नहीं आतीं। इसलिए इनसे निपटने के लिए हमें पहले से ही कुछ तैयारी रखनी चाहिए। मान लीजिए कि किसी व्यक्ति का वेतन सिर्फ 30 से 35 हजार के बीच है और तनख्वाह आने में अभी चार-पांच दिन बाकी हैं। ऐसे में अगर उसके परिवार में कोई व्यक्ति इतना बीमार हो जाता है कि उसे अस्पताल में दाखिल करने की नौबत आ जाती है तो ऐसे में ऐसे में वह व्यक्ति क्या करेगा ॽ जाहिर है कि अपने किसी सगे-संबंधी से कुछ पैसे उधार मांगने की कोशिश करेगा। उधार तो उसे मिल जाएगा लेकिन इन परिस्थितियों में उसे कितना शर्मिन्दा होना पड़े़गा इसका अंदाजा सिर्फ वह व्यक्ति ही लगा सकता है। इसलिए इन परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी करनी चाहिए। इसके लिए हर माह कुछ रकम इमरजेंसी फंड़ में रखनी चाहिए साथ ही म्यूचुअल फंड़‚ हेल्थ इंश्योरेंस पालिसी या फिक्सड़ डि़पाजिट के रूप में कुछ रकम निवेश भी करनी चाहिए। ऐसे भी लोग हैं जिनकी पूरी तनख्वाह घर के खर्च में ही खत्म हो जाती है तो ऐसे में वे निवेश कहां से करेंगे या इमरजेंसी फंड़ कैसे बनाएंगे ॽ इन हालात में अगर माह के आखिर में उनके ऊपर कोई आपात खर्च आ जाता है तो उनके लिए आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो जाती है। लेकिन ऐसे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज हम आपको ऐसी लोन स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे वित्तीय संस्थानों ने ऐसी विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही तैयार किया है। इस लोन स्कीम को 'पे डे़ लोन' के नाम से जाना जाता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

क्या है 'पे डे़ लोन
निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों ने एक खास प्रकार का ऋण उत्पाद पेश किया है जिसे 'पे डे़ लोन' कहा जाता है। जैसा कि इसके नाम से भी जाहिर होता है कि यह लोन 'पे डे़' यानी वेतन मिलने वाले दिन तक के लिए मिल जाता है। जैसे ही लोन लेने वाले के खाते में वेतन आता है वैसे ही लोन की पूरी राशि इस लोन देने वाले बैंक या वित्तीय संस्थान के खाते में ट्रांसफर हो जाती है जिससे लोन की अदायगी भी एक ही बार में हो जाती है। यह लोन ठीक बैंक ओवरड्राफ्ट सुविधा जैसा ही है।
क्यों पड़़ी इसकी जरूरत
अक्सर लोगों को एक महीना या पंद्रह दिन के लिए कुछ पैसों की जरूरत पड़़ती रहती है जिसके लिए उन्हें अपने किसी संबंधी से उधार लेकर काम चलाना पड़़ता है। संबंधी से उधार मांगना जहां शर्मिन्दगी का सबब बनता है वहीं यह भी संदेह रहता है कि अगर संबंधी ने उधार देने से मना कर दिया तो पैसे का इंतजाम कहां से होगा। ऐसे लोगों की जरूरतों को देखते हुए बैंकों ने इस लोन की शुरुûआत की है।
लोन पाने की प्रक्रिया
