10 Things to Know About World Bank CEO Ajay Banga: विकसित देशों की सूची में शामिल होने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में समान हिस्सेदारी हासिल करने की दिशा में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए केवल भारत सरकार ही नहीं बल्कि भारतीय नागरिकों ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई है। भारतीय नागरिकों ने न केवल देश में बल्कि पूरे विश्व के हर बड़े क्षेत्र में अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है। आज इसी सूची में एक और नाम जुड़ गया है, भारतीय-अमेरिकी कारोबारी अजय बंगा का।

बीते दिनों भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक एवं कारोबारी एवं नेता अजय बंगा को निर्विरोध विश्व बैंक का अगला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बंगा ने कहा कि वह विश्व बैंक समूह विकास प्रक्रिया पर उनके साथ काम करने के लिए बेहद उत्सुक है। विश्व बैंक ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए कहा, "विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशकों ने अजय बंगा को 2 जून, 2023 से शुरू होने वाले पांच साल के कार्यकाल के लिए विश्व बैंक के अध्यक्ष के रूप में चुना है।"
कौन हैं अजय बंगा? Who is Ajay Banga in hindi
सन 1981 में नेस्ले के साथ अपने व्यावसायिक करियर की शुरुआत करने वाले 63 वर्षीय अजय बंगा का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में हुआ। अजयपाल सिंह बंगा को जुलाई 2010 में मास्टरकार्ड के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया था और 31 दिसंबर, 2020 तक अपने पद पर बने रहे, जिसके बाद उन्होंने माइकल मेबैक को पद दे दिया।
बंगा ने बेगमपेट में हैदराबाद पब्लिक स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी प्राप्त की और उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में आर्ट्स ग्रेजुएट (ऑनर्स) की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की। दिल्ली से स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद बंगा ने आईआईएम अहमदाबाद से प्रबंधन में पीजीपी किया।
फरवरी में, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने घोषणा की कि अमेरिका 63 वर्षीय बंगा को विश्व बैंक का नेतृत्व करने के लिए नामांकित करेगा क्योंकि वह इतिहास के इस महत्वपूर्ण क्षण में वैश्विक संस्था का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और बंगा इस पद के लिए सर्वश्रेष्ठ दावेदार है। बंगा अपने अनुभव और कौशल का उपयोग कर विश्व के प्रत्येक देश के उत्थान की दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

एक बयान में कहा गया है कि बोर्ड, विश्व बैंक समूह विकास प्रक्रिया पर बंगा के साथ काम करने के लिए उत्सुक है। जैसा कि अप्रैल 2023 की स्प्रिंग मीटिंग्स में चर्चा की गई थी और विश्व बैंक समूह की सभी महत्वाकांक्षाओं और प्रयासों पर विकासशील देशों के सामने सबसे कठिन विकास चुनौतियों से निपटने का प्रयास किया गया था।
आपको बता दें कि मास्टरकार्ड आईएनसी के पूर्व प्रमुख अजयपाल सिंह बंगा, वर्तमान में जनरल अटलांटिक में उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं। बंगा दो शीर्ष अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक में से किसी एक का प्रमुख बनने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी और सिख-अमेरिकी हैं व्यक्ति हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा था कि भारत में पले-बढ़े, बंगा का विकास पर दृष्टिकोण अनुठा है। विश्व बैंक के प्रमुख के रूप में बंगा का नामांकन 189 देशों की गरीबी कम करने वाली एजेंसी के केंद्र में जलवायु परिवर्तन लाने का लक्ष्य रखता है। आशा है कि विकासशील देशों के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों, गरीबी को कम करने और समृद्धि का विस्तार करने के अपने महत्वाकांक्षी एजेंडे को पूरा करेने के लिए बंगा तत्पर रहेंगे।
बंगा ने सह अध्यक्ष के रूप में वर्तमान उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ मिलकर मध्य अमेरिका के लिए पार्टनरशिप के लिए काम किया है। उम्मीद की जा रही है कि बंगा एक महत्वपूर्ण एवं आवश्यक समय में गरीबी-विरोधी ऋणदाता की बागडोर संभालेंगे, क्योंकि अमेरिका और पश्चिमी देश जलवायु परिवर्तन जैसे व्यापक वैश्विक मुद्दों के समाधान पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सुधारों पर जोर दे रहे हैं।
भारत-अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों के लिए बंगा की भूमिका क्या होगी?
63 वर्षीय बंगा भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों के भी प्रबल हिमायती हैं। 2019 में, उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी एक तरह का महागठबंधन है। उन्होंने कहा था कि इस महागठबंधन की आवश्यकता पबने विश्व को है और दुनिया को आगे ले जाने के लिए इस महागठबंधन को एकजुट होकर कार्य करना होगा। यह कहते हुए कि विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत और अमेरिका, अपने सम्मिलित प्रयासों से दुनिया में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। वर्ष 2014 में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णयों और देश को आगे बढ़ाने के लिए उनके लक्ष्यों, कार्यों एवं विचारों को लेकर बंगा ने कहा था कि वह सही कदम उठा रहे हैं और यदि मोदी अपने सभी संकल्पों को पूरा करते हैं, तो भारत एक अलग विकास पथ पर होगा।

