अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति की दुनिया में कई ऐसे शब्द और नियम होते हैं जो आम लोगों के लिए जटिल और अनजाने होते हैं। इन्हीं में से एक शब्द है – Persona Non Grata यह एक लैटिन शब्द है, जिसका अर्थ होता है "अवांछनीय व्यक्ति"।

बता दें कि Persona Non Grata अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का एक प्रभावशाली और गंभीर औजार है, जिसका प्रयोग तभी किया जाता है जब कोई देश किसी विदेशी राजनयिक या अधिकारी को अपने देश में अस्वीकार्य घोषित करता है और उसे देश छोड़ने के लिए कहता है।
यह एक तरह से उस व्यक्ति या देश के प्रति एक मजबूत संