टैक्स मैनेजमेंट में पीजी प्रोग्राम कैसे करें, जानें फीस, जॉब, सैलरी और टॉप कॉलेजों के बारे में

पोस्ट ग्रेजुएट इन टैक्स मैनेजमेंट (कर प्रबंधन) 2 साल का डिग्री प्रोग्राम है, जिसे 4 सेमेस्टर में बांटा गया है। यह कोर्स कॉर्पोरेट कराधान के जटिल मुद्दों पर शोध और विश्लेषण करने की छात्रों की क्षमता को बढ़ाता है। इस कोर्स को करने के बाद छात्र आयकर रिटर्न दाखिल करने के विभिन्न अन्य रूपों के अलावा आयकर, बिक्री कर, सेवा कर, वैट, केंद्रीय उत्पाद शुल्क के बारे में जानने में सक्षम हो जाते हैं।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर टैक्स मैनेजमेंट में पीजी प्रोग्राम करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

टैक्स मैनेजमेंट में पीजी प्रोग्राम कैसे करें, जानें फीस, जॉब, सैलरी और टॉप कॉलेजों के बारे में

• कोर्स का नाम- पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट
• कोर्स का प्रकार- पोस्ट ग्रेजुएट
• कोर्स की अवधि- 2 साल
• पात्रता- स्नातक
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• अवरेज सैलरी- 4 से 9 लाख तक
• कोर्स फीस- 50,000 से 1.5 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- धन प्रबंधक, वित्तीय सलाहकार, कर सलाहकार, लेखाकार आदि।
• टॉप रिक्रूटर्स- कर प्रबंधन, कराधान, लेखा, कर परामर्श आदि।

 

पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट: पात्रता

  • उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार के स्नातक डिग्री में कुल मिलाकर कम से कम 60% अंक होने चाहिए।
  • उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेजों में सीट सुरक्षित करने के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा जैसे कैट, एक्सएटी और टीआईएसएसएनईटी में किसी एक को भी उत्तीर्ण करना चाहिए।
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों को अनिवार्य प्रक्रिया के रूप में पाठ्यक्रम कार्यक्रम में 5% छूट प्रदान की जाती है।

पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट: प्रवेश प्रक्रिया

किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट के लिए एडमिशन प्रोसेस कैट, एक्सएटी और टीआईएसएसएनईटी आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट: सिलेबस

पेपर 1

  • आयकर
  • धन कर
  • कराधान को प्रभावित करने वाले कानून

पेपर 2

  • केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम 1944
  • मूल्य वर्धित कर अधिनियम

पेपर 3

  • बहीखाता
  • लेखाकर्म
  • प्रबंधन लेखांकन

पेपर 4

  • उन्नत आयकर
  • कस्टम अधिनियम 1962
  • सेवा अधिनियम

पेपर 5

  • केंद्रीय बिक्री कर
  • राज्य लघु अधिनियम
  • कंपनी अधिनियम
  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम
  • परियोजनाओं
  • सलाम

पेपर 6

  • कौशल निर्माण गतिविधियां
  • अनिवार्य मूट
  • आलेखन पत्रिकाएं
  • क्षेत्र का दौरा

पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • विधि संकाय, बीएचयू- फीस 20,000
  • सिम्बायोसिस लॉ स्कूल- फीस 19,000
  • सिक्किम मणिपाल विश्वविद्यालय- फीस 54,000
  • वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय- फीस 40,000
  • एनएसओयू- फीस 9,300

पीजी प्रोग्राम इन टैक्स मैनेजमेंट: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • अकाउंटेंट- सैलरी 3 से 5 लाख तक
  • असिस्टेंट वेल्थ मैनेजर- सैलरी 3 से 6 लाख तक
  • फाइनेंशियल एडवाइजर- सैलरी 4 से 7 लाख तक
  • टैक्स कंस्लटेंट- सैलरी 2 से 8 लाख तक

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English summary
PG in Tax Management is a 2 year degree program divided into 4 semesters. This course enhances the student's ability to research and analyze complex issues of corporate taxation. After doing this course, students are able to learn about Income Tax, Sales Tax, Service Tax, VAT, Central Excise, apart from various other forms of filing Income Tax Returns.
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