Coronavirus News In India: वर्ष 2019 में आई कोरोनावायरस महामारी (कोविड-19) को रोकने के सभी प्रयास विफल होते नजर अ रहे हैं। चीन पिछले तीन साल से लॉकडाउन के सहारे आगे बढ़ रहा था, लेकिन उसकी लैब से निकले चीनी वायरस के नए वैरिएंट बीएफ.7 ने एक बार फिर पूरी दुनिया के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।
ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट बीएफ.7
चीन में लॉकडाउन खुलते ही अस्पतालों में लाशों के ढेर लगने लगे हैं। कोविड-19 संक्रमण के इस विस्फोट के पीछे ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट बीएफ.7 है, जो भारत समेत कई देशों में अपनी दस्तक दे चुका है। प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी आज 22 नवंबर 2022 को हाई लेवल मीटिंग बुलाई है, जिसमें वह कोरोनावायरस (कोविड-19) के ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट बीएफ.7 पर भारत की स्थिति की समीक्षा करेंगे।

कोरोना पर पीएम मोदी की मीटिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर में उच्च स्तरीय बैठक में देश में कोविड-19 से जुड़े हालात और इससे जुड़े पहलुओं की समीक्षा करेंगे। भारत में ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट बीएफ.7 के चार मामले पाए जाने के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को स्थिति की समीक्षा की और लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और टीका लगवाने सहित कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने को कहा है।
कोरोना पर राज्यों को नोटिस
आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि चीन और अन्य देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए हवाईअड्डों पर रैंडम सैंपल जांच की जाएगी। चीन और कुछ अन्य देशों में कोविड मामलों में अचानक उछाल आया है। जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, चीन और अमेरिका में कोविड-19 मामलों में तेजी के बीच, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया था कि वह इस नए वैरिएंट बीएफ7 के आंकड़ों पर नजर रखे।

कोविड-19 की चुनौती
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि इस तरह की कवायद देश में चल रहे नए वैरिएंट का पता लगाने में सक्षम होगी और आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की सुविधा प्रदान करेगी। कोविड-19 की सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती अभी भी दुनिया भर में बनी हुई है, जिसके साप्ताहिक रूप से लगभग 35 लाख मामले सामने आए हैं।
सरकार उठा सकती है ये कदम
ज्यादा से ज्यादा जीनोम सीक्वेंसिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। जिससे समय रहते नए वैरिएंट की पहचान होगी।
चीन व आसपास के देशों से आने वाले हवाई यात्रियों पर फोकस रखेगी और एयरपोर्ट पर ही उनकी टेस्टिंग शुरू होगी।
फिलहाल भारत के लिए खतरे की बात नहीं है। बस सतर्क रहना होगा। लॉकडाउन जैसी स्थिति फिलहाल नहीं बनी है।
विदेश से आने पर रेंडम सैंपलिंग प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
केंद्र ने राज्यों को कहा है कि भीड़भाड़ वाली जगह मास्क लागू करने पर विचार करें।
जिस इलाकों में नए मरीज मिलेंगे, उन्हें रेड जोन में डाला जाएगा। आइसोलेशन भी बढ़ेगा।
विशेषज्ञों की टीम दो दिन में रिपोर्ट देगी कि विदेश से आने वाले लोगों के लिए क्या प्रोटोकॉल होना चाहिए।

बीएफ 7 से भारत को कितना खतरा?
चीन में अभी नए संक्रमण की शुरुआत है, लेकिन भारत को लंबे समय तक सतर्क रहना होगा। क्योंकि, यह नया चीनी वायरस म्यूटेट होता रहेगा। चीन में इस नए वायरस से कम से कम तीन लहरें आ सकती हैं। क्योंकि चीन अपने यहां यात्राएं रोक नहीं रहा है। जिससे भारत के लोगों का वहां आना-जाना लगा रहेगा, इसलिए हमें लंबे समय तक सतर्क रहना होगा।
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