CBSE Board Exam 2025: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 बीते 15 फरवरी 2025 से शुरू हो चुकी है। शनिवार को सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों ही कक्षाओं के छात्र पहली परीक्षा के लिए उपस्थित हुए। इस बीच सीबीएसई बोर्ड परीक्षा से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण खबर ने सुर्खियां बटोर ली। खबर थी सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक की।

हालांकि तमाम मीडिया रिपोर्ट्स और खबरों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2025 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा के पेपर लीक होने के किसी भी आरोप से इंकार करते हुए इन सुर्खिया को निराधार बताया हैं। बोर्ड के अनुसार इन अफवाहों का उद्देश्य छात्रों और उनके परिवारों में अनावश्यक तनाव पैदा करना है। सीबीएसई बोर्ड वर्तमान में कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए अंतिम परीक्षाओं को निष्पक्षता से आोयोजित करने में जुटा हुआ है। गौरतलब हो कि इस वर्ष यानी सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2025 में भारत भर के 8000 से अधिक स्कूलों के लगभग 44 लाख उम्मीदवार शामिल हैं। सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हुई और ये आगामी 4 अप्रैल 2025 तक चलेंगी।
फेक न्यूज के खिलाफ सीबीएसई की तत्परता
इस परीक्षा अवधि के दौरान सीबीएसई गलत सूचनाओं का मुकाबला करने, सक्रिय रूप से निगरानी करने और यूट्यूब, फेसबुक और एक्स' (पूर्व में ट्विटर) सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित झूठे दावों को संबोधित करने में सतर्क रहा है। बोर्ड ने इस तरह के झूठ फैलाने वाले व्यक्तियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए कानून प्रवर्तन के साथ सहयोग करके परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया है। सीबीएसई ने सुरक्षित परीक्षा वातावरण प्रदान करने के अपने प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा, "बोर्ड ने परीक्षाओं के सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है।"
इसके अलावा बोर्ड ने परीक्षा से संबंधित बेईमानी करने के दुष्परिणामों के खिलाफ चेतावनी भी जारी की है। सीबीएसई के अनुचित साधन (यूएफएम) नियमों और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा सामग्री साझा या अपलोड करते पाए जाने वाले छात्रों को गंभीर दंड का सामना करना पड़ सकता है। इसमें वर्तमान और अगले तीन वर्षों के लिए उनकी परीक्षा रद्द करना भी शामिल है। सीबीएसई ने स्पष्ट किया, "ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले छात्रों को सीबीएसई के अनुचित साधन नियमों और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत परिणाम भुगतने होंगे।"
सीबीएसई ने अभिभावकों से की अपील
सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा दे रहे छात्रों के अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को ऐसी गलत सूचनाओं से दूर रखें या उन पर विश्वास न करें जो परीक्षा प्रक्रिया को बाधित कर सकती हैं। बोर्ड ने कहा है कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा से जुड़ी सटीक या किसी भी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या संचार पर निर्भर रहें। बोर्ड ने कहा कि सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट www.cbse.gov.in और सत्यापित सार्वजनिक चैनलों के माध्यम से उपलब्ध हैं। बोर्ड का रुख स्पष्ट है, परीक्षाओं से संबंधित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।
सीबीएसई ने लागू किए सख्त नियम
सीबीएसई बोरिड परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता को और अधिक सुनिश्चित करने के लिए सीबीएसई ने कड़े उपाय लागू किए हैं। इनमें सीसीटीवी निगरानी, सख्त ड्रेस कोड और छात्रों के लिए विस्तृत निर्देश शामिल हैं कि परीक्षा हॉल के अंदर क्या ले जाने की अनुमति है। इन दिशा-निर्देशों में निषिद्ध वस्तुओं को शामिल किया गया है और अनुचित साधनों का उपयोग करने पर दंड की रूपरेखा तैयार की गई है। बोर्ड के सक्रिय दृष्टिकोण का उद्देश्य छात्रों के लिए बिना किसी अनुचित लाभ के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाना है।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के शुरू होने के पहले दिन ही 23 लाख से ज़्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया। इसके बाद, 17 फ़रवरी को कक्षा 12वीं के छात्रों ने शारीरिक शिक्षा का पेपर दिया, जबकि कक्षा 10वीं के छात्रों ने हिंदुस्तानी संगीत, राई, गुरुंग, तमांग, शेरपा, बुक कीपिंग और अकाउंटेंसी के तत्व और शारीरिक गतिविधि प्रशिक्षक जैसे विषयों की परीक्षा दी।


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