यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (UGC NET) का आगाज आज देश के अलग-अलग शहरों में हुआ। पहले दिन के फीडबैक के मुताबिक, सुबह और दोपहर की शिफ्ट में पेपर का लेवल अलग-अलग रहा। छात्रों को पुराने पैटर्न के साथ-साथ कुछ नए तरह के सवाल भी देखने को मिले। यह एनालिसिस उन उम्मीदवारों के लिए काफी मददगार साबित होगा, जिनकी परीक्षा अभी बाकी है और वे अपनी आखिरी समय की तैयारी को पुख्ता करना चाहते हैं।
इस पात्रता परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए पेपर-1 की भूमिका सबसे अहम होती है। कई उम्मीदवारों के मुताबिक, डेटा इंटरप्रिटेशन (DI) सेक्शन काफी कैलकुलेटिव होने की वजह से थोड़ा कठिन लगा। हालांकि, टीचिंग एप्टीट्यूड और रिसर्च एप्टीट्यूड के सवाल सीधे और आसान रहे। अगर आप अपना फाइनल स्कोर बढ़ाना चाहते हैं, तो लॉजिकल रीजनिंग और एनवायरनमेंट जैसे टॉपिक्स को प्राथमिकता दें।

UGC NET 2026: पहले दिन की दोनों शिफ्ट का एनालिसिस
पहली शिफ्ट में कोर सब्जेक्ट्स का लेवल 'मॉडरेट से डिफिकल्ट' यानी मध्यम से कठिन रहा। इसके उलट, दूसरी शिफ्ट का पेपर काफी संतुलित नजर आया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आपकी एक्यूरेसी 60 फीसदी तक है, तो आप सेफ जोन में रह सकते हैं। इस डेटा के जरिए छात्र नेशनल एवरेज के मुकाबले अपने प्रदर्शन का अंदाजा लगा सकते हैं।
| एग्जाम शिफ्ट | कठिनाई का स्तर | अच्छे प्रयासों की संख्या |
|---|---|---|
| शिफ्ट 1 | मध्यम से कठिन | 55 - 60 सवाल |
| शिफ्ट 2 | मध्यम | 62 - 67 सवाल |
आज की परीक्षा में मेमोरी-बेस्ड सवालों में नई भारतीय शिक्षा नीतियों पर खास फोकस देखा गया। इसके अलावा, सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स और डिजिटल पहल जैसे टॉपिक्स से भी काफी सवाल पूछे गए। इन विषयों की पुनरावृत्ति से संकेत मिलता है कि परीक्षा का पैटर्न आधुनिक एकेडमिक और पॉलिसी फ्रेमवर्क के साथ तालमेल बिठा रहा है। आने वाले दिनों में परीक्षा देने वाले छात्रों को सरकार की प्रमुख शिक्षा योजनाओं को एक बार जरूर देख लेना चाहिए।
UGC NET 2026: क्या रह सकती है संभावित कटऑफ?
शुरुआती रुझानों की मानें तो इस बार कटऑफ पिछले एग्जाम साइकल के आसपास ही रहने की उम्मीद है। कटऑफ मुख्य रूप से उम्मीदवारों की कुल संख्या और पेपर की कठिनाई जैसे कारकों पर निर्भर करती है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आमतौर पर परीक्षा के दो हफ्ते के भीतर आंसर-की जारी कर देती है। इससे उम्मीदवारों को फाइनल रिजल्ट से पहले अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलता है।
जिन उम्मीदवारों की परीक्षा अभी होनी है, वे भारी बारिश या गर्मी की वजह से रास्ते में होने वाली देरी का ध्यान रखें। एग्जाम सेंटर पर समय से पहले पहुंचना सुनिश्चित करें ताकि आप बिना किसी तनाव के पेपर दे सकें। सफलता के लिए लगातार मॉक टेस्ट की प्रैक्टिस और टाइम मैनेजमेंट ही सबसे बेहतरीन रणनीति है। परीक्षा के दौरान खुद को शांत रखें, इससे आप बेहतर तरीके से सवाल हल कर पाएंगे और आपके सिलेक्शन की संभावना बढ़ जाएगी।


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