डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज (Career in Diploma in Korean Language After 12th)

हाल में भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाली भाषा में से एक है कोरियन भाषा। इस भाषा का चलन भारत में साउथ कोरिया की वेब सीरीज की वजह से बढ़ा। साउथ कोरिया की रोम-कॉम वेब सीरीज आज की यंग जनरेशन और खास कर लड़कियों की पहली पसंद है। इन वेब शोज के बाद से वहां खाना से लेकर भाषा तक का प्रचार भारत में होने लगा है। बच्चे से लेकर बड़े तक इस भाषा को सीखना चाहते हैं। जिसको लेकर भारत के कई संस्थानों ने ढ़ेरों कोर्स जारी किए है। ऐसा नहीं है कि भारत में पहले कोरियन भाषा नहीं सीखायी जाती थी फर्क बस इतना है तब ये भाषा वही छात्र सीखते थे जिन्हें साउथ कोरिया पढ़ने या नौकरी के लिए जाना होता था। लेकिन अव कई छात्र इस कोर्स को शौक के लिए करते हैं तो कई इस स्किल्स डेवलप करने के उद्देश्य से करते हैं। इस कोर्स में सर्टिफिकेट के साथ डिप्लोमा, बैचलर, डिग्री, मास्टर, एमफील और पीएचडी कोर्स उपलब्द है। लेकिन आज हम आपको इस भाषा में डिप्लोमा कोर्स के बारे में बताने जा रहें हैं। आइए कोर्स के बारे में विस्तार से जाने।

 
डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज (Career in Diploma in Korean Language After 12th)

डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज कोर्स 1 से 2 साल का कोर्स है जिसे कक्षा 12वीं के बाद किया जा सकता है। इस कोर्स को फीस की बात की जाए तो कोर्स की फीस पूरी तरह से संस्थान आधारित है। कोर्स की फीस 7 हजार से 20 हजार तक जा सकती है। कुछ प्राइवेट संस्थानों की फीस इसस अधिक भी हो सकती है। कोर्स करने के बाद छात्र एक ट्रांसलेट या टीचर के साथ कुछ अन्य पदों पर कार्य कर सकता है। इस पदों पर वह साल का 2 से 5 लाख रुपये कमा सकते हैं। कोर्स में छात्र को कोरियन कल्चर, इतिहास, स्क्रिप्टिंग, ट्रांसलेशन और राइटिंग आदि सीखाई जाती है। आइए कोर्स के बारे में आपको और अन्य जानकारी दें।

डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज : योग्यता

डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज करने के लिए छात्रों को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 12वीं पास होना अनिवार्य है।

 

किसी भी स्ट्रीम का छात्र इस कोर्स में प्रवेश ले सकता है।

डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज : सिलेबस

  • हंगुल लिपि
  • कोरियन लिटरेचर एंड कल्चर
  • कोरियिन लिंग्विस्टिक
  • राइटिंग सिस्टम
  • ट्रांसलेशन थ्योरी
  • कोरियन सेंटेंसेस ग्रामर

डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज : कॉलेज और सैलरी

जामिया, दिल्ली : 10,000 रुपये
मणिपुर विश्वविद्यालय : 3,500 रुपये
बेंगलुरु सेंट्रल यूनिवर्सिटी : 4,000 रुपये
नालंदा विश्वविद्यालय : 5,000 रुपये

डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज : भर्तीकर्ता

1. हुंडई मोटर्स

2. किआ

3. सैमसंग

4. एलजी

5. यात्रा और पर्यटन कंपनियां

6. पॉस्को

डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज : जॉब प्रोफाइल और सैलरी

1. कोरियर इंटरप्रेटर : 5.5 से 6.5 लाख रुपये सालाना

2. कोरियन ट्रांसलेटर : 3.9 से 5.8 लाख रुपये सालाना

3. कोरियन टीचर और ट्रेनर : 2.5 से 4 लाख रुपये सालाना

4. कोरियन एक्सपोर्ट : 4 से 8 लाख रुपये सालाना

5. कोरियन सपोर्ट एंड एडवाइजर : 2 से 6 लाख रुपये सालाना

6. कोरियन बिजनेस एक्सपोर्ट : 8 से 12 लाख रुपये सालाना

डिप्लोमा इन कोरियन लैंग्वेज : स्कोप

कोरियन भाषा में डिप्लोमा करने के बाद छात्र ऊपर दी हुई प्रोफाइल पर कार्य कर सकते हैं। यदि छात्र चाहें तो कोर्स पूरा करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए भी आवेदन कर सकते है। कोर्स की लिस्ट इस प्रकार है।

बीए इन कोरियन लैंग्वेज
एमए इन कोरियन लैंग्वेज
एमफिल इन कोरियन लैंग्वेज
पीएचडी इन कोरियन लैंग्वेज

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English summary
Diploma in Korean Language course is a 1 to 2 year course which can be done after class 12th. Talking about the fees for this course, the course fee is completely institute based. The course fee can go from 7 thousand to 20 thousand. In the course, the student is taught Korean culture, history, scripting, translation and writing etc. After completing the course, the student can work as a translator or teacher in some other positions. In this post, he can earn 2 to 5 lakh rupees per year.
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