पॉलिटेक्निक केमिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स: एमडिशन प्रोसेस, एलिजिबिलिटी और टॉप 10 कॉलेज

केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा 3 साल की अवधि का एक पॉलिटेक्निक कोर्स है जिसे 10 वीं कक्षा के बाद छात्रों द्वारा किया जा सकता है। बता दें कि 10वीं करने के बाद कुछ छात्र ऐसे होते हैं जो कि 12वीं करने के बजाए सीधा कोई डिप्लोमा कोर्स करकर जल्दी नौकरी पाना चाहते हैं। तो आइए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पॉलिटेक्निक केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के बारे में बताना जा रहे हैं जो कि आप 10वीं के बाद आसानी से कर सकते हैं।

 

पॉलिटेक्निक केमिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा क्या है?

केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा देश में उपलब्ध कई इंजीनियरिंग डिप्लोमा के विकल्पों में से एक है और जैसा कि नाम से पता चलता है कि यह डिप्लोमा कोर्स केमिकल इंजीनियरिंग की मूल बातें सिखाने से संबंधित है।

पॉलिटेक्निक केमिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स

• इस कोर्स में माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और बायोलॉजी की तरह ही फिजिक्स और केमिकल साइंस जैसी चीजें पढ़ाई जाती है।
• इस अकादमिक कोर्स का मुख्य लक्ष्य इंडस्ट्री की विभिन्न धाराओं में रासायनिक विज्ञान का अनुप्रयोग है जहां कच्चे माल से नए रूपांतरित उत्पादों में रूपांतरण होता है।
• यह क्षेत्र को विनियमित करने और रिफाइन प्रोडक्ट्स के विकास में संभावनाओं का विश्लेषण करने के लिए गणित और आर्थिक गणनाओं को लागू करने का एक व्यापक अध्ययन है।
• इस कोर्स में एप्लाइड केमिस्ट्री, थर्मोडायनामिक्स, केमिकल टेक्नोलॉजी, हीट ट्रांसफर और बहुत कुछ शामिल है जो छात्रों के क्षेत्र को व्यापक स्वरूप देता है।
• इस कोर्स को पूरा करने के बाद, छात्र उत्पादन, रिसर्च लैबोरेट्रीज, विश्लेषकों, पेट्रोलियम रिफाइनरियों आदि में प्रवेश कर सकते हैं। केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त करने वाले छात्र भी एक प्रवेश परीक्षा देने के बाद संबंधित इंजीनियरिंग शाखा के दूसरे वर्ष में दाखिला ले सकते हैं।

 

केमिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश प्रक्रिया

• जो छात्र केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा प्राप्त करने के इच्छुक हैं, उन्हें गणित, विज्ञान और अंग्रेजी में भी कम से कम 45% या उससे अधिक अंकों के साथ 10 वीं की बोर्ड परीक्षा पास करनी चाहिए।
• प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से उम्मीदवार की योग्यता पर आधारित है।
• प्रत्येक कॉलेज अपनी मेरिट सूची कट ऑफ अंक जारी करता है।
• उम्मीदवार संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
• दिनांक, प्रवेश और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के नाम के बारे में सभी महत्वपूर्ण विवरण वेबसाइट पर वेबसाइट और मेल के माध्यम से अधिसूचित किए जाते हैं।

केमिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स के लिए पात्रता

• आवेदक विज्ञान और गणित के साथ हर विषय में न्यूनतम 45% अंकों के साथ दसवीं कक्षा की परीक्षा में पास होना चाहिए।
• जिन उम्मीदवारों ने दसवीं कक्षा में अपने एक विषय के रूप में अंग्रेजी का अध्ययन किया है, वे भी प्रवेश के लिए पात्र हैं।
केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा अवधि
10वीं के बाद केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा की अवधि 3 साल होती है। इन 3 वर्षों में, पाठ्यक्रम को 6 सेमेस्टर में विभाजित किया गया है और प्रत्येक सेमेस्टर में 6 महीने की अवधि है। अवधि:- 3 वर्ष (6 सेमेस्टर)

केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा में प्रवेश के लिए लोकप्रिय प्रवेश परीक्षा

भारत में केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के लिए लगभग सभी बेहतरीन कॉलेज मुख्य रूप से प्रवेश परीक्षा-आधारित प्रवेश आयोजित कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा कुछ कॉलेजों में लगभग सभी प्रकार के प्रवेश के लिए अंतिम परीक्षा है। जबकि अन्य कॉलेज कॉलेज स्तर की प्रवेश परीक्षा प्रदान करने के लिए स्वयं का आयोजन करते हैं। केमिकल इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए कुछ शीर्ष परीक्षा:
• जेईई
• जेईई एडवांस्ड
• NEET
• AISEE
• AIMEE

केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद स्कोप

केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद कई क्षेत्रों में नौकरी के अवसर उपलब्ध हैं जो ऐसे व्यक्तियों की तलाश करते हैं जिन्होंने अपना कोर्स पूरा कर लिया है। केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र अपने लिए एक पुरस्कृत कैरियर का निर्माण कर सकें। केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा का दायरा स्नातकों की विशेषज्ञता और कौशल को ध्यान में रखते हुए दिया जाता है। केमिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा नौकरी की तलाश करने वाले लोगों को दी जाने वाली कुछ शीर्ष नौकरियां हैं:
• प्लांट ऑपरेटर
• मार्केट एनालिस्ट
• प्रोसेस इंजीनियर
• एसोसिएटेड साइंटिस्ट
• फिल्ड ऑपरेटर

केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के लिए नौकरी के क्षेत्र

केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा निजी और सरकारी दोनों संस्थानों में उपलब्ध कराए जाते हैं। केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और प्रगति के विकास और सुधार में रखरखाव तकनीशियनों का एक बड़ा योगदान है। इस तरह, यह कहा जा सकता है कि यह डिप्लोमा केमिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए नौकरी के विभिन्न अवसर प्रदान करता है। स्नातकों के लिए नौकरी निम्न प्रकार की हैं:
• मेंटेनेंस टेक्नीशियन
• प्लांट ऑपरेटर
• मार्केट एनालिस्ट
• प्रोसेस इंजीनियर
• असोसिएट साइंटिस्ट
• फिल्ड ऑपरेटर
• टैक्निकल सर्वेस ऑपरेटर
जिनकी औसतन वार्षिकी सैलरी 2 लाख से 9 लाख तक की होती है।

केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के लिए टॉप 10 कॉलेज की सूची

1. वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, मुंबई
2. इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
3. संत लोंगोवाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी
4. गलगोटिया यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा
5. धर्मसिंह देसाई यूनिवर्सिटी, गुजरात
6. गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, ठाणे
7. जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा
8. श्री भागुभाई मफटलाल, पॉलिटेक्निक, मुंबई
9. सिंघिया यूनिवर्सिटी, झुंझुनू
10. एसपी गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, तिरुपति

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English summary
Diploma in Chemical Engineering is a polytechnic course of 3 years duration which can be pursued by students after 10th standard. Let us tell you that after doing 10th there are some students who want to get a job soon after doing a diploma course instead of doing 12th. So, in today's article, we have talked about about Diploma in Polytechnic Chemical Engineering, which you can easily do after 10th.
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