यह लोन बिल्कुल बैंकों द्वारा दी जाने वाली ओवरड्राफ्ट सुविधा या क्रेडि़ट कार्ड़ के जरिए रकम खर्च करने जैसा ही है। ओड़ी सुविधा में भी सैलरी आते ही कर्ज की रकम एक बार में काट ली जाती है। क्रेडि़ट कार्ड़ इस्तेमाल करने वाले लोग भी कुछ इसी पद्धति के तहत क्रेडि़ट कार्ड़ से उधारी हासिल करते हैं। इस तरह के लोन आमतौर पर आनलाइन मिल जाते हैं। यह लोन ज्यादातर बैंक ऐसे लोगों को देते हैं जिनका खाता उनके बैंक में होता है। इसकी वजह यह है कि खाता होने से केवाईसी संबंधी औपचारिकता पूरी नहीं करनी पड़़ती है और आवेदन मिलते ही लोन की रकम खाताधारक के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। इसमें सिर्फ कुछमिनटों का ही समय लगता है। अगर कोई ऐसा व्यक्ति लोन के लिए आनलाइन आवदेन करता है जिसका खाता उक्त बैंक में नहीं है तो उस व्यक्ति को अपने केवाईसी दस्तावेज की स्कैन प्रति भी आवेदन के साथ ही अपलोड़ करनी होती है। ऐसे मामलों में एक दिन का समय लग ही जाता है लेकिन दूसरे दिन लोन की रकम आवेदक के खाते में पहुंच जाती है।
गिरवी या गारंटी नहीं
इस तरह के लोन में बैंक के खाताधारक को न तो कोई वस्तु गिरवी रखनी पड़़ती है और न ही किसी चीज की गारंटी देनी पड़़ती है। इससे इस तरह के लोन पाना काफी आसान हो जाता है। हालांकि ऐसे व्यक्ति जिनका खाता बैंक में पहले से नहीं होता उससे बैंक द्वारा किसी मामूली सी गारंटी की मांग की जा सकती है।
नौकरीपेशा को ही मिलता है यह लोन
इस तरह का लोन सिर्फ नौकरीपेशा व्यक्ति को ही मिल पाता है। क्योंकि इस लोन के लिए यह शर्त है कि इसकी अदायगी 'पे डे़' यानी वेतन दिवस के दिन ही करनी होती है। यानी यह लोन लगभग एक माह के लिए ही होता है।
कितना मिलेगा लोन
इस तरह के लोन तीन हजार रुûपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक मिल जाते हैं। लेकिन लोन देते वक्त बैंक यह जरूर देखता है कि व्यक्ति जितना लोन मांग रहा है उतनी सैलरी उसको मिलती है या नहीं। अगर व्यक्ति की सैलरी कम है तो वह इस तरह के लोन का पात्र नहीं माना जाता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 30 हजार रुपए का लोन मांग रहा है और उसकी सैलरी 35 हजार रुपए मासिक है तो उसे यह लोन आसानी से मिल जाएगा। लेकिन 30 हजार रुपए वेतन पाने वाले व्यक्ति को 40 हजार रुपए का लोन नहीं मिल सकेगा।
पात्रता की अन्य शर्तं
पे डे़ लोन के लिए सिर्फ नौकरीपेशा होना ही पात्रता की शर्त नहीं है बल्कि कई अन्य शर्तं भी इस तरह का लोन पाने वाले व्यक्ति को पूरी करनी पड़़ती हैं। उदाहरण के तौर पर आवेदक की आयु 21 से 58 वर्ष के बीच होनी चाहिए‚ न्यूनतम मासिक वेतन करीब 10 हजार रुपए अवश्य होना चाहिए। लोन देने वाले बैंक में व्यक्ति का सैलरी अकाउंट होना चाहिए।
कितनी होगी ब्याज दर
इस तरह के लोन की ब्याज दर काफी ज्यादा हो सकती है। आमतौर पर सालाना ब्याज दर 10 से 12 फीसद भी हो सकती है। यह तो सालाना ब्याज दर है लेकिन अगर सिर्फ एक माह के लिए ही यह लोन लिया जाना है तो ब्याज दर उस हिसाब से कोई ज्यादा नहीं है। इसके अलावा आवेदक को प्रोसेसिंग फीस के रूप में 250 से 500 रुपए तक देने पड़ सकते हैं। हालांकि प्रोसेसिंग फीस हर बैंक में अलग हो सकती है।


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