Engineers Day: एम. विश्र्वेश्र्वरैया, जिनके जन्मदिवस पर मनाया जाता है इंजीनियर्स डे

Engineers Day: जानिए मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) के बारे में जिनके जन्मदिवस पर इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। आइये जानते है कि आखिर क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे।

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Engineers Day: हमारे देश में इंजीनियर्स डे यानि अभयंता दिवस हर साल 15 सितंबर को मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है हर साल 15 सितंबर को ही क्यों इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। दरअसल 15 सितंबर को भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। आज गूगल ने भी भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) की 157वीं जयंती पर डूडल बनाकर उन्हें श्रृद्धांजलि दी है। मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) भारत ही नही बल्कि दुनिया के महान इंजीनियरों में से एक थे। तो आइये जानते है मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) के बारे में वो बातें जो आपको पता नही है।

Engineers Day: एम. विश्र्वेश्र्वरैया, जिनके जन्मदिवस पर मनाया जाता है इंजीनियर्स डे

मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) के बारे में ये बातें आप नही जानते होंगे-

मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) का जन्म 15 सितंबर 1861 को मैसूर (कर्नाटक) के कोलार जिले में स्थित चिक्काबल्लापुर में हुआ था। उनका जन्म एक तेलुगु परिवार में हुआ था। मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) की शुरूआती पढ़ाई अपने गांव के पास ही हुई। 12 वर्ष की उम्र में उनके पिता की मृत्यु हो गई। आगे की पढ़ाई के लिए मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) को बेंगलुरू आना पड़ा, यहां पर उन्होंने सेंट्रल कॉलेज में एडमिशन लिया। मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) ने 1881 में बीए में टॉप किया जिसके बाद उन्हें मैसूर की सरकार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए मदद की। मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पूणे के साइंस कॉलेज में एडमिशन लिया। 1883 में उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और एग्जाम में पहला स्थान प्राप्त किया।

इंजीनियरिंग में उनके टैलेंट को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें सहायक इंजीनियर नियुक्त किया। उन्होंने इंजीनियर रहते हुए कई महान काम किए हैदराबाद के बाढ़ सुरक्षा प्रणाली के मुख्य डिजाइन और मैसूर के कृष्णसागर बांध के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाई थी। मौजूदा अंग्रेज सरकार ने उन्हें सिंचाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण काम सौंपा था। उन्होंने ही नई ब्लॉक प्रणाली का आविष्कार किया जिसमें बांध का पानी रोकने के लिए स्टील के दरवाजे बनाए गये थे। आज मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) की इस प्रणाली को पूरे विश्व में अपनाया जा रहा है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 1955 में उन्होंने सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) की मृत्यु 102 वर्ष की आयु में 14 अप्रैल 1962 को हुई थी। मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) ने गरीबी अशिक्षा, बेरोजगारी, बीमारी को लेकर कई मूलभूत काम किए। 1909 में उन्हें मैसूर राज्य का चीफ इंजीनियर नियुक्त किया गया।

मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) की मृत्यु के बाद भारत सरकार ने उन्हें 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया। इनंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उनके सम्मान में उनके जन्म दिवस 15 सितंबर पर इंजीनियर्स डे मनाया जाता है।

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English summary
Engineers Day: जानिए मोक्षगुंडम विश्र्वेश्र्वरैया (M. Visvesvaraya) के बारे में जिनके जन्मदिवस पर इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। आइये जानते है कि आखिर क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे। Know about Mokshagundam Vishweshvaraya on whose birthday the Engineers Day is celebrated. Know why Engineers Day is celebrated. Check Notification, Vacancies List, Eligibility Criteria, Online Application Form, Pay Scale, Examination Dates and much more at Careerindia.
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