इंटीरियर डिजाइन में एमबीए कैसे करें, फीस, जॉब, सैलरी और टॉप कॉलेज

इंटीरियर डिजाइन में एमबीए दो वर्षीय पीजी कोर्स है जो विशेष रूप से उन उम्मीदवारों के लिए तैयार किया गया है जो इंटीरियर डिजाइनिंग उद्योग में अपना करियर आगे बढ़ाना चाहते हैं। यह मैनेजमेंट और इंटीरियर डिजाइन का इंटीग्रेटेड कोर्स है। यह कोर्स आवासीय और वाणिज्यिक स्थानों के अंदरूनी हिस्सों को डिजाइन और हेरफेर करने में शामिल अवधारणाओं और प्रक्रियाओं पर आधारित है।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर इंटीरियर डिजाइन में एमबीए करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में इंटीरियर डिजाइन में एमबीए करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

इंटीरियर डिजाइन में एमबीए कैसे करें, फीस, जॉब, सैलरी और टॉप कॉलेज

• कोर्स का नाम- एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन
• कोर्स का प्रकार- पोस्ट ग्रेजुएट
• कोर्स की अवधि- 2 साल
• पात्रता- स्नातक
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 80,000 से 2.50 लाख तक
• अवरेज सैलरी- 8 लाख
• जॉब प्रोफाइल- उद्यमी, इंटीरियर डिज़ाइनर, डिज़ाइन सलाहकार, इंटीरियर डेकोरेटर, सीएडी डिज़ाइनर, लाइटिंग डिज़ाइनर, फ़्रीलांस डिज़ाइनर, स्पेस प्लानर, रिटेल डिज़ाइन आर्किटेक्ट, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, प्रदर्शनी आयोजक आदि।
• जॉब फील्ड- इंटीरियर डिजाइनिंग फर्म, फर्नीचर डिजाइन कंपनियां, होम डेकोर कंपनियां, फ्रीलांस प्रोजेक्ट्स, कंस्ट्रक्शन कंपनियां, हॉस्पिटल डिजाइन, हॉस्पिटैलिटी इस्टैब्लिशमेंट डिजाइन आदि।

 

एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन: पात्रता

  • उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार के स्नातक डिग्री में कुल मिलाकर कम से कम 60% अंक होने चाहिए।
  • उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेजों में सीट सुरक्षित करने के लिए एमबीए सामान्य प्रवेश परीक्षा जैसे कैट, एक्सएटी, स्नैप, सीएमएटी में से किसी एक को उत्तीर्ण करना होगा।
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों को अनिवार्य प्रक्रिया के रूप में पाठ्यक्रम कार्यक्रम में 5% छूट प्रदान की जाती है।

एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन: प्रवेश प्रक्रिया

किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन के लिए एडमिशन प्रोसेस कैट, एक्सएटी, स्नैप और सीएमएटी आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें इंटीरियर डिजाइन में एमबीए का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन: सिलेबस

सेमेस्टर 1

  • प्रबंधन और संगठन व्यवहार
  • प्रबंधकीय अर्थशास्त्र
  • प्रबंधकों के लिए लेखांकन
  • विपणन प्रबंधन
  • कारोबारी माहौल और कॉरपोरेट गवर्नेंस
  • प्रबंधकीय संचार
  • डिजाइन और ड्राइंग प्रैक्टिकल का परिचय

सेमेस्टर 2

  • मानव संसाधन प्रबंधन
  • वित्तीय प्रबंधन
  • व्यापार अनुसंधान के तरीके
  • बुमास्टिक्स
  • प्रबंधन सूचना प्रणाली
  • सामरिक प्रबंधन और व्यापार कानून
  • कंप्यूटर एडेड आंतरिक डिजाइन

सेमेस्टर 3

  • उद्यमिता विकास
  • संचालन अनुसन्धान
  • ग्राहक संबंध प्रबंधन
  • निर्माण सामग्री
  • निर्माण विवरण
  • आंतरिक अंतरिक्ष योजना
  • आंतरिक सेवाएं

सेमेस्टर 4

  • सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन
  • सेवा विपणन
  • इंटीरियर डिजाइन में अनुमान और लागत
  • निर्माण प्रबंधन में व्यावसायिक अभ्यास
  • परियोजना

एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • कैरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी, कोटा- फीस 1.6 लाख
  • वोग इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, बैंगलोर- फीस 2.5 लाख
  • एमिटी ग्लोबल बिजनेस स्कूल, नोएडा- फीस 3.9 लाख
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर- फीस 2.32 लाख
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन, चंडीगढ़- फीस 1.5 लाख
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन एंड इवेंट्स, आगरा- फीस 1-2 लाख
  • पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, उदयपुर- फीस 8-9 लाख
  • इंटरनेशनल स्कूल ऑफ डिजाइनिंग नोएडा- फीस 2-3 लाख
  • पनाचे इंटरनेशनल स्कूल ऑफ़ डिज़ाइनिंग, मुंबई- फीस 9-11 लाख

एमबीए इन इंटीरियर डिजाइन: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • इंटीरियर डिजाइन- सैलरी 5 लाख
  • स्पेस प्लेनर- सैलरी 4 लाख
  • फर्निचर डिजाइनर- सैलरी 6 लाख
  • डिजाइन कंस्लटेंट- सैलरी 4 लाख
  • किचन डिजाइनर- सैलरी 4 लाख

यह खबर पढ़ने के लिए धन्यवाद, आप हमसे हमारे टेलीग्राम चैनल पर भी जुड़ सकते हैं।

Career Tips: काम को बेहतर बनाने के लिए गांठ बांध लें ये 7 बात

Electronics Business Tips: कैसे शुरू करें इलेक्ट्रॉनिक्स का व्यवसाय, जानिए बेस्ट टिप्स

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

English summary
MBA in Interior Design is a two year PG course specially designed for the candidates who want to pursue their career in the interior designing industry. It is an integrated course of Management and Interior Design. This course is based on the concepts and processes involved in designing and manipulating the interiors of residential and commercial spaces.
--Or--
Select a Field of Study
Select a Course
Select UPSC Exam
Select IBPS Exam
Select Entrance Exam
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X