Career in LLM Environmental Law 2023: एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ में कैसे बनाएं करियर

एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ 2 साल की अवधि का पीजी लेवल का कोर्स है, जो की पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्वपूर्ण उपयोग के लिए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे को शामिल करता है। इस कोर्स के दौरान छात्रों को पर्यावरण कानून से संबंधित विषयों के बारे में पढ़ाया जाता है जैसे कि जल कानून, व्यवसाय और व्यापार, प्रदूषण के विभिन्न रूप, भूमि के मुद्दों, पर्यावरण न्याय आदि।

 

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी से अवगत कराएंगे कि आखिर एनवायरमेंटल लॉ में एलएलएम करने के लिए एलिजिबिलिटी क्या होनी चाहिए। इसका एडमिशन प्रोसेस क्या है, इसके लिए प्रमुख एंट्रेंस एग्जाम कौन से हैं, इसे करने के बाद आपके पास जॉब प्रोफाइल क्या होंगी और उनकी सैलरी क्या होगी। भारत में एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ कोर्स करने के लिए टॉप कॉलेज कौन से हैं और उनकी फीस क्या है।

Career in LLM Environmental Law 2023: एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ में कैसे बनाएं करियर

• कोर्स का नाम- एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ
• कोर्स का प्रकार- पोस्ट ग्रेजुएशन
• कोर्स की अवधि- 2 साल
• पात्रता- ग्रेजुएशन+एलएलबी, बीएएलएलबी
• एडमिशन प्रोसेस- एंट्रेंस एग्जाम
• कोर्स फीस- 23,000 से 1.66 लाख तक
• अवरेज सैलरी- 2 से 5 लाख तक
• जॉब प्रोफाइल- कानूनी सलाहकार, अधिवक्ता, कानूनी परामर्शदाता, लीगल एसोसिएट, लीगल असिस्टेंट मैनेजर, लॉ ऑफिसर आदि।
• जॉब फील्ड- सरकारी संगठन, कानून फर्म, न्यायालय, पर्यावरण एजेंसियां आदि।

 

एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ: पात्रता

  • उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन+ एलएलबी या बीएएलएलबी में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार के एलएलबी डिग्री में कुल मिलाकर कम से कम 60% अंक होने चाहिए।
  • उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेजों में सीट सुरक्षित करने के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा जैसे क्लैट-पीजी/एआईएलईटी/डीयू एलएलएम/एमएचसीईटी कानून/एलएसएटी में किसी एक को भी उत्तीर्ण करना चाहिए।
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों को अनिवार्य प्रक्रिया के रूप में पाठ्यक्रम कार्यक्रम में 5% छूट प्रदान की जाती है।

एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ: प्रवेश प्रक्रिया

किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, उम्मीदवारों को एंट्रेंस एग्जाम देने की आवश्यकता होती है। एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के बाद पर्सनल इंट्रव्यू होता है और यदि उम्मीदवार उसमें अच्छा स्कोर करते हैं, तो उन्हें स्कोलरशिप भी मिल सकती है।

एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ के लिए भारत के टॉप कॉलेजों द्वारा अपनाई जाने वाली एडमिशन प्रोसेस निम्नलिखित है

चरण 1: रजिस्ट्रेशन

  • उम्मीदवार ऑफिशयल वेबसाइट पर जाएं।
  • ऑफिशयल वेबसाइट पर जाने के बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवेदन फॉर्म को भरने के बाद ठीक तरह से जांच लें यदि फॉर्म में गलती हुई तो वह रिजक्ट हो सकता है।
  • मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन पत्र सबमिट करें।
  • क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन फॉर्म की फीस जमा करें।

चरण 2: एंट्रेंस एग्जाम

  • यदि उम्मीदवार एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ में एडमिशन लेने के लिए टॉप यूनिवर्सिटी का लक्ष्य रखते हैं, तो उनके लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रेक करना अत्यंत आवश्यक है। जिसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं। जिसमें की एंट्रेंस एग्जाम से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है जैसे कि एग्जाम कब और कहां होगा, आदि।
  • बता दें कि एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ के लिए एडमिशन प्रोसेस क्लैट-पीजी/एआईएलईटी/डीयू एलएलएम/एमएचसीईटी कानून/एलएसएटी आदि जैसे एंट्रेंस एग्जाम पर निर्भर करती है। योग्य उम्मीदवारों का चयन आगे इंट्रव्यू के आधार पर किया जाता है।
Career in LLM Environmental Law 2023: एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ में कैसे बनाएं करियर

चरण 3: एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट
एंट्रेंस एग्जाम हो जाने के कुछ दिन बाद उसका रिजल्ट घोषित किया जाता है जिसके लिए, छात्रों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल की जांच करके खुद को अपडेट रखना चाहिए।

चरण 4: इंट्रव्यू एंड एनरोलमेंट

  • एंट्रेंस एग्जाम में पास होने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी द्वारा इंट्रव्यू में उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा - या तो ऑनलाइन (स्काइप, गूगल मीट, ज़ूम) या ऑफ़लाइन छात्रों को यूनिवर्सिटी परिसर में बुलाकर।
  • इस दौरान, अन्य सभी एलिजिबिली क्राइटेरिया को क्रॉस चेक किया जाता है और यदि छात्र इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें एनवायरमेंटल लॉ में एलएलएम का अध्ययन करने के लिए एडमिशन दिया जाता है।

एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ: सिलेबस

  • मॉड्यूल I प्रकृति और पर्यावरण कानून का दायरा
  • मॉड्यूल II अंतर्राष्ट्रीय कानून और पर्यावरण संरक्षण
  • मॉड्यूल III भारत में पर्यावरण कानून का इतिहास और विकास
  • मॉड्यूल IV भारतीय संविधान के तहत पर्यावरण की सुरक्षा
  • मॉड्यूल V पर्यावरण संरक्षण और सामान्य नागरिक और आपराधिक कानून
  • मॉड्यूल VI भारत में जल, वायु और पर्यावरण का संरक्षण
  • मॉड्यूल VII वन, वन्य जीवन और जैव विविधता का संरक्षण
  • मॉड्यूल VIII पर्यावरण कानून में उभरते मुद्दे

एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ: टॉप कॉलेज और उनकी फीस

  • तमिलनाडु डॉ अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु- फीस 23,400
  • हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर- फीस 77,000
  • राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और न्यायिक अकादमी, असम- फीस 1,54,500
  • टेरी यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली- फीस 1,66,000

एलएलएम एनवायरमेंटल लॉ: जॉब प्रोफाइल और सैलरी

  • एनजीटी लॉ क्लर्क- सैलरी 3.60 लाख
  • लीगल एडवाइजर- सैलरी 1.80 से 4 लाख तक
  • लीगल काउंसिल- सैलरी 4 लाख
  • असोसिएट (लीगल)- सैलरी 4 से 5 लाख तक
  • एनवायरमेंट एडवोकेट- सैलरी 1.80 से 4 लाख तक

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English summary
LLM Environmental Law is a PG level course of 2 years duration, which covers the local and international legal framework for environmental protection, climate change protection and sustainable use of natural resources. In this course, topics related to environmental law are taught such as water law, business and trade, different forms of pollution, land issues, environmental justice etc.
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