नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। अब छात्र केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्री-मैट्रिक (Pre-Matric) योजनाओं के लिए आवेदन करने की पहली बड़ी समय-सीमा 31 अगस्त तय की गई है। रजिस्ट्रेशन की जल्दी शुरुआत इसलिए की गई है ताकि छात्रों को स्कॉलरशिप की राशि समय पर मिल सके। तकनीकी दिक्कतों और आखिरी समय की भीड़ से बचने के लिए छात्रों को जल्द से जल्द फॉर्म भरने की सलाह दी गई है।
इस बार पोर्टल पर आवेदन की सफलता काफी हद तक आधार ई-केवाईसी (eKYC) प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। मंत्रालय ने स्कॉलरशिप के पैसे ट्रांसफर करने के लिए आधार से लिंक बैंक अकाउंट को अनिवार्य कर दिया है। इससे फर्जी आवेदनों पर लगाम लगेगी और पैसा सीधे सही छात्र तक पहुंचेगा। छात्रों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके आधार रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर अपडेट हो, क्योंकि रजिस्ट्रेशन के दौरान वेरिफिकेशन कोड (OTP) प्राप्त करने के लिए यह बेहद जरूरी है।

NSP 2026–27 आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
पोस्ट-मैट्रिक और टॉप-क्लास जैसे प्रोग्राम्स के लिए पात्रता साबित करने के लिए कुछ खास दस्तावेजों की जरूरत होगी। छात्र अपने निवास, आय और जाति प्रमाण पत्र डिजिटल फॉर्मेट में तैयार रखें। इसके साथ ही, आपके मौजूदा शिक्षण संस्थान से मिलने वाला बोनाफाइड सर्टिफिकेट (Bonafide Certificate) एक अनिवार्य आवश्यकता है। आपका बैंक खाता न केवल एक्टिव होना चाहिए, बल्कि वह आधार नंबर से भी लिंक (Seeded) होना चाहिए। दस्तावेजों की कमी के कारण अक्सर आवेदन 'डिफेक्टिव' मार्क कर दिए जाते हैं, जिससे स्कॉलरशिप रुक सकती है।
| NSP छात्र के लिए जरूरी काम | क्या करना होगा | डेडलाइन |
|---|---|---|
| प्री-मैट्रिक योजनाएं | ऑनलाइन आवेदन | 31 अगस्त, 2026 |
| eKYC प्रक्रिया | आधार वेरिफिकेशन | रजिस्ट्रेशन के दौरान |
| बैंक खाता | आधार सीडिंग | तुरंत जरूरी |
NSP 2026–27: ऐसे ट्रैक करें अपना स्टेटस और वेरिफिकेशन
ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के बाद वेरिफिकेशन की प्रक्रिया दो स्तरों पर पूरी होती है। सबसे पहले, इंस्टीट्यूट नोडल ऑफिसर (INO) अपलोड किए गए सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच करता है। इसके बाद, डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर (DNO) पेमेंट फाइल के लिए फाइनल मंजूरी देता है। छात्र अपने यूनिक लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके नियमित रूप से अपने आवेदन की स्थिति (Status) ट्रैक करते रहें। इससे फायदा यह होगा कि अगर किसी अधिकारी ने फॉर्म में कोई कमी (Defect) निकाली है, तो उसे तुरंत ठीक किया जा सकेगा।
31 अगस्त की डेडलाइन का इंतजार करने के बजाय छात्र अभी से अपने जरूरी फाइल्स जुटाना शुरू कर दें। फॉर्म भरते समय हर एंट्री को ध्यान से चेक करें ताकि नाम की स्पेलिंग या किसी छोटी गलती की वजह से आवेदन रिजेक्ट न हो। अगर आपका आवेदन 'डिफेक्टिव' दिखाई देता है, तो तुरंत लॉगिन करें और जरूरी सुधार करें। इन स्टेप्स को फॉलो करके आप नए शैक्षणिक सत्र में सरकारी सहायता का लाभ आसानी से उठा सकते हैं।


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