10 प्वाॉइंट्स में जानें अजय बंगा का प्रोफाइल। Ajay Banga Profile in Hindi
- अजयपाल सिंह बंगा का जन्म 10 नवंबर 1959 को पुणे, महाराष्ट्र के एक साधारण सिख परिवार में हुआ था।
- बंगा के पिता हरभजन सिंह बंगा एक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल हैं, और उन्होंने भारतीय सेना में रहकर राष्ट्र की सेवा की है। वे पंजाब के जालंधर के मूल निवासी हैं।
- बंगा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिमला स्थित सेंट एडवर्ड स्कूल एवं हैदरवाद स्थित हैदरावाद पब्लिक स्कूल से हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित सेंट स्टीफन कॉलेज से अर्थशास्त्र में कला स्नातक (ऑनर्स) की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की। पीजीपी में प्रबंधन की डिग्री बंगा ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान से प्राप्त की।
- वर्ष 1981 में उन्होंने अपने व्यवसायिक करियर की शुरुआत नेस्ले के साथ मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में की। 2007 में बंगा को अमेरिकी नागरिक बना दिया गया।
- उन्होंने मास्टरकार्ड और अमेरिकन रेड क्रॉस, क्राफ्ट फूड्स और डॉव इंक के बोर्ड में विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। उन्होंने पेप्सिको, नेस्ले और सिटीग्रुप के साथ भी काम किया है। मास्टरकार्ड में अपने कार्यकाल के दौरान, बंगा ने राजस्व को तीन गुना कर दिया, शुद्ध आय में छह गुना वृद्धि की और बाजार पूंजीकरण को 30 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 300 बिलियन डॉलर से अधिक तक ले गए।
- आपको बता दें कि बंगा के पास अमेरिकी सरकार के साथ मिलकर काम करने का काफी अनुभव है। फरवरी 2015 में, उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा व्यापार नीति और वार्ता के लिए राष्ट्रपति की सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई थी।
- 2020 में बंगा को पॉल पोलमैन के बाद इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स का अध्यक्ष चुना गया । उन्होंने पहले जून 2018 से आईसीसी के पहले उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उन्होंने 1 जनवरी 2022 को निजी इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक में वाइस चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी संभाली। बंगा के पास 30 से अधिक वर्षों का व्यावसायिक अनुभव है।
- दिसंबर 2021 में पेप्सिको से सेवानिवृत्त होने से पहले, वह 12 साल तक मास्टरकार्ड के शीर्ष पद पर रहे। बंगा के कार्यकाल के तहत, कंपनी द्वारा 2025 तक 1 अरब लोगों और 50 मिलियन सूक्ष्म और लघु व्यवसायों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
- अमेरिका में अपने काम के लिए पहचाने जाने के अलावा 63 वर्षीय बंगा को भारत में भी सम्मानित किया जा चुका है। भारत सरकार ने 2016 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था, जो चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
- बंगा को जलवायु परिवर्तन से निपटने की चुनौती पर सार्वजनिक रूप से अपनी चिंता व्यक्त करने के लिए जाना जाता है।


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