पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज में करियर (PG Diploma in Tuberculosis and Chest)

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज एक से दो साल की अवधि का फुल टाइम कोर्स है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीजी डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर ये कोर्स किस लिए बनाया गया है, इसका सिलेबस क्या है। इसमें एडमिशन लेने के लिए क्या एलिजिबिलिटी होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी, सैलरी क्या होगी और इस कोर्स को करने के लिए भारत के टॉप कॉलेज कौन से हैं।

 

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज कोर्स में छात्रों को छाती से संबंधित बीमारियों के इलाज के बारे में ज्ञान प्रदान किया जाता है। यह कोर्स डॉक्टरों को उनके करियर में आगे बढ़ने और अस्पतालों या अनुसंधान केंद्रों में शामिल होने और विशेषज्ञ डॉक्टर, चिकित्सा सलाहकार या लैब सुपरवाइजर के रूप में काम करने में मदद करता है।

पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज में करियर

कोर्स का नाम- पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज
कोर्स का प्रकार- पीजी डिप्लोमा
कोर्स की अवधि- 2 साल
एलिजिबिलिटी- न्यूनतम 50% अंकों के साथ एलबीबीएस
एडमिशन प्रोसेस- मेरिट बेस्ड/ एंट्रेंस एग्जाम बेस्ड
कोर्स फीस- 60,000 से 5,00,000 तक
अवरेज सेलरी- सालाना 5,00,000 से 8,00,000 तक
जॉब प्रोफाइल- स्पेशलिस्ट डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर, एपिडिमियोलॉजिस्ट आदि।
जॉब फील्ड- हॉस्पीटल, रिसर्च सेंटर, पैथोलॉजी लैब्स आदि।

 

पीजी डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज: एलिजिबिलिटी

  • उम्मीदवार के पास मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से एमबीबीएस की डिग्री होना आवश्यक है।
  • एमबीबीएस की डिग्री में न्यूनतम 50% अंक होने अनिवार्य है।

पीजीडी इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज: एडमिशन प्रोसेस
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज में एडमिशन प्रोसेस कॉलेज से कॉलेज पर निर्भर करता है। इस कोर्स में एडमिशन ज्यादातर कॉलेज में नीट पीजी के स्कोर अनुसार होता है।

पीजीडी इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज कोर्स में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
चरण 1 उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं
चरण 2 ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें
चरण 3 आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है
चरण 4 क्रेडीट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें
चरण 5 फीस जमा होना के बाद आपके रजिस्ट्रड फोन नं या मेल आईडी पर मैसेज आ जाएगा।
चरण 6 रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी होने के कुछ दिन बाद एडमिट कार्ड जारी किया जाता है।

एडमिशन के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • पेन कार्ड
  • 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन के सर्टिफिकेट
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • डोमिसाइल

पीजी डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज: सिलेबस
फर्स्ट ईयर

  • साइंस ऑफ पलमोनरी मेडिसिन
  • प्रैक्टिस ऑफ पलमोनरी मेडिसिन
  • प्रिवेंटिव आसपेक्ट्स ऑफ टीबी
  • सोशल आस्पेक्ट्स अटैच्ड टू पलमोनरी
  • एडवांसमेंट इन पलमोनरी मेडिसिन
  • रिसर्च वर्क
  • वाइवा वोइस

सेकेंड ईयर

  • पलमोनरी एंड एक्स्ट्रा पल्मोनरी डिजीज
  • माइकोबैक्टीरियल डिजीज ऑफ लंग्स
  • डायग्नोस्टिक प्रोसिड्यूर
  • ऑब्सट्रक्टिव डिजीज ऑफ द लंग्स
  • हाइपोवेंटिलेशन सिंड्रोम एंड रिलेटेड डिसऑर्डर
  • रिसर्च (फाइनल)

पीजी डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • एजे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर- फीस 2,22000
  • अमृता स्कूल ऑफ मेडिसिन- फीस 3,50,000
  • आंध्र मेडिकल कॉलेज- फीस 2,73,500
  • आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी- फीस 15,000
  • बैंगलोर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट- फीस 27,500
  • बीजे मेडिकल कॉलेज- फीस 3,500
  • डॉ. डीवाई पाटिल मेडिकल कॉलेज- फीस 7,50,250
  • डॉ. डी वाई पाटिल विद्यापीठ- फीस 7,47,500
  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज- फीस 5,200
  • एम्स- फीस 2,000

पीजी डिप्लोमा इन ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज: जॉब प्रोफाइल और सैलरी पैकेज
सामान्य तौर पर, ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज में पीजी डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को प्रति वर्ष 2,00,000 से 7,00,000 तक की औसत सैलरी मिलती है।

  • स्पेशलिस्ट डॉक्टर- सैलरी 2 से 3 लाख तक
  • रिसर्चर- सैलरी 3 से 4 लाख तक
  • मेडिकल ऑफिसर- सैलरी 4 से 6 लाख तक
  • एपिडेमियोलॉजिस्ट- सैलरी 2 से 4 लाख तक
  • हेल्थ कंसल्टेंट- सैलरी 2 से 4 लाख तक
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English summary
In the Post Graduate Diploma in Tuberculosis and Chest Disease course, students are provided with knowledge about the treatment of diseases related to chest. This course helps doctors to advance in their career and join hospitals or research centers and work as specialist doctors, medical consultants or lab supervisors.
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