पॉलिटेक्निक सिरेमिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स: एमडिशन प्रोसेस, एलिजिबिलिटी और टॉप कॉलेज

सिरेमिक इंजीनियरिंग एक डिप्लोमा स्तर का कोर्स है जिसके बारे में बहुत कम छात्र जानते हैं। आइए आज के इस आर्टिकल में हम आपको सिरेमिक इंजीनियरिंग कोर्स के बारे में बताएंगे जो कि छात्र 10वीं करने के बाद आसानी से कर सकते हैं। सिरेमिक इंजीनियरिंग- टेक्नोलॉजी की एक उभरती हुई शाखा है जो कि सिरेमिक सामग्री के गुणों, निर्माण और डिजाइन पर केंद्रीत है।

 

सिरेमिक टेक्नोलॉजी का ये कोर्स उद्योगों, घरों, संस्थानों, कॉर्पोरेट घरानों और अन्य स्थानों में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के सिरेमिक सामानों को डिजाइन करने से संबंधित हैं। सिरेमिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा 3 साल की अवधि का एक कोर्स है जिसे छात्र 10 वीं कक्षा करने के बाद सकते हैं, इस कोर्स को अधिकांश संस्थान 6 सेमेस्टर में कवर करते हैं। जो कि प्रत्येक सेमेस्टर 6 महीने के बाद होता है।

पॉलिटेक्निक सिरेमिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स

सिरेमिक इंजीनियरिंग कोर्स क्या है?

सिरेमिक इंजीनियरिंग का ये कोर्स सामग्री विज्ञान के मूल को समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सिरेमिक उत्पादों के उत्पादन में शामिल सिरेमिक गुणों और प्रक्रियाओं को समझने में मदद करने के लिए ये कोर्स किया जाता है। सिरेमिक इंजीनियरिंग निर्माण स्थलों, एयरोस्पेस घरेलू एप्लाइंस और सजावटी वस्तुओं के निर्माण, देखभाल आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इसके इंपलीमेंटेशन का पता लगाता है।

 

यह कोर्स उन लोगों के लिए है जो सिरेमिक इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

इस कोर्स को करने के दौरान एक छात्र सिरेमिक सामग्री के डिजाइनिंग, निर्माण और विकास के बारे में सीखता है, साथ ही छात्र सिरेमिक सामग्री के केमिकल गुणों और निर्माण प्रक्रिया के को भी समझते व सीखते हैं।

सिरेमिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स: एडमिशन प्रोसेस

सिरेमिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्रवेश प्रक्रिया- भारत के पॉलिटेक्निक संस्थानों में सिरेमिक इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर या मेरिट लिस्ट पर आधारित किए जाता हैं।
उम्मीदवारों को संबंधित संस्थान के सिरेमिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा में एडमिशन लेने के लिए के एंट्रेंस एग्जाम और काउंसलिंग राउंड में उपस्थित होना आवश्यक है।

जो उम्मीदवार सिरेमिक इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स करने के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, वे सिरेमिक इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में बीटेक जैसे विषय में सीधे द्वितीय वर्ष प्रवेश ले सकते हैं।सिरेमिक प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम उपयुक्तता में डिप्लोमा

सिरेमिक इंजीनियरिंग कोर्स के लिए एलिजिबिलिटी

इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए उम्मीदवार को 10वीं कक्षा में साइंस और गणित के साथ प्रत्येक विषय में 35% अंकों के साथ पास होना आवश्यक है। साथ ही कक्षा 10वीं में उम्मीदवार के पास अंग्रेजी विषय भी होना जरूरी है।

सिरेमिक इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम की सूची

• अखिल भारतीय ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा
• अमृता स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
• अन्नामलाई विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
• अविनाशीलिंगम यूनिवर्सिटी फॉर वूमेन इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम
• बाबा गुलाम शाह बादशाह यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
• बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी एंट्रेंस
• दिल्ली सीईई 2011 संयुक्त इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
• गेट (इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा)
• गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
• भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान - संयुक्त प्रवेश परीक्षा
• जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
• संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी जेईई)
• मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
• एनईआरआईएसटी प्रवेश परीक्षा
• एनआईटी प्रवेश परीक्षा
• पेरियार मनियाम्मई विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा
• एसआरएम इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (एसआरएमईईई)
• तमिलनाडु कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (TANCET)
• यूपी राज्य प्रवेश परीक्षा
• विनायक मिशन विश्वविद्यालय - इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा

सिरेमिक इंजीनियरिंग परीक्षा में भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों की सूची

• अन्ना विश्वविद्यालय
• बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, प्रौद्योगिकी संस्थान
• सिरेमिक प्रौद्योगिकी कॉलेज,
• भारतीय सिरेमिक संस्थान
• पीडीए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
• क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज
• यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी
• यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी

सिरेमिक इंजीनियरिंग कॉलेज निम्न है

  • गुजरात टेक्नॉलोजी विश्वविद्यालय, अहमदाबाद
  • भारतीय सिरेमिक संस्थान, कोलकाता
  • गर्वमेंट पॉलिटेक्निक - झज्जर
  • उत्कलमणि गोपाबंधु इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग - यूजीईई, राउरकेला

सिरेमिक इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम का पैटर्न

इस परीक्षा के पेपर में 150 अंक होते हैं और इसमें 3 भाग होते हैं। वे हैं:
भाग I:
प्रश्न संख्या 1 से 20 तक प्रत्येक 1 अंक का होगा। (20 प्रश्न)
भाग II:
प्रश्न संख्या 21 से 75 तक प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक होंगे (55 प्रश्न)।
भाग III:
प्रश्न संख्या 76 से 85 तक प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक होंगे। ये लिंक्ड आंसर क्वेश्चन टाइप के होंगे।
प्रत्येक प्रश्न में 4 विकल्प होंगे। नकारात्मक उत्तर है और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 25% अंक काटे जाएंगे।

सिरेमिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद स्कोप

सिरेमिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा करने के बाद उम्मीदवार विभिन्न सरकारी क्षेत्रों या निजी क्षेत्रों में एक सिरेमिक इंजीनियर, प्रोडक्शन इंजीनियर, साइट इंजीनियर, सिरेमिक डिजाइनर एग्जीक्यूटिव आदि के रूप में नौकरी का विकल्प चुन सकते हैं।

सिरेमिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद जॉब प्रॉफाइल

• सेल्स एग्जीक्यूटिव
• प्रोडक्शन एंड मेंटेनेंस इंजीनियर
• साइट इंजीनिय
• सिरेमिक डिजाइनर
• सिरेमिक टेक्नोलॉजिस्ट
• क्वालिटी कंट्रोल एनालिस्ट
जिनका शुरुआती वेतन औसतन 2.40 से 4 लाख तक का सालाना होता है।

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English summary
This ceramic engineering course is designed to help you understand the basics of materials science. The course is taken to help you understand the ceramic properties and processes involved in the production of ceramic products. Ceramic engineering finds its implementation in various sectors like construction sites, aerospace household appliances and decorative items in manufacturing, care etc.
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