12वीं के बाद बीए इन रूरल डेवलपमेंट में करियर (Career in BA Rural Development after 12th)

बैचलर ऑफ आर्ट्स इन रूरल डेवलपमेंट- बीए रूरल डेवलपमेंट 3 साल का अंडपग्रेजुएट प्रोग्राम है। इसे सेमेस्टर सिस्टम के तरह 6 सेमेस्टर में बांटा गया है। छात्र कक्षा 12वीं करने के बाद बीए रूरल डेवलपमेंट कोर्स में कर सकते है। इसका उद्देश्य है कि एक प्रोफेशनल्स के तौर पर ग्रामीणों की सहायता की जाए और इसके साथ उनके जीवन और आर्थिक कल्याण को ध्यान में रख कर सहायता दी जाती। बीए रूरल डेवलपमेंट करने के बाद छात्र आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन कर सकता है और चाहे तो वह नौकरी भी कर सकता है। छात्रों के लिए रूरल डेवलपमेंट के क्षेत्र में कई ऑप्शन है। वह इस क्षेत्र में करियर बना कर सालाना 2 से 8 लाख रुपए तक कमा सकते हैं। इस कोर्स की फीस 3 हजार से शुरू होकर 50 हजार तक जा सकती है। कोर्स फीस संस्थान आधारित होती है। सरकारी कॉलेज के मुकाबले प्राइवेट कॉलेज की फीस अधिक होती है। कोर्स की फीस उस कॉलेज की रैंकिंग पर भी आधारित होती है।

 
12वीं के बाद बीए इन रूरल डेवलपमेंट में करियर (Career in BA Rural Development after 12th)

बीए रूरल डेवलपमेंट योग्यता

बीए रूरल डेवलपमेंट कोर्स में दाखिला लेने के लिए आपको किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 12वीं पास होना आवश्क है।

कक्षा 12वीं में आपके कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए।

आरक्षित श्रेणी वालों को 5 प्रतिशत अंको की छुट दी जाएगी यानी आरक्षित श्रेणी वाले छात्रों को कक्षा 12वीं कम से कम 45 प्रतिशत अंको के साथा पास करनी होगी, तभी वे लोग कोर्स के लिए योग्य माने जाएंगे।

बीए रूरल डेवलपमेंट प्रवेश प्रक्रिया

बीए रूरल डेवलपमेंट में दाखिला छात्र मेरिट लिस्ट के आधार भी ले सकते हैं और प्रवेस परिक्षा के आधार पर भी। मेरिट लिस्ट के आधार पर दाखिला लेने के लिए छात्रों के कक्षा 12वीं में अच्छे अंक होने चाहिए। ताकि कॉलेज द्वारा बनाई कट ऑप लिस्ट में वह शामिल हो सके। प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिला लेने के लिए छात्रों को कॉलेज या विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली प्रवेश परीक्षा में भाग लेना होगा। पास हुए छात्रों को उनकी रैंकिंग के आधार पर कोर्स में दाखिला मिल पाएगा।

 

प्रवेश परीक्षा के नाम

बीएचयू यूईटी
जेएमआईईई
सीयूईटी
डीयूईटी
जेएनयूईई

बीए रूरल डेवलपमेंट सिलेबस

बीए रूरल डेवलपमेंट कोर्स 3 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है। इस कोर्स को सेमेस्टर सिस्टम के अनुसार बांटा गया है। एक साल में दो सेमेस्टर पढ़ाए जाते है यानी 3 साल में 6 सेमेस्टर। जिनका सिलेबस इस प्रकार है।

सेमेस्टर 1

कांसेप्ट ऑफ डेवलपमेंट एंड ग्रोथ
स्कोप ऑफ रूरल डेवलपमेंट एग्रीकल्चर एंड इकोनामिक डेवलपमेंट
रूरल इंडस्ट्राइलाइजेशन
इंर्पोटेंट इश्यू आफ रूरल डेवलपमेंट

सेमेस्टर 2

इकोनॉमिक्स स्ट्रक्चर ऑफ रूरल इंडिया
रूरल इकोनामी ऑफ इंडिया
पैराडिगाम ऑफ रूलर डेवलपमेंट
एंप्लॉयमेंट एंड अंडरइंप्लॉयमेंट इन रूरल एरिया
सोशल सेक्टर ऑफ रूरल इंडिया

