क्लीनिकल रिसर्च में एमबीए कैसे करें, फीस, जॉब, सैलरी और टॉप कॉलेज

एमबीए क्लीनिकल रिसर्च एक शोध संगठन के क्लिनिकल रिसर्च पार्ट के साथ-साथ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन पर केंद्रित है। यह 2 वर्षीय पीजी कोर्स चिकित्सा विज्ञान और मानव स्वास्थ्य सेवा के इर्द-गिर्द घूमता है जो दवाओं और दवाओं की दक्षता सुनिश्चित करता है। जो उम्मीदवार कोर्स के लिए नामांकन करना चाहते हैं, उन्हें कम से कम 50% अंकों के साथ मेडिकल साइंस में स्नातक की डिग्री पूरी करनी होगी।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर एयरपोर्ट मैनेजमेंट में एमबीए करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में क्लीनिकल रिसर्च में एमबीए करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

क्लीनिकल रिसर्च में एमबीए कैसे करें, फीस, जॉब, सैलरी और टॉप कॉलेज

• कोर्स का नाम- एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च
• कोर्स का प्रकार- पोस्ट ग्रेजुएट
• कोर्स की अवधि- 2 साल
• पात्रता- स्नातक
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- लगभग 70,000
• अवरेज सैलरी- 2.50 लाख
• जॉब प्रोफाइल- क्लिनिकल रिसर्च एनालिस्ट, रिसर्च एसोसिएट, रिसर्च मैनेजर, प्रोफेसर और रिसर्चर आदि।
• जॉब फील्ड- अस्पताल, चिकित्सा कंपनियां, फार्मास्यूटिकल्स और नैदानिक अनुसंधान संगठन आदि।

 

एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च: पात्रता

  • उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय सें स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार के स्नातक डिग्री में कुल मिलाकर कम से कम 60% अंक होने चाहिए।
  • उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेजों में सीट सुरक्षित करने के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा जैसे कैट, एक्सएलआरआई एक्सएटी, स्नैप, आईआईएफटी, सीएमएटी को भी उत्तीर्ण करना चाहिए।
  • ओबीसी, एससी और एसटी जैसे आरक्षित वर्ग के छात्रों को एमबीए क्लीनिकल रिसर्च में दाखिले के लिए मांगे गए प्रतिशत में 5 फीसदी की छूट मिलती है।

एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च: प्रवेश प्रक्रिया

किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में एमबीए इन एयरपोर्ट मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है
चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च के लिए एडमिशन प्रोसेस कैट, मैट, एक्सएटी, सीएमएटी आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च: सिलेबस

सेमेस्टर 1

  • वित्तीय प्रबंधन
  • विपणन प्रबंधन
  • मानव संसाधन प्रबंधन
  • व्यापारिक वातावरण
  • संगठनात्मक प्रभावशीलता

सेमेस्टर 2

  • प्रबंधन सूचना प्रणाली
  • आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन
  • व्यवसाय के कानूनी पहलू
  • उद्यमिता विकास

सेमेस्टर 3

  • फार्माकोविजिलेंस और क्लिनिकल डेटा प्रबंधन
  • क्लिनिकल रिसर्च प्रोजेक्ट मैनेजमेंट

सेमेस्टर 4

  • कॉर्पोरेट नीतियां और सामरिक प्रबंधन
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर्यावरण

एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • क्लिनिकल रिसर्च एजुकेशन एंड मैनेजमेंट एकेडमी, बैंगलोर- फीस 2,50,000
  • इंस्टीट्यूट ऑफ क्लिनिकल रिसर्च इंडिया, मुंबई- फीस 1,25,000
  • क्लिनिमाइंड्स- फीस 33,000
  • इंस्टीट्यूट ऑफ क्लिनिकल रिसर्च इंडिया, दिल्ली- फीस 2,00,000
  • इंस्टीट्यूट ऑफ क्लिनिकल रिसर्च इंडिया, बैंगलोर- फीस 2,13,000
  • एनोवस इंस्टीट्यूट ऑफ क्लिनिकल रिसर्च- फीस 80,000
  • एपीजे स्वरान इंस्टीट्यूट फॉर बायोसाइंस एंड क्लिनिकल रिसर्च- फीस 1,65,000
  • इंस्टीट्यूट ऑफ क्लिनिकल रिसर्च इंडिया, जयपुर- फीस 2,60,000

एमबीए इन क्लीनिकल रिसर्च: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • रिसर्च मैनेजर- सैलरी 9,68,000
  • रिसर्च असोसिएट- सैलरी 4,50,000
  • क्लिनिकल रिसर्च एनालिस्ट- सैलरी 3,88,000
  • प्रोफेसर- सैलरी 4,00,000
  • क्लिनिकल डेटा एनालिस्ट- सैलरी 5,15,000

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English summary
MBA Clinical Research is a 2 year PG course which revolves around medical science and human healthcare and ensuring the efficacy of drugs. Candidates who wish to enroll for the course must have completed their Bachelor's degree in Medical Science with at least 50% marks.
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