Short Term IT Courses: अगर आप 12वीं पास करने के बाद ग्रेजुएशन की अपेक्षा जल्दी नौकरी करना चाहते है, तो आज हम आपको बताने जा रहे है आईटी फील्ड से जुड़े शॉर्ट टर्म कोर्सेस के बारे में। बदलते परिवेश और जॉब मार्केट के अनुसार आईटी फील्ड से जुड़े ये शॉर्ट टर्म कोर्सेस आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते है। आजकल हर जगह मल्टी टास्किंग आईटी इंजीनियर्स की भारी मांग है। अगर आप हार्डवेयर नेटवर्किंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, एथिकल हैकिंग और चिप लेवल इंजीनियरिंग से जुड़ी स्किल जानते है तो आपके लिए जॉब मार्केट में बहुत संभावनाएं है। आईटी फील्ड से जुड़े इन शॉर्ट टर्म कोर्सेस की फीस भी कम होती है और इन्हें कम समय में भी किया जा सकता है। तो आइये जानते है आईटी फील्ड से जुड़े शॉर्ट टर्म कोर्सेस के बारे में।

आईटी फील्ड से जुड़े शॉर्ट टर्म कोर्सेस (Short Term IT Courses)-
1.मल्टी टॉस्किंग इंजीनियर-
यह एक शॉर्ट टर्म इंटीग्रेटेड कोर्स होता है जो 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद किया जा सकता है। इस कोर्स की अवधि 18 से 20 महीने तक की होती है। इस कोर्स में स्टूडेंट्स को नेटवर्किंग से लेकर सर्वर, क्लाउड कंप्यूटिंग, एथिकल हैकिंग और प्रोग्रामिंग आदि के बारे में सिखाया जाता है। आजकल कई बड़ी कंपनियां जैसे डेल, विप्रो, एचपी, आइबीएम आदि मल्टी टास्किंग इंजीनियर्स को जॉब देती है। इसके अलावा यूपीएस और इंवर्टर बनाने वाली कंपनियां भी मल्टी टॉस्किंग इंजीनियर को जॉब देती है। इन कंपनियों में आपको क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर और टेक्निशियन जैसे जॉब प्रोफाइल पर काम करना होता है। मल्टी टॉस्किंग इंजीनियर का कोर्स करने के बाद नेटवर्क इंजीनियर, सिस्टम इंजीनियर, चिप लेवल इंजीनियर और सिक्योरिटी जैसे बायोमेट्रिक और सीसीटीवी आदि में भी नौकरी पा सकते है।
2.हार्डवेयर और नेटवर्किंग-
आईटी सेक्टर में हार्डवेयर और नेटवर्किंग इंजीनियर की हमेशा से ही मांग रही है। हार्डवेयर नेटवर्किंग के शॉर्ट टर्म कोर्सेस 8 से 10 महीने तक के होते है। इस कोर्स में सिस्टम और नेटवर्क से जुड़े हर पहलु के बारे में डिटेल में समझाया जाता है। इस कोर्स में 12वीं पास करने के बाद एडमिशन लिया जा सकता है। एक हार्डवेयर नेटवर्क इंजीनियर की शॉपिंग मॉल, ऑफिस, बैंक, एटीएम, डिफेंस और रेलवे जैसे सरकारी और गैरसरकारी विभागों में काफी मांग रहती है। आपको बता दें कि आने वाले दिनों में इस फील्ड में बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ने वाली है।
3.एथिकल हैकिंग-
इंटरनेट और कंप्यूटर की दुनिया में लगातार हो रहे बदलाव की वजह से हैकिंग जैसी समस्या आम बात हो गई है। आजकल हर छोटी से लेकर बड़ी कंपनी में आईटी डिपार्टमेंट के अंतर्गत सिक्योरिटी इंजीनियर की आवश्यकता है। एथिकल हैकिंग एक ऐसा काम है जो ऑनलाइन चोरी जैसी समस्या को रोकते है। इसमें एकाउंट सिक्योरिटी, डाटा चोरी, वेबसाइट हैकिंग, डाटा रिकवरी जैसी समस्या से निजात पाने के लिए ऑर्गनाइजेशन हैकिंग एक्सपर्ट को हायर करते है। एथिकल हैकिंग से जुड़े शॉर्ट टर्म कोर्स 3 स 6 महीने के हो सकते है। हैथिकल हैकिंग कोर्स में एडमिशन के लिए कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है।
4.चिप लेवल इंजीनियरिंग-
चिप लेवल इंजीनियरिंग होर्डवेयर और नेटवर्किंग से संबंधित एडवांस कोर्स होता है। इस कोर्स में कंप्यूटर, लैपटॉप और ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जो कंप्यूटर द्वारा संचालित होते है के चिप की रिपेयरिंग और मैंटेनेंस की जानकारी दी जाती है। चिप लेवल इंजीनियरिंग से जुड़े कोर्स की अवधि 8 से 10 महीनों की होती है। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए 12वीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा ग्रेजुएशन के बाद भी ये कोर्स किया जा सकता है।


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