International Women's Day 2025: महिलाओं से ये जग रौशन हो रहा है। ये हम नहीं कह रहे बल्कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी दावेदारी पेश कर इस वाक्य को सत्य कर दिया है। आज देश की कई महिलाएं हैं, जो युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनीं हुई हैं। इन महिलाओं ने अपने क्षेत्र में श्रेष्ठतम प्रदर्शन कर लोगों के दिलों में जगह बना ली है। इनमें युवा खिलाड़ी और ओलंपिक पदक जीतने वाली शूटर मनु भाकर का नाम शामिल हो गया है।

पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से एक नहीं बल्कि दो-दो पदक अपने नाम किया। वर्ष 2024 पेरिस ओलंपिक के दौरान मनु भाकर ने 10 मीटर के पिस्टल एकल और 10 मीटर पिस्टल मिश्रित प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित किया। बता दें कि निशानेबाजी में कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर देश की पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनीं। इतना ही नहीं वह पहली ऐसी भारतीय महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ओलंपिक खेलों में दो पदक पर जीत हासिल की है।
प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को खास ढंग से मनाया जाता है। इसलिए यह वर्ष भी थोड़ा खास होने वाला है। इस वर्ष महिला दिवस पर देश के विभिन्न राज्यों से आने वाली हम उस महिला के बारे में अपने पाठकों को बता रहे हैं, जो अपने क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रही हैं। इस सीरिज में हम आने वाले 8 मार्च तक देश के प्रमुख राज्यों की महान महिला हस्तियों के योगदान की कहानी बता रहे हैं। इस क्रम में हमने अपने पिछले लेख में कर्नाटक राज्य को अलग पहचान दिलाने वाली शिक्षाविद्, समाज-सेवी, लेखिका सुधा मूर्ति के बारे में जाना था। आज के इस लेख में हम युवा खिलाड़ी और करोड़ों युवाओं की प्रेरणा बनीं महिला निशानेबाज मनु भाकर के बारे में जानेंगे विस्तार से...
हरियाणा की शाइनिंग स्टार मनु भाकर
हरियाणा राज्य को अब लोग मनु भाकर के नाम से भी जानने लगे हैं। भारत में कई खिलाड़ी हरियाणा राज्य से आते हैं। मनु भाकर का जन्म 18 फरवरी 2002 को हरियाणा के झज्जर जिले के गोरिया गांव में हुआ था। मनु का जन्म भले ही एक साधारण परिवार में हुआ हो लेकिन बचपन से ही मनु ने कुछ असाधारण करने का ठान लिया था। मनु के पिता राम किशन भाकर और माता सुमेधा भाकर ने उनकी शिक्षा और खेल को बहुत महत्व दिया। मनु के पिता राम किशन भाकर मर्चेंट नेवी में इंजीनियर रहें, वहीं मां सुमेधा भाकर स्कूल की प्रिंसिपल रही हैं।

मनु ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा के एक छोटे से स्कूल से की, जहां उन्होंने खेलों में रुचि दिखाई और कई खेलों में हिस्सा लेना शुरू किया। पढ़ाई में अच्छी रही मनु ने विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ाई करने का निर्णय लिया। हालांकि इस पूरे क्रम में उनकी शिक्षा का एक बड़ा हिस्सा खेलों से जुड़ा रहा। उन्होंने कम उम्र में ही निशानेबाजी में रुचि दिखाई और इस क्षेत्र में अपने कौशल को निखारा। हालांकि, निशानेबाजी उनका मुख्य फोकस रहा है, लेकिन उन्होंने अपने पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखा। मनु ने अपनी शिक्षा दिल्ली स्थित लेडी श्रीराम कॉलेज और डीएवी कॉलज से पूरी की है।
कब और कैसे शुरू हुआ जीत का सफर?
खेल प्रेमी से प्रसिद्ध खिलाड़ी बनने का मनु भाकर का सफर काफी लंबा रहा। इस दौरान मनु ने कई उपलब्धियां हासिल की। ये सूची काफी लंबी है, लेकिन आइए शुरू से शुरू करते हैं। महज 14 वर्ष की उम्र में मनु ने शूटिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का ठाना। मनु ने अपने पिता से शूटिंग सीखने की इच्छा जताई। मनु के पिता ने करीब 1.5 लाख रुपये के इन्वेस्टमेंट से मनु को शूटिंग की ट्रेनिंग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान माता सुमेधा भाकर ने भी मनु को पूरी तरह सपोर्ट किया।
मनु भाकर की इस सफलता के सफर में उनके कोच जसपाल राणा ने उन्हें शूटिंग की पूरी ट्रेनिंग दी और इसके गुर सिखाएं। मनु ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते। 2018 में मनु ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया। इसके बाद 2019 में उन्होंने आईएसएसएफ विश्व कप में भी शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीता।
मनु भाकर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2018 के यूथ ओलंपिक गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीतना शामिल है। इसके बाद उन्हें एक उभरती हुई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में पहचान हासिल हुई। इसके अलावा, उन्होंने एशियन गेम्स और कई अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में भी पदक जीते हैं।
मनु भाकर के खेल करियर को ध्यान से देखें तो समझ आएगा कि एक महिला अपनी मेहनत और समर्पण से किस तरह से सफलता की ऊंचाइयों को छू सकती है। वह हरियाणा के युवाओं, विशेष रूप से लड़कियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं। इतना ही नहीं ओलंपिक में श्रेष्ठ प्रदर्शन के बाद आज देश विदेश के करोड़ों युवाओं के लिए मनु प्रेरणा बन चुकी है।

प्रतिभा के दम पर हासिल किए कई सम्मान और पुरस्कार
मनु भाकर को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए कई सम्मान और पुरस्कारों से नवाजा गया है। हाल ही में उन्हें भारत सरकार द्वारा अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कारों में से एक है। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई अन्य पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं। मनु का खेल में योगदान हरियाणा के लिए एक गर्व का विषय है और उन्होंने अपने राज्य को खेल के नक्शे पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। उनकी खेल भावना और समर्पण ने उन्हें महिलाओं की सशक्तिकरण का प्रतीक बना दिया है।
महिला सशक्तिकरण में मनु भाकर का योगदान
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मनु भाकर का योगदान कई महिलाओं को प्रेरित कर रहा है। ये उन्हें विश्वास दिलाता है कि महिलाएं खेल के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं के लिए एक नई राह बनाई है और साबित किया है कि अगर एक महिला ठान ले, तो वह हर चुनौती का सामना कर सकती है। मनु भाकर ने अपने राज्य और देश को गर्व महसूस करने का अवसर दिया है और वह हरियाणा की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं।


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