फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट में एमबीए कैसे करें, फीस, जॉब, सैलरी और टॉप कॉलेज

फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट में एमबीए 2 साल का पोस्टग्रेजुएट डिग्री कोर्स है जो ड्रग मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन मैनेजमेंट, फार्मास्युटिकल मार्केटिंग, ब्रांड मैनेजमेंट आदि जैसे क्षेत्रों में प्रबंधकीय स्तर के पदों के लिए कुशल पेशेवरों को तैयार करने पर केंद्रित है। यह कोर्स छात्रों को व्यवसाय विकास, बिक्री और विपणन, परामर्श और योजना और संचालन प्रबंधन जैसे विभिन्न आवश्यक कौशल प्रदान करता है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट में एमबीए करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट में एमबीए करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट में एमबीए कैसे करें, फीस, जॉब, सैलरी और टॉप कॉलेज

• कोर्स का नाम- एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट
• कोर्स का प्रकार- पोस्ट ग्रेजुएट
• कोर्स की अवधि- 2 साल
• पात्रता- स्नातक
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 1लाख से 10 लाख तक
• अवरेज सैलरी- 3 से 10 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, फार्मास्युटिकल परचेज मैनेजर, फॉर्मुलेशन फार्मास्युटिकल टेक्नोलॉजी साइंटिस्ट, सेल्स मैनेजर्स, कंसल्टेंट और प्रोजेक्ट मैनेजर, मार्केट रिसर्चर और एनालिस्ट आदि।
• जॉब फील्ड- रैनबैक्सी लैबोरेटरीज, डाबर इंडिया लिमिटेड, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्प, इंफोसिस, सिप्ला, एबट इंडिया, ल्यूपिन, सन फार्मा, डॉ रेड्डीज लैब, पीरामल आदि।

 

एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट: पात्रता

  • उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार के स्नातक डिग्री में कुल मिलाकर कम से कम 60% अंक होने चाहिए।
  • उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेजों में सीट सुरक्षित करने के लिए एमबीए सामान्य प्रवेश परीक्षा जैसे कैट, एक्सएटी, स्नैप, सीएमएटी में से किसी एक को उत्तीर्ण करना होगा।
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों को अनिवार्य प्रक्रिया के रूप में पाठ्यक्रम कार्यक्रम में 5% छूट प्रदान की जाती है।

एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट: प्रवेश प्रक्रिया

किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट के लिए एडमिशन प्रोसेस कैट, एक्सएटी, स्नैप और सीएमएटी आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें एफार्मास्युटिकल मैनेजमेंट में एमबीए का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

एमबीए में एडमिशन लेने के लिए प्रवेश परीक्षा की सूची

  • एमएटी (मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट)
  • कैट (कॉमन एडमिशन टेस्ट)
  • सीएमएटी (कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट)
  • एक्सएटी (जेवियर एप्टीट्यूड टेस्ट)
  • जीमैट (ग्रेजुएट मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट-विदेश)
  • एसएनएपी (सिम्बायोसिस नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट)
  • एन-एमएटी (नरसी मोनजी एप्टीट्यूड टेस्ट)
  • एमएच-सीईटी (महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट)
  • आईबीएसएटी (आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल प्रवेश परीक्षा)
  • आईआईएफटी (भारतीय विदेश व्यापार संस्थान)
  • एटीएमए (प्रबंधन प्रवेश के लिए एआईएमएस टेस्ट)
  • टीएएनसीईटी (तमिलनाडु कॉमन एंट्रेंस टेस्ट)
  • एएमयू सीएटी (अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय)
  • अमृता (अमृता विश्व विद्यापीठम)
  • बीएमएटी (भारती विद्यापीठ मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट)
  • एफएमएस (प्रबंधन अध्ययन संकाय)
  • आईसीईटी (एपी आईसीईटी - इंटीग्रेटेड कॉमन एंट्रेंस टेस्ट)
  • केएमएटी (कर्नाटक मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट)
  • एमआईसीए (मुद्रा संचार संस्थान, अहमदाबाद प्रवेश परीक्षा)
  • ओपनमैट (इग्नू ओपनमैट एमबीए एंट्रेंस एग्जाम)
  • आरएमएटी (राजस्थान प्रबंधन योग्यता परीक्षा)
  • एसआरएमसीएटी (एसआरएम कॉमन एडमिशन टेस्ट)
  • एचपीसीएटी (हिमाचल प्रदेश कंबाइंड एप्टीट्यूड टेस्ट)
  • यूपीएसईई (यूपी राज्य प्रवेश परीक्षा)

एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट: सिलेबस

सेमेस्टर 1

  • प्रबंधन में मात्रात्मक तकनीक
  • प्रबंधकीय अर्थशास्त्र
  • प्रबंधकीय लेखांकन
  • प्रबंधकीय संचार
  • संगठनात्मक व्यवहार
  • प्रबंधन के सिद्धांत
  • प्रबंधन में कंप्यूटर अनुप्रयोग
  • संचारी अंग्रेजी: प्रयोगशाला 1

सेमेस्टर 2

  • व्यापारिक वातावरण
  • लागत और प्रबंधन लेखा
  • विपणन प्रबंधन
  • वित्तीय प्रबंधन
  • उत्पादन और संचालन प्रबंधन
  • मानव संसाधन प्रबंधन
  • व्यापार अनुसंधान पद्धति
  • संचारी अंग्रेजी: प्रयोगशाला 2

सेमेस्टर 3

  • रणनीतिक प्रबंधन
  • फार्मास्युटिकल प्रबंधन सूचना प्रणाली
  • शरीर रचना
  • फिजियोलॉजी और फार्माकोलॉजी
  • फार्मास्युटिकल व्यवसाय के कानूनी पहलू
  • फार्मास्युटिकल बहुराष्ट्रीय प्रबंधन
  • व्यक्तित्व विकास प्रयोगशाला 1

सेमेस्टर 4

  • उद्यमिता और नवाचारों का प्रबंधन
  • प्रबंधन नियंत्रण प्रणाली
  • कॉर्पोरेट प्रशासन और व्यापार नैतिकता
  • फार्मास्युटिकल अग्रिम मानव संसाधन प्रबंधन
  • फार्मास्युटिकल प्रबंधन अनुसंधान परियोजना
  • प्रायोगिक कार्यः व्यक्तित्व विकास प्रयोगशाला 2

एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • एसपीजेआईएमआर मुंबई- फीस 8,75,000
  • एसआईबीएम पुणे- फीस 7,68,000
  • एनएमआईएमएस मुंबई- फीस 9,25,000
  • एलायंस यूनिवर्सिटी, बैंगलोर- फीस 6,25,000
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा- फीस 3,40,000
  • एलपीयू जालंधर- फीस 3,04,000
  • चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, चंडीगढ़- फीस 1,80,000
  • एनआईएमएस विश्वविद्यालय, जयपुर- फीस 60,000
  • हिट्स, चेन्नई- फीस 2,53,000

एमबीए इन फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • बिजनेस डेवलेपमेंट मैनेजर- सैलरी 3,50,000
  • मार्केट रिसर्चर एंड ड्रग डेवलेपर- सैलरी 4,50,000
  • सेल्स मैनेजर- सैलरी 4,00,000
  • ड्रग डिस्ट्रिब्यूशन मैनेजर- सैलरी 4,00,000
  • फार्मास्युटिकल प्रचेज मैनेजर- सैलरी 3,50,000

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English summary
MBA in Pharmaceutical Management is a 2 year postgraduate degree course focused on preparing skilled professionals for managerial level positions in areas such as Drug Manufacturing, Production Management, Pharmaceutical Marketing, Brand Management etc. This course provides students with various essential skills such as business development, sales and marketing, consulting and planning and operations management.
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