JEE Main Result 2025: संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2025 के सत्र 2 के परिणामों का बेसब्री से इंतजार अब लगभग खत्म हो चुका है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आज JEE Main 2025 के परिणाम जारी किए जाने हैं। 18 अप्रैल 2025 को दोपहर 2 बजे एनटीए द्वारा जेईई मुख्य 2025 अंतिम उत्तर कुंजी जारी करने की उम्मीद है।

उम्मीद है कि एनटीए द्वारा जेईई मुख्य परीक्षा 2025 रिजल्ट एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर ही घोषित किए जाएंगे। गौरतलब हो कि जेईई मुख्य परीक्षा के माध्यम से देशभर के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों जैसे एनआईटी, आईआईटी और अन्य बीई/बीटेक पाठ्यक्रमों में दाख़िला दिया जाता है।
हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में भाग लेते हैं और टॉप रैंक में अपना स्थान सुनिश्चित करने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं। हालांकि कई बार मेरिट लिस्ट में शीर्ष स्थान पाने की होड़ में ऐसा भी होता है कि दो या दो से अधिक छात्र समान अंक प्राप्त करते हैं। ऐसे में उनकी रैंक तय करने के लिए विशेष टाई-ब्रेकिंग नियम लागू किए जाते हैं। जेईई मुख्य परीक्षा 2025 से पहले राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने टाई-ब्रेकिंग नियम जारी किए थे। जिन छात्रों को टाई-ब्रेकिंग नियमों की जानकारी नहीं है, उन्हें इस लेख से मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं जेईई मुख्य परीक्षा 2025 के लिए टाई-ब्रेकिंग नियम क्या है?
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि जेईई मुख्य 2025 में टाई होने की स्थिति में किन-किन मापदंडों को प्राथमिकता दी जाती है, और कैसे अंतिम रैंक निर्धारित की जाती है। यदि आप इस वर्ष परीक्षा में शामिल हुए हैं या भविष्य में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।
बीटेक/बीई के लिए टाई-ब्रेकिंग नियम क्या हैं?
टाई-ब्रेकिंग नियमों का उद्देश्य समान अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के बीच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से रैंक निर्धारण करना होता है। एनटीए ने जेईई मेन 2025 के लिए बीई/बीटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए स्पष्ट टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया निर्धारित की है। इसमें चरणबद्ध तरीके से विषयवार अंक, नकारात्मक उत्तरों की संख्या और आयु तक को ध्यान में रखा जाता है।
सरल शब्दों में कहें तो जब दो या दो से अधिक उम्मीदवारों के जेईई मेन 2025 अर्थात बीई/बीटेक पेपर में समान पर्सेंटाइल स्कोर आते हैं, तो उनकी रैंक निर्धारित करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, एनटीए द्वारा तय किए गए टाई-ब्रेकिंग नियमों का पालन किया जाता है। नीचे इन नियमों को क्रमवार और विस्तार से बताया गया है।
जेईई मेन पेपर 1 के लिए टाई-ब्रेकिंग नियम
1. जिस उम्मीदवार ने गणित में उच्च पर्सेंटाइल स्कोर प्राप्त किया है, उसे वरीयता दी जाएगी।
2. यदि गणित में भी समान पर्सेंटाइल है, तो भौतिकी में बेहतर स्कोर वाला उम्मीदवार आगे माना जाएगा।
3. अगर गणित और भौतिकी दोनों में टाई हो, तो रसायन विज्ञान में उच्च पर्सेंटाइल वाला उम्मीदवार वरीय होगा।
4. यदि ऊपर के तीनों विषयों में भी टाई हो, तो देखा जाएगा कि किस उम्मीदवार ने कम गलत उत्तर दिए हैं - अर्थात, जिसकी नेगेटिव मार्किंग कम है, उसे प्राथमिकता दी जाएगी।
5. हालांकि जेईई मेन में सामान्यतः आयु को टाई-ब्रेकिंग फैक्टर नहीं माना जाता, लेकिन यदि कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो बड़े उम्र वाले को प्राथमिकता मिल सकती है। हालांकि ये जेईई एडवांस्ड में अधिक उपयोग होता है।
नोट: टाई-ब्रेकिंग नियम सिर्फ बीई/बीटेक पेपर के लिए लागू होते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और स्वचालित होती है। अंतिम रैंक एनटीए द्वारा तैयार की गई मेरिट लिस्ट के अनुसार दी जाती है।


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