बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन- बीएलएड शिक्षक फील्ड का कोर्स है। इस कोर्स करने के बाद आप टीचर/शिक्षक बन सकते हैं। बीएलएड अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है। ये 4 साल की अवधी का कोर्स है। इसमें आप 6 साल से 12 साल तक के बच्चों को पढ़ा सकते हैं। जो भी छात्र टीचिंग फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते है ये उन छात्रों के लिए एक अच्छा कोर्स है। बीएलएड की डिग्री छात्र कक्षा 12वीं के बाद से आसानी से कर सकते हैं। बस आपको कोर्स की योग्यता से जुड़ी जानकारी होनी जरूरी है। इसके साथ- साथ इसकी प्रवेश प्रक्रिय और कोर्स से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी भी आपके लिए जानना जरूरी है। बीएलएड छात्र छोटें बच्चों के मन को समझने, उनके विकास और शुरुआती शिक्षा के सभी मूल सिद्धांतों के बारे में ज्ञान देता है। बीएलएड के छात्रों को बच्चों को कैसे संभालना, सीखाना और पढ़ाना है, इसके बारे में सीखाया जाता है। साथ ही इतने छोटे बच्चों को पढ़ाई की ओर कैसे आकर्षित किया जाए और किस तरह से कार्यक्रमों का निर्माण किया जाए ताकी उसके माध्यम से वह आसानी से बच्चों का ध्यान पढ़ाई की ओर केंद्रित कर सकें।

बीएलएड कोर्स फेज
बीएलएड कोर्स को दो फेजों में बांटा गया है। पहला फेज वो है जिसमें छात्रों को शुरू के तीन साल तक थ्योरी विषय और लेक्चर के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।
बीएलएड कोर्स फेज 2 में छात्रों को कोर्स के आखिरी बचे साल में प्राक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है जिसमें वह स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं।
बीएलएड के लिए योग्यता
बैचलर ऑफ एलिमेंट्री एजुकेशन- बीएलएड के लिए आवेदन करने से पहले छात्रों को ये जानना जरूरी है कि इस कोर्स के लिए क्या योग्यता चाहिए।
• बीएलएड में प्रेवश लेने के लिए छात्रों को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 12वीं पास होना जरूरी है।
• कक्षा 12वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए तभी वह छात्र कोर्स के लिए योग्य माना जाएगा।
बीएलएड कोर्स के लिए स्किल्स
1. कम्युनिकेशन स्किल्स
2. क्रिएटिविटी
3. अच्छी ऑर्गेनाइजेशनल स्किल्स
4. प्रॉब्लम सॉल्विंग
5. फ्लैक्सिबिलिटी
6. क्रिटिकल थिंकिंग की क्षमता
7. ईंथुसिआजम
बीएलएड प्रवेश प्रक्रिया
बीएलएड करने के लिए छात्रों को प्रवेश परिक्षा में हिस्सा लेना होगा। बीएलएड के लिए प्रवेश परीक्षा दो स्तर पर होती हैं। नेशनल और कॉलेज या संस्थान/ विश्वविद्यालय स्तर पर।
विश्वविद्यालय स्तर पर प्रवेश परीक्षा के लिए छात्र अपनी पसंद के संस्थान के लिए उसकी आधिकारीक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
नेशनल स्तर प्रवेश परीक्षा मान्यता प्राप्त सभी संस्थानो के लिए होती है। इसमें प्रवेश परीक्षा के बाद एक रैंक लिस्ट निकाली जाती है जिसमें छात्र अपनी पास रैंकिंग के अनुसार कॉलेज और संस्थानों में दाखिला लेते हैं।
बीएलएड सिलेबस
बीएलएड सिलेबस को दो भागों में बांटा गया है। थ्योरी और प्राक्टिकल विषयों में। इससे छात्रों की समझ और ज्ञान को अच्छे से बढ़ाया जा सकता है।
थ्योरी विषय
1. फाउंडेशन कोर्सेस
2. कोर कोर्सेस
3. पेडगॉजी कोर्सेस
4. लिबरल कोर्सेस
5. स्पेशलाइज्ड कोर्स इन एजुकेशन
प्राक्टिकल विषय
1. परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट
2. क्राफ्ट एंड फिजिकल एजुकेशन
3. ऑब्जर्विंग चिल्ड्रन
4. स्कूल कांटेक्ट प्रोग्राम
5. सेल्फ डेवलपमेंट वर्कशॉप
6. क्लासरूम मैनेजमेंट एंड मटीरियल डेवलपमेंट
7. अकैडमी एनरिच्मेंट एक्टिविटीज
8. ट्यूटोरियल
9. स्टोरीटेलिंग एंड चिल्ड्रन लिटरेचर
10. स्कूल इंटर्नशिप
11. प्रोजेक्ट
बीएलए़़ड के बाद करियर
बीएलएड कोर्स पूरा करने वाले छात्र प्राथमिक स्कूल (एलिमेंट्री स्कूल) में पढ़ाने योग्य माने जाते हैं। इन छात्रों के पास नौकरी के कई अवसर होते हैं क्योंकी यह सरकारी के साथ- साथ प्राइवेट स्कूल में भी पढ़ाने के लिए योग्य माने जाते हैं और इसके साथ ही ट्यूशन भी दें सकते हैं।
बीएलएड छात्र इन क्षेत्रों में नौकरी कर सकते हैं
बीएलएड करने के बाद छात्र नीचे दिए गए इन क्षेत्रों में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
स्कूल
नर्सरी
डे- केयर
ट्यूशन
बीएलएड करने के बाद छात्र कई रोल के लिए आवेदन कर सकते हैं वह रोल है-
1. टीचर ट्यूटर
2. स्टूडेंट काउंसलर
3. करिकुलम डेवलपर
4. करियर काउंसलर
5. कंटेंट राइटर एंड रिपेयर


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