Career In Law Fashion Legal Specialization: हाल में क्लैट परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ है। इस परीक्षा से देश भर की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में कानून की पढ़ाई के लिए प्रवेश मिलता है। अगर आप भी कानून की पढ़ाई कर रहे हैं और कुछ अलग करना चाहते हैं तो अब इस क्षेत्र में पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा भी कई विकल्प हैं। इन दिनों फैशन लॉ एक नए अवसर के रूप में सामने आ रहा है।

केंद्र सरकार टैक्सटाइल उद्योग को 2025 तक 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना चाहती है। फैशन व लग्जरी कंपनियां हों या फिर स्टार्टअप्स अपने ब्रांड व ट्रेडमार्क की सुरक्षा के लिए उन्हें वकीलों की जरूरत पड़ती है। ये कंपनियां इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट, ग्राहकों व बाहरी पार्टियों से कानूनी लड़ाई के लिए वकीलों को हायर करती हैं। इसके अलावा फैशन डिजाइनर्स, मॉडल्स, फोटोग्राफर्स आदि के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी फैशन लॉ के पेशेवरों की मांग बढ़ने लगी है।
फैशन लॉ में सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स
इस फील्ड में कॅरिअर तलाशने वाले युवाओं को लॉ की डिग्री के अलावा किसी अन्य कोर्स की जरूरत नहीं है। हालांकि फैशन लॉ में बढ़ते पेशेवरों की मांग को देखते हुए इस फील्ड में सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स, सेमिनार आदि कराए जाने लगे हैं। उदारण के तौर पर पिछले वर्ष डॉ राममनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी लखनऊ ने फैशल लॉ पर एक ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स कराया था। निजी संस्थाएं भी कोर्स कराने लगी हैं।
350 बिलियन डॉलर का उद्योग
कानूनी बदलावों के बारे में अपडेट रहें। किसी वकील के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी कानून में हुए संशोधन से वह खुद को अपडेट रखे। ताकि किसी भी केस को लड़ते हुए अपने पक्ष को मजबूती से रख सके। खुद को अपडेट रखने के लिए एक्सपर्ट यह सलाह देते हैं कि प्रैक्टिशनर को खुद का ब्लॉग लिखना चाहिए। ब्लॉग लिखते हुए रिसर्च की प्रक्रिया में ब्लॉगर नए कानूनों, संशोधनों के बारे में अपडेट रहता है।
इस फील्ड से जुड़े कानूनी केस व विवादों की समझ भी जरूरी
इस क्षेत्र से जुड़ने से पहले उसके मुख्य केसेस की रीडिंग करें। इसके अलावा इस उद्योग से जुड़े पेशेवरों के अधिकारों से जुड़ी समस्याएं व उनके निवारण की समझ होनी चाहिए। इस उद्योग में लॉ प्रैक्टिस के लिए अधिक भाषा जानने वाले उम्मीदवारों को फायदा मिलता है।


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