इकोनॉमिक्स में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Economics)

डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन इकोनॉमिक्स 2 से 6 साल तक की अवधि का डॉक्टरेट स्तर का कोर्स है कोर्स है। पीएचडी इन इकोनॉमिक्स कोर्स में मैक्रोइकॉनॉमिक्स और माइक्रोइकॉनॉमिक्स दोनों शामिल हैं। बता दें कि पीएचडी डिग्री तभी की जानी चाहिए जब किसी व्यक्ति की शोध-उन्मुख कार्यों में पर्याप्त रुचि हो।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएचडी इन इकोनॉमिक्स से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर इकोनॉमिक्स में पीएचडी करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में इकोनॉमिक्स में पीएचडी करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

इकोनॉमिक्स में पीएचडी कैसे करें

• कोर्स का नाम- डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी इन इकोनॉमिक्स
• कोर्स का प्रकार- डॉक्टरेट डिग्री
• कोर्स की अवधि- 3 से 5 साल तक
• एलिजिबिलिटी- मास्टर डिग्री
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम + इंट्रव्यू
• कोर्स फीस- 80 हजार से 6 लाख तक
• अवरेज सैलरी- 2 से 8 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- अकाउंटिंग, लेखा परीक्षक, बैंकिंग और वित्त, बीमा निवेश, विपणन, स्टॉक ब्रोकर, मीडिया विश्लेषक, प्रबंधन, निर्माण, विज्ञापन, संचार, बीमांकिक आदि।
• जॉब फिल्ड- बैंक ऑफ इंडिया, भारत फोर्ज, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, बीएसएनएल, कॉग्निजेंट, एरिक्सन इंडिया, फ्लिपकार्ट, फ्यूचर ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, ग्रासिम होंडा टू व्हीलर्स, इंडियन ऑयल, इंफोसिस, जेसीबी, एल टी एल टी इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन, लोकल ओए, महिंद्रा इंजीनियरिंग, माइक्रोसॉफ्ट, ओएनजीसी, रिलायंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टाटा, टाटा पावर, टीसीएस आदि।

 

पीएचडी इन इकोनॉमिक्स: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
• इच्छुक उम्मीदवार के पास इकोनॉमिक्स से संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन या एम.फिल की डिग्री होनी चाहिए।
• पीएचडी इन इकोनॉमिक्स में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार के पास मास्टर डिग्री में न्यूनतम 60% अंक होना आवश्यक है।
• आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5% अंकों की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
• इसके साथ ही, उम्मीदवार को एंट्रेंस एग्जाम में भी विश्वविद्यालय के मानकों तक स्कोर करना होता है, जो या तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं या यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं द्वारा आयोजित की जाती हैं।

पीएचडी इन इकोनॉमिक्स: एडमिशन प्रोसेस
किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीएचडी इन इंग्लिश कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीएचडी इन इकोनॉमिक्स के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीएचडी इन इकोनॉमिक्स में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीएचडी इन इकोनॉमिक्स के लिए एडमिशन प्रोसेस यूजीसी नेट, झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा, आईआईएम पीएचडी टेस्ट, जीआरई, गेट आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें डॉक्टरेट स्तर पर इकोनॉमिक्स का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीएचडी इन इकोनॉमिक्स: सिलेबस
पेपर 1- कोर्स ऑन रिसर्च मैथेडलॉजी
यूनिट-1:
1. विज्ञान और अनुसंधान पद्धति के दर्शन का परिचय
2. अनुसंधान डिजाइन: अनुसंधान डिजाइन की आवश्यकता, एक अच्छे शोध डिजाइन की विशेषताएं, विभिन्न शोध डिजाइन
3. प्रायोगिक सर्वेक्षण: प्रायोगिक डिजाइन के मूल सिद्धांत
4. केस स्टडी - समस्याएं और सीमाएं
5. अनुसंधान परियोजनाओं की योजना बनाना और उन्हें लागू करना: एक शोध परियोजना की योजना बनाना, समस्या निर्माण, अनुसंधान रणनीति और तरीके
यूनिट-2:
1. डेटा संग्रह के तरीके: प्रत्यक्ष विधि और अप्रत्यक्ष तरीके
2. प्रश्नावली और अनुसूचियों के माध्यम से डेटा संग्रह
3. डेटा संग्रह में समस्याएं
4. डाटा प्रोसेसिंग: डाटा प्रोसेसिंग में संचालन और समस्याएं
5. नमूना डिजाइन: अर्थ और इसके अनुप्रयोग
6. मापन और स्केलिंग तकनीक: मापन तराजू और माप में त्रुटियों के स्रोत
यूनिट-3:
1. डेटा का विश्लेषण: के उपाय और विश्लेषण केंद्रीय प्रवृत्ति, फैलाव, तिरछापन, और कुर्टोसिस
2. सैद्धांतिक वितरण: सामान्य, पॉइसन और द्विपद
3. एक परिकल्पना का सांख्यिकीय अनुमान और परीक्षण
यूनिट 4:
1. विश्लेषण के तरीके: सरल और एकाधिक प्रतिगमन
2. समय श्रृंखला विश्लेषण
3. अर्थमितीय अनुमान में समस्याएं
यूनिट-5:
1. दस्तावेज़ीकरण - शोध थीसिस लिखना
2. सांख्यिकीय और अर्थमितीय सॉफ्टवेयर का परिचय
कॉलेज फक्लटी आमतौर पर छात्रों को उनके स्वतंत्र शोध कार्य में सहायता करते हैं, जबकि अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्र सहायक के रूप में अपने प्रोफेसरों के अधीन काम करना चुन सकते हैं। ऐसा करने से उन्हें इस बात की बेहतर समझ होगी कि पीएचडी पूरी करने के बाद अगर वे प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो उन्हें किस तरह का काम करना होगा।

पेपर 2- एडवांस्ड टॉपिक्स इन इकोनॉमिक्स
यूनिट 1: सूक्ष्म और मैक्रो अर्थशास्त्र
1. उपभोक्ता मांग सिद्धांत: निश्चितता और अनिश्चितता के तहत विकल्प
2. उत्पादन और लागत का सिद्धांत
3. बंद और खुली अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति और बेरोजगारी
4. मैक्रो नीति विकल्प
यूनिट 2: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, अंतर्राष्ट्रीय वित्त, कॉर्पोरेट वित्त व्यापार
1. मॉर्डन थ्योरी ऑफ ट्रेड एंड ट्रेड पॉलिसी
2. अंतर-उद्योग व्यापार, मुक्त व्यापार बनाम संरक्षण, मुक्त व्यापार से लाभ का विश्लेषण
3. भुगतान संतुलन और विनिमय दर निर्धारण के सिद्धांत
4. नीतिगत संघर्ष और स्थिर और लचीली विनिमय दरों के तहत समायोजन
5. आधुनिक निवेश सिद्धांत
6. वित्तीय डेरिवेटिव
यूनिट 3: विकास और विकास सिद्धांत
1. अल्प विकास के सिद्धांत
2. शास्त्रीय विकास मॉडल
3. अंतर्जात विकास मॉडल
4. सतत विकास
यूनिट 4: आर्थिक मुद्दे और नीति- I
1. योजना और आर्थिक सुधार
2. बुनियादी ढांचा विकास, शिक्षा क्षेत्र का वित्तपोषण
3. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, निजीकरण और विनिवेश
4. राजकोषीय और मौद्रिक नीति दृष्टिकोण कर सुधार, केंद्र सरकार के वित्त
5. वित्तीय क्षेत्र के सुधार, धन और पूंजी मंडी
6. विदेश व्यापार उदारीकरण, भुगतान संतुलन, विनिमय दर
7. विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) और भारतीय प्रतिस्पर्धा नीति
8. गरीबी, असमानता, पर्यावरण, लिंग, श्रम मानकों, तकनीकी हस्तांतरण आदि पर विश्व व्यापार संगठन और व्यापार के प्रभाव (उदारीकरण और वैश्वीकरण)
यूनिट 5: आर्थिक मुद्दे और नीति- II
1. गरीबी, आय वितरण और न्याय
2. प्रवासन और जनसांख्यिकीय संक्रमण
3. भारत में भूमि सुधार और कृषि संरचना पर उनका प्रभाव
4. भारत में ग्रामीण विकास की प्रकृति और समस्याएं
5. भारतीय उद्योग और संरचनात्मक परिवर्तन
6. ग्रामीण औद्योगीकरण और रणनीतियां
7. ग्रामीण गरीबी उन्मूलन और रोजगार कार्यक्रम

पीएचडी इन इकोनॉमिक्स: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर- सैलरी 3 लाख
  • भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता- सैलरी 2 लाख
  • लोयोला कॉलेज, चेन्नई- सैलरी 3.55 लाख
  • भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर- सैलरी 400,000
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब- सैलरी 249,500
  • स्टेला मैरिस कॉलेज, चेन्नई- सैलरी 207,620
  • प्रबंधन स्कूल, बीएमएल मुंजाल विश्वविद्यालय, गुड़गांव- सैलरी 67150
  • फर्ग्यूसन कॉलेज, पुणे- सैलरी 45,800
  • आईएफएमआर - वित्तीय प्रबंधन और अनुसंधान संस्थान, चित्तूर- सैलरी 75,000
  • मिजोरम विश्वविद्यालय- सैलरी 80,000
  • मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज- सैलरी 60,000
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, जयपुर- सैलरी 250,000
  • श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी, लखनऊ- सैलरी 100,000
  • मीनाक्षी कॉलेज फॉर विमेन, चेन्नई- सैलरी 50,000
  • आइसेक्ट यूनिवर्सिटी, भोपाल- सैलरी 200,840
  • संतोष विश्वविद्यालय, गाजियाबाद- सैलरी 3 लाख

पीएचडी इन इकोनॉमिक्स: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • प्रोफेसर- सैलरी 3 लाख
  • बैंकर- सैलरी 4 लाख
  • इकोनॉमिस्ट- सैलरी 5 लाख
  • जियोग्राफर- सैलरी 6 लाख
  • पब्लिक रिलेशन ऑफिसर- सैलरी 3 लाख
  • इंडस्ट्रीयल ऑर्गेनाइजनेशन इकोनॉमिस्ट- सैलरी 9 लाख
  • पॉलिटिकल साइंटिस्ट- सैलरी 5 लाख

इंग्लिश में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD English)

केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी कैसे करें (Career in PHD Chemical Engineering)

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English summary
Doctor of Philosophy in Economics is a doctoral level course of duration ranging from 2 to 6 years. The PhD in Economics course includes both Macroeconomics and Microeconomics. Explain that a PhD degree should be done only if a person has a substantial interest in research-oriented work.
--Or--
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