Karnataka Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद अब विभिन्न राज्यों में प्रदेश सरकार बजट पेश करने वाली है। कर्नाटक के निवासी राज्य बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आगामी 7 मार्च 2025 को 16वां बजट पेश करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस वर्ष 2025-26 के राज्य बजट का अनावरण करेंगे।

यह घोषणा किसान नेताओं और कृषि संगठन के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के दौरान की गई। इस आगामी बजट में उनकी प्रतिक्रिया को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। सिद्धारमैया ने बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में किसानों के साथ बैठक करने से पहले अपने आधिकारिक आवास पर व्यापक विचार-विमर्श किया। इस दौरान उन्होंने वित्तीय सीमाओं के भीतर कृषि संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
जल जीवन मिशन पर केंद्र से फंड न मिलने का आरोप
कर्नाटक राज्य के सीएम सिद्धारमैया ने महंगाई और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के बीच मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने उन पर टिकी महत्वपूर्ण उम्मीदों को भी स्वीकार किया। उन्होंने इन मुद्दों को हल करने में केंद्र सरकार की बड़ी भूमिका की ओर इशारा करते हुए आश्वासन दिया कि कर्नाटक अपनी पूरी क्षमता से राज्य के विकास योजनाओं के लिए योगदान देगा। इसके अलावा उन्होंने जल जीवन मिशन के लिए उचित धनराशि जारी न करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये राज्य की तेज कार्यान्वयन गति को दर्शाता है। सिद्धारमैया ने कहा, "फंड का सही तरीके से उपयोग किया जा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने कर्नाटक को मांगी गई राशि अभी तक नहीं दी है।"
कर्नाटक बजट सत्र पर विवरण
मुख्यमंत्री ने आगामी विधानसभा सत्र के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। बता दें कि राज्य में बजट सत्र आगामी 3 मार्च 2025 से शुरू होने वाला है। यह सत्र राज्यपाल थावरचंद गहलोत के राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में संयुक्त संबोधन के साथ शुरू होगा। राज्यपाल के भाषण के बाद, तीन दिनों तक चर्चाएं चलेंगी। इसका समापन 7 मार्च को बजट प्रस्तुतिकरण के साथ होगा। बजट पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसके बाद सिद्धारमैया महीने के अंत तक जवाब देंगे। सत्र की अवधि व्यापार सलाहकार समिति द्वारा निर्धारित की जाएगी, ताकि बजट के सभी पहलुओं की सावधानीपूर्वक जांच की जा सके।
महंगाई को नियंत्रित करने में केंद्र की भूमिका
यह बजट प्रस्तुति राज्य के वित्त प्रबंधन में सिद्धारमैया के लंबे कार्यकाल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से कृषि से इनपुट एकत्र करने में उनके सक्रिय दृष्टिकोण को भी उजागर करती है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बढ़ती महंगाई को लेकर कहा कि इसे नियंत्रित करने की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की है, लेकिन इसमें केंद्र सरकार की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार अपने स्तर पर जो भी जरूरी कदम हैं, वे उठाएगी, लेकिन केंद्र को भी महंगाई नियंत्रण के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए।"

मेट्रो किराया वृद्धि पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
समाचार वेबसाइट द न्यूज मिनट की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुई बेंगलुरु मेट्रो किराए में बढ़ोतरी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि "मेट्रो किराया तय करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की एक समिति की होती है। इस समिति में दो सदस्य केंद्र सरकार से और एक राज्य सरकार से होते हैं। मेट्रो रेल प्राधिकरण एक स्वायत्त निकाय है, जिसे राज्य और केंद्र सरकारों ने मिलकर बनाया है।
हम अपने सुझाव देते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय समिति द्वारा लिया जाता है।" सिद्धारमैया ने यह भी बताया कि "इस समिति के अध्यक्ष केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए गए हैं, जो तमिलनाडु हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं।" राज्य की गारंटी योजनाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि "इन योजनाओं को बंद करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। यदि फंड जारी करने में किसी तरह की देरी होती है, तो इसे जल्द से जल्द हल कर दिया जाएगा।"
अनुमानित 4 लाख करोड़ रुपये का बजट
विभिन्न मीडिया सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया मार्च 2025 में 4 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। यह उनका 16वां बजट होगा। पिछले साल 2024-25 के लिए 3.71 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। जिसमें राज्य सरकार ने पांच गारंटी योजनाओं के लिए हर साल 52,000 करोड़ रुपये खर्च करने का वादा किया था। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगामी बजट में कर्नाटक सरकार किन नई योजनाओं की घोषणा करेगी और कर्ज को लेकर विपक्ष के आरोपों पर क्या जवाब देगी।


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