ब्रिटेन ने 1 जुलाई से आधिकारिक तौर पर डिजिटल इमिग्रेशन सिस्टम लागू कर दिया है। अब बायोमेट्रिक रेजिडेंस परमिट (BRP) जैसे फिजिकल कार्ड्स की जगह पूरी तरह डिजिटल सिस्टम ले लेगा। जुलाई से सितंबर के बीच ब्रिटेन जाने वाले भारतीय छात्रों और यात्रियों को अब अपना ऑनलाइन अकाउंट बनाना होगा। इस डिजिटल बदलाव का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छात्र बिना किसी फिजिकल कार्ड के अपना इमिग्रेशन स्टेटस सुरक्षित तरीके से मैनेज कर सकें।
ज्यादातर फिजिकल परमिट इस साल 31 दिसंबर तक एक्सपायर हो जाएंगे। इसलिए, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत UK Visas and Immigration (UKVI) पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। अगर आप अकाउंट नहीं बनाते हैं, तो यात्रा में देरी हो सकती है या बोर्डिंग के समय दिक्कत आ सकती है। ब्रिटेन रवाना होने से पहले अपने पासपोर्ट को डिजिटल रिकॉर्ड से लिंक करना बेहद जरूरी है।

UK डिजिटल eVisa और भारतीय छात्रों के लिए जरूरी स्टेप्स
अपना पर्सनल UKVI अकाउंट बनाने के लिए आज ही आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर जाएं। इस प्रक्रिया के लिए आपको अपने BRP नंबर और एक वैलिड पासपोर्ट की जरूरत होगी। सिस्टम आपसे स्मार्टफोन ऐप के जरिए अपनी पहचान (Identity) कन्फर्म करने को कहेगा। वेरिफिकेशन पूरा होते ही, आपका स्टेटस ऑटोमैटिकली आपके भारतीय पासपोर्ट से लिंक हो जाएगा।
अकाउंट लिंक होने के बाद आप अलग-अलग संस्थानों के लिए 'शेयर कोड' (share code) जनरेट कर पाएंगे। यह कोड ब्रिटेन में आपके पढ़ाई या काम करने के कानूनी अधिकार का सबूत होगा। इस साल ऑटम (Autumn) सेशन में यूनिवर्सिटी एडमिशन के दौरान कई छात्रों को यह कोड दिखाना होगा। सुरक्षा के लिहाज से अपने स्टेटस की एक डिजिटल PDF कॉपी अपने पास सेव रखना एक अच्छा विचार है।
| फीचर | जरूरी कदम |
|---|---|
| पहचान | पासपोर्ट लिंक करना अनिवार्य है |
| स्टेटस | डिजिटल eVisa डाउनलोड करें |
| सबूत | शेयर कोड जनरेट करें |
UK डिजिटल eVisa धारकों के लिए जरूरी ट्रैवल टिप्स
बदलाव के इस शुरुआती दौर में अपना एक्सपायर हो चुका BRP साथ रखना एक सुरक्षित विकल्प है। चूंकि डिजिटल सिस्टम अभी नया है, इसलिए एयरलाइंस आपसे फिजिकल प्रूफ की मांग कर सकती हैं। इमिग्रेशन में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए सुनिश्चित करें कि आपके पासपोर्ट की जानकारी पोर्टल पर दर्ज डेटा से पूरी तरह मेल खाती हो। फ्लाइट से पहले डिटेल्स को दोबारा चेक करने से बॉर्डर पर होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।
डिजिटल फॉर्मेट होने से आईडी कार्ड खोने या चोरी होने का जोखिम कम हो जाता है। इस ऑटम सेशन में ब्रिटेन पहुंचने वाले छात्र अपना 'कन्फर्मेशन ऑफ एक्सेप्टेंस फॉर स्टडीज' (CAS) भी साथ रखें। इससे इमिग्रेशन ऑफिसर द्वारा मांगे जाने पर आपके पास सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रहेंगे। इन डिजिटल बदलावों के साथ अपडेट रहकर आप अपनी ब्रिटेन की यात्रा को काफी आसान बना सकते हैं।


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