BPSC Teacher Recruitment: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को 51,389 नए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। ये शिक्षक बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी द्वारा तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) के माध्यम से चयनित किए गए हैं।

रविवार को आयोजित इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक तीन चरणों में कुल 2,68,548 शिक्षक भर्ती किए जा चुके हैं, जबकि 42,918 प्रधानाध्यापक पद के उम्मीदवारों की नियुक्ति अगले महीने होगी। बता दें बीते दिनों बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित की गई थी।
शिक्षकों की कुल संख्या हुई 5.65 लाख
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों द्वारा नियुक्त 2,53,961 शिक्षकों ने भी दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है, जिससे उन्हें अब सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलेगा। इस प्रकार, बिहार में अब कुल सरकारी शिक्षकों की संख्या 5,65,427 हो गई है। नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा क्षेत्र में समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के बजट में शिक्षा का हिस्सा 22% तक बढ़ाया गया है, और इसे और अधिक बढ़ाने की योजना है। खासतौर पर बालिकाओं की शिक्षा को राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताया गया।
विपक्ष का हमला
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये भर्ती प्रक्रिया महागठबंधन सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी, और नीतीश कुमार ने केवल नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। तेजस्वी यादव ने पिछड़े वर्गों के लिए 65% आरक्षण की बहाली की भी माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षख भर्ती परीक्षा यानी TRE-3 भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण लागू न करने के कारण हजारों उम्मीदवारों को मौका नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि पिछली महागठबंधन सरकार ने आरक्षण को 50% से बढ़ाकर 65% किया था, लेकिन बीजेपी और जेडीयू की वजह से यह मामला कानूनी उलझनों में फँस गया।
आरक्षण को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए उन्हें "कोटा चोर" करार दिया और कहा कि उनके कारण वंचित वर्गों के हजारों उम्मीदवारों का हक मारा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और जेडीयू की वजह से आरक्षण नीति को न्यायिक विवादों में फंसाया गया। गौरतलब हो कि बिहार में शिक्षकों की बड़ी संख्या में भर्ती शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देगी, लेकिन आरक्षण को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच विवाद तेज हो गया है। आगामी महीनों में इस मुद्दे पर क्या नया मोड़ आता है।


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