Bihar Class 10 Topper Sakshi Kumari: बिहार की बेटी साक्षी कुमारी ने बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं परीक्षा 2025 में टॉप करके पूरे राज्य को गौर्वान्वित किया है। बता दें 29 मार्च 2025 को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) द्वारा कक्षा 10 (मैट्रिक) परीक्षा रिजल्ट जारी किया गया। बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा रिजल्ट में साक्षी कुमारी, अंशी कुमारी और रंजन वर्मा ने टॉप किया।

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2025 के सभी टॉपरों ने 500 में से 489 अंक प्राप्त किए और उल्लेखनीय 97.8 प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। आज के इस लेख में हम बिहार बोर्ड की टॉपर साक्षी कुमारी की सफलता की कहानी जानेंगे। साथ ही हम यह भी जानेंगे की मैट्रिक परीक्षा टॉपर भविष्य में क्या बनने की कामना करती है। आइए जानते हैं बीएसईबी मैट्रिक परीक्षा 2025 की टॉपर साक्षी कुमारी के बारे में विस्तार से-
साक्षी के पिता करते हैं मजदूरी
बीएसईबी बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2025 में तीन छात्रों ने टॉप किया। कक्षा 10वीं टॉपर साक्षी कुमारी ने 500 में से 489 अंक हासिल किए। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साक्षी के पिता एक मजदूर हैं, और मजदूरी कर अपने परिवार की देखरेख करते हैं। साक्षी मूल रूप से बिहार की समस्तीपुर की रहने वाली है। साक्षी के माता और पिता बेटी की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं।
कक्षा 12वीं के लिए साक्षी का लक्ष्य
बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट में, एक मजदूर की बेटी साक्षी कुमारी प्रेरणा की किरण बनकर उभरी है। साक्षी ने रिजल्ट में टॉप करने पर अपना आश्चर्य व्यक्त किया। उसने कहा ये एक ऐसा सपना जिसे वह अपनी पहुंच से परे समझती थी। साक्षी ने एक साक्षात्कार में बताया कि "मैंने अभी अपनी 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, अब मैं अपनी 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करूंगी और सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य रखूंगी।
साक्षी ने मीडिया में दिए अपने एक साक्षात्कार में बताया कि मेरे पिता एक मजदूर हैं। शुरू से ही मैंने शीर्ष दस में आने के लिए कड़ी मेहनत करने का फैसला किया था, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं प्रथम स्थान प्राप्त करूंगी। साक्षी ने बताया उसकी सफलता उसके दृढ़ संकल्प और उसके परिवार और शिक्षकों के समर्थन का प्रमाण है।
साक्षी बनना चाहती हैं आईएएस अधिकारी!
मीडिया पत्रकारों से बात-चीत के दौरान साक्षी ने कहा कि मैं जीवन में कुछ बड़ा करना चाहती हूं। साक्षी से जब आईएएस अधिकारी बनने की बात पूछी गई तो उसने कहा कि इसके बारे में अभी सोचा नहीं है, लेकिन आगे चल कर देखा जाएगा। अपने घर की परिस्थिति पर मन की बात कहते हुए साक्षी ने कहा कि मुझे निरंतर आगे बढ़ते रहना है।
क्या है साक्षी की सफलता का मंत्र?
बात-चीत के दौरान साक्षी ने बताया कि उसके टॉप करने के पीछे केवल कड़ी मेहनत ही है। साक्षी बताती है कि वह बोर्ड परीक्षा से पहले रोजाना 8 से 9 घंटे की पढ़ाई करती थी। साक्षी न परीक्षा से पहले कोई कोचिंग भी नहीं ली थी। उसने बताया कि यूट्यूब से देख कर कई विषयों के पाठ्यक्रम को पूरा किया।
गौरतलब हो कि इस वर्ष की बीएसईबी मैट्रिक परीक्षा में कुल 123 विद्यार्थियों ने शीर्ष 10 रैंक में जगह बनाई, जिसमें लड़कों और लड़कियों के बीच लगभग बराबर प्रतिनिधित्व प्रदर्शित हुआ, जिसमें 63 लड़के और 60 लड़कियाँ सफल रहीं। शीर्ष प्राप्तकर्ताओं के बीच यह संतुलित लैंगिक प्रतिनिधित्व पूरे बिहार में छात्रों की कड़ी मेहनत और समर्पण को रेखांकित करता है।
इस साल की बीएसईबी मैट्रिक परीक्षाएं 17 फरवरी को शुरू हुईं और 25 फरवरी को समाप्त हुईं, जिसमें प्रतिदिन दो शिफ्टों में परीक्षा आयोजित की गई। सुबह का सत्र सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर 12:45 बजे समाप्त हुआ, जबकि दोपहर का सत्र दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चला।


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