सेमेस्टर 3

रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम इन इंडिया, रूरल सोशल स्ट्रक्चर
एनालिसिस ऑफ पापुलेशन ग्रोथ इन इंडिया, एजुकेशन इन रूरल एरियाज
हेल्थ स्टेटस एंड रूरल इंडिया

सेमेस्टर 4

एरिया बेस एंड बेनिफिशियरी ओरिएंटेड प्रोग्राम
रूरल इन्फ्राट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम
सोशल सेक्टर ऑफ रूरल इंडिया
रूरल सोशल सेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम
सेमिनार

सेमेस्टर 5

कांसेप्ट ऑफ डिसेंट्रलाइज्ड प्लैनिंग एंड गवर्नेंस
नॉन- गवर्मेंटल ऑर्गेनाइजेशन (NGO)
रूरल डेवलपमेंट पॉलिसीज एंड स्ट्रैटेजिस
कॉन्सेप्ट एंड प्रिंसिपल ऑफ कॉरपोरेशन
रूरल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट एंड स्ट्रैटेजिस

सेमेस्टर 6

रूरल डेवलपमेंट - प्लैनिंग एंड मैनेजमेंट
प्रोजेक्ट आईडेंटिफिकेशन
कांसेप्ट ऑफ फॉर मैनेजमेंट
रूरल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
एसेंशियल ऑफ प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन

बीए रूरल डेवलपमेंट कॉलेज और फीस

इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट (IRM), गुजरात : 6,000 रुपए
जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, भुवनेश्वर : 4,614 रुपए
इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आईआरआरडी), गुड़गांव : 16,390 रुपए
सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई : 5,400 रुपए
क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बैंगलोर : 56,667 रुपए
हिंदू कॉलेज, नई दिल्ली : 14,333 रुपए
रामजस कॉलेज, नई दिल्ली : 9,712 रुपए
सेंट जेवियर्स कॉलेज, अहमदाबाद : 4,720 रुपए
सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता : 25,700 रुपए
केआईआईटी डीम्ड विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर : 8,055 रुपए
प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय, कोलकाता : 3,700 रुपए
जी.बी. पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, इलाहाबाद : 12,160 रुपए
कलिंग स्कूल ऑफ रूरल मैनेजमेंट भुवनेश्वर : 1,245 रुपए
मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज (एमसीसी), चेन्नई : 18,719 रुपए
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट (आईआईआरएम), नई दिल्ली : 14,333 रुपए

बीए रूरल डेवलपमेंट स्कोप

बीए इन रूरल डेवलपमेंट करने के बाद छात्र नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। और वह चाहे तो आगे एमए इन रूरल डेवलपमेंट, एमबीए और पीएचडी के लिए भी आवेदन कर सकेत हैं।

बीए रूरल डेवलपमेंट जॉब और इनकम (Income)

बीए रूरल डेवलपमेंट कोर्स करने के बाद छात्रों के पास कई अच्छी नौकरियों के ऑप्शन होते हैं। इस क्षेत्र में हाई सैलरी होती है। आप 2 लाख से 8.50 लाख तक आराम से कमा सकते हैं।

रूरल एग्जीक्यूटिव के पद पर आप 2.29 लाख रुपए तक कमा सकते हैं।
ट्रेनर के तौर पर इस क्षेत्र में अप 2.56 लाख रुपए तक कमा सकते हैं।
रिसर्च ऑफिसर के पद पर आप आराम से 4.68 लाख रुपए तक कमा सकते हैं।
कंसलटेंट के तौर पर आपकी सैलरी करीब 8.3 लाख तक हो सकती है।

बीए रूरल डेवलपमेंट के बाद जॉब प्रोफाइल

एरिया एग्जीक्यूटिव
एग्रोनॉमिस्ट
रिसर्च हेड मार्केटिंग एंड सेल्स मैनेजर
टेरिटरी इंचार्ज
एसोसिएट प्रोफेसर
बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर
डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर
एसोसिएट प्रोग्राम
मैनेजर
लेक्चरर्स आदि।

टॉप भर्तिकर्ता

गवर्नमेंट ऑफ इंडिया रूरल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
वॉलंटरी एजेंसी
एनजीओ, आदि।

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English summary
Their are many scope in the field of rural development. Student can opt this course after 12th. BA Rural Development is a 3 year undergraduate program.
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