Nasa Artemis Moon Mission Cost Launch Facts: अमेरिकी आंतरिक एजेंसी नासा ने नए चंद्र रॉकेट आर्टेमिस-1 16 नवंबर 2022 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। अमेरिका ने अपोलो कार्यक्रम की समाप्ति के 50 साल बाद,पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर भेजा है। नासा के मिशन मंगल के बाद यह सबसे जरूरी मिशन है। यदि 25 दिनों की परीक्षण उड़ान सफल रही तो रॉकेट चालक दल के एक खाली कैप्सूल को चंद्रमा के चारों ओर एक बड़ी कक्षा में ले जाएगा। उसके बाद यह कैप्सूल दिसंबर 2022 में प्रशांत क्षेत्र से पृथ्वी पर वापस आएगा। आइए जानते हैं आर्टेमिस-1 मिशन क्या है, इसमें कितनी लागत आई और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।

आर्टेमिस-1 मिशन क्या है
आर्टेमिस-1 लॉन्च साइट: फ्लोरिडा नासा केनेडी स्पेस सेंटर का लॉन्च पैड 39बी
आर्टेमिस-1 मिशन का समय: 42 दिन, 3 घंटे और 20 मिनट
गंतव्य: चंद्रमा के बाहर की रेट्रोग्रेड कक्षा.
आर्टेमिस-1 कितने किलोमीटर यात्रा करेगा: 21 लाख किलोमीटर
वापस लैंडिंग की जगहः सैन डिएगो के आसपास प्रशांत महासागर
लौटते समय ओरियन की गति: 40 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा
आर्टेमिस-1 लॉन्च में कितनी लागत आई
नासा के आर्टेमिस-1 रॉकेट सिस्टम को बनाने के लिए एसएलएस, बोइंग कंपनी और लॉकही मार्टिन कॉर्प ने एक साथ मिलकर काम किया। आर्टेमिस-1 रॉकेट बनाने में लगभग 4.2 अरबों डॉलर खर्च हुए। आर्टेमिस-1 लॉन्च में हुए देरी की वजह से इसकी लागत में और अधिक लागत लगी। अपोलो मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम के बाद आर्टेमिस 1 नासा के एक प्रमुख मिशन है। यह एक मानवरहित परीक्षण उड़ान होगी और ओरियन कैप्सूल को चंद्रमा की सतह पर उतारेगा। नासा के अपोलो मिशन के बाद यह उसका पहला चंद्र मिशन है।
आर्टेमिस-1 लॉन्च में क्यों हुई देरी
आर्टेमिस-1 लॉन्च रॉकेट ने कैनेड़ी स्पेस सेंटर से उड़़ान भरी। ओरियन कैप्सूल को रॉकेट के शीर्ष पर रखा गया था‚ जो पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चंद्रमा की ओर जाने के लिए तैयार था। लेकिन करीब तीन महीने तक रॉकेट के ईंधन में रिसाव होता रहा। सितंबर 2022 के आखिर में समुद्री तूफान इयान के कारण इसका प्रक्षेपण नहीं हो सका। अंत में नासा ने 16 दिसंबर 2022 को आर्टेमिस-1 का सफलता पूर्वक प्रक्षेपण किया।
आर्टेमिस-1 नाम क्यों चुना गया
आर्टेमिस-1 मिशन अमेरिका के प्रोजेक्ट अपोलो का अगला चरण है। नासा के प्रोजेक्ट अपोलो में 1969 से 1972 के बीच 12 अंतरिक्यात्री चंद्रमा पर उतरे। इसलिए नासा के इस प्रक्षेपण को आर्टेमिस चंद्र अन्वेषण अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, आर्टेमिस-1 का नाम अपोलो की जुड़़वां बहन के नाम पर रखा गया है। प्रक्षेपण निदेशक चार्ली ब्लैकवेल थॉम्पसन ने अपोलो परियोजना के बाद जन्मे सभी लोगों का जिक्र करते हुए कहा था कि 'आर्टेमिस' वाली पीढ़ी के लिए होगा।
क्या है नासा का उद्देश्य
नासा का उद्देश्य है कि वह आर्टेमिस-1 के माध्यम से वह चंद्रमा पर एक बेस बनाए।
वर्ष 2024 में अपने चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजे।
नासा वर्ष 2025 में चंद्रमा पर आम लोगों को भेजना चाहता है।
नासा आर्टेमिस-1 के बाद वर्ष 2030 से 2040 तक मंगल पर अंतरिक्षयात्रियों को भेजे।
ओरियन कैप्सूल अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की कक्षा तक ले जाएगा‚ उसकी सतह पर नहीं।
आर्टेमिस-2
आर्टेमिस-1 कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, नासा का ओरियन अंतरिक्ष यान वर्तमान में दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) के सफल प्रक्षेपण के बाद चंद्रमा के मार्ग पर है। आर्टेमिस II मिशन पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने से पहले नासा के लिए यह एक अहम परीक्षा है।
आर्टेमिस-1 चांद से धरती की तस्वीर
SLS पर आठ कैमरे और ओरियन पर सोलह कैमरे रॉकेट और अंतरिक्ष यान के 24 कैमरे हैं, जिनका उपयोग लॉन्च, एसेंट, सोलर एरे परिनियोजन, बाहरी रॉकेट निरीक्षण, लैंडिंग और रिकवरी जैसी प्रमुख मिशन गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के साथ-साथ चांद से पृथ्वी की तस्वीरें लेने के लिए किया जाता है। ओरियन अंतरिक्ष यान में लगभग 30,000 लोगों के नाम हैं, जिनके श्रम ने नासा के आर्टेमिस I मिशन को संभव बनाया।
आर्टेमिस-1 नासा का सबसे शक्तिशाली और कुशल रॉकेट माना जा रहा है, जो स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस), मिशन को पूरे अंतरिक्ष में और अधिक तेजी से आगे बढ़ाएगा। आर्टेमिस चंद्र मिशन और नासा के गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण एसएलएस, ओरियन अंतरिक्ष यान, चंद्र कक्षा में गेटवे और मानव लैंडिंग सिस्टम द्वारा समर्थित हैं।
एसएलएस एक ही प्रक्षेपण में ओरियन, चालक दल और चंद्रमा को आपूर्ति करने में सक्षम है। एसएलएस और ओरियन का उपयोग करने वाले पहले आर्टेमिस I मिशन के लिए रॉकेट द्वारा चंद्रमा पर 27 मीट्रिक टन (59,000 पाउंड) से अधिक भेजा जा सकता है। जैसे-जैसे यह विकसित होगा, SLS और अधिक शक्तिशाली होता जाएगा और यह उत्तरोत्तर भारी पेलोड को कक्षा में ले जाने में सक्षम होगा।


Click it and Unblock the Notifications











