जियोलॉजी में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Geology)

पीएचडी जियोलॉजी 3 की अवधि का डॉक्टरेट लेवल का कोर्स है जो कि उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है जो जियोसाइंस से संबंधित विषयों में रिसर्च करने में रूचि रखते हो। जियोलॉजी में रिसर्च अध्ययन के लिए मिनरलॉजी, पैलियोन्टोलॉजी, स्ट्रक्चरल जियोलॉजी, जियोमॉर्फोलॉजी आदि जैसे विषय शामिल है। बता दें कि जियोलॉजी यानि की भूविज्ञान के अध्ययन में लगे छात्रों को भूवैज्ञानिक (जियोलॉजिस्ट) के रूप में जाना जाता है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी जियोलॉजी से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर जियोलॉजी में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में जियोलॉजी में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

जियोलॉजी में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलोसफी इन जियोलॉजी
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 5 साल
• एलिजिबिलिटी- न्यूनतम 55% अंको के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम और मेरिट बेस्ड
• कोर्स फीस- 1,00,00 से 2,00,000 तक
• शुरुआती सैलरी- 3 लाख से 10 लाख तक

 

पीएचडी जियोलॉजी: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से जियोलॉजी से संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की होनी चाहिए।
• पीएचडी जियोलॉजी में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55% अंक होना आवश्यक है।
• जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% छूट मिलती है।
• जियोलॉजी में पीएचडी करने के लिए अधिकतर कॉलेज कॉमन एंट्रेंस टेस्ट जैसे सीएसआईआर-यूजीसी-नेट आदि के माध्यम से एडमिशन देते हैं।

पीएचडी जियोलॉजी: एडमिशन प्रोसेस
पीएचडी जियोलॉजी में एडमिशन प्रोसेस कॉलेज से कॉलेज में भिन्न होती है। कुल कॉलेज में एडमिशन मेरिट + इंट्रव्यू के आधार पर होता है जबकि ज्यादातर कॉलेजों में जियोलॉजी में पीएचडी करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर एडमिशन होता है। भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है।

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी जियोलॉजी में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। एंट्रेंस एग्जाम के लिए छात्रों को रजिस्ट्रेशन करना होता है और रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी जियोलॉजी के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी-नेट फॉर जेआरएफ , सीएसआईआर- यूजीसी नेट फॉर जेआरएफ आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट

एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट मेरिट लिस्ट के रूप में घोषित किया जाता है। जिसके बाद छात्रों को उनकी रैंक अनुसार कॉलेज आवंटित किए जाते हैं। रिजल्ट चैक करने के लिए छात्रों को नियमित रूप से यूनिवर्सिटी की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है, और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर साइंस का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी जियोलॉजी: सिलेबस
जियोलॉजी में पीएचडी का सिलेबस छात्रों की रुचि अनुसार हर कॉलेज में अलग हो सकता है जबकि सामान्य सिलेबस निम्नलिखित है।

  • रिव्यू ऑफ लिटरेचर
  • जियोलॉजिकल सर्विंग
  • रिमोट सेंसिंग
  • टीसेम्पलिंग
  • माइक्रोस्कोपी
  • जियोकेमिकल एनालिसिस
  • जियो- साइंटिफिक राइटिंग

आमतौर पर कॉलेज फैक्लटी पीएचडी करने वाले छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पीएचडी जियोलॉजी: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी, उत्तर प्रदेश- फीस 19, 000
  • कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय गुलबर्गा, कर्नाटक- फीस 20, 000
  • गुलबर्गा विश्वविद्यालय गुलबर्गा, कर्नाटक- फीस 12, 395
  • जेआईएस विश्वविद्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल
  • कर्नाटक विश्वविद्यालय, कर्नाटक- फीस 12, 010
  • एम.जी. विज्ञान संस्थान अहमदाबाद, गुजरात- फीस 9000
  • महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर, राजस्थान- फीस 9000
  • एमईएस पोन्नानी कॉलेज, केरल- फीस 22, 600
  • मिजोरम विश्वविद्यालय- फीस 17, 650
  • मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर, राजस्थान- फीस 30, 500
  • नेशनल कॉलेज त्रिची, तमिलनाडु- फीस 39, 650
  • निम्स यूनिवर्सिटी जयपुर, राजस्थान- फीस 1, 05, 000
  • उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद, आंध्र प्रदेश- फीस 3000
  • पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़- फीस 12,000

पीएचडी जियोलॉजी: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • पेट्रोलियम जियोलॉजिस्ट- शुरुआती औसतन सैलरी 5,00,000
  • एनवायरमेंटल जियोलॉजिस्ट- शुरुआती औसतन सैलरी 5,00,000
  • अर्थ साइंस टीचर- शुरुआती औसतन सैलरी 4,00,000
  • हाइड्रो जियोलॉजिस्ट- शुरुआती औसतन सैलरी 5,00,000
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English summary
PhD Geology is a doctoral level course of 3 duration which is designed for students who are interested in conducting research in geoscience related subjects. Geology includes subjects like mineralogy, paleontology, structural geology, geomorphology, etc. for research studies. Let us tell that the students engaged in the study of Geology i.e. geology are known as Geologists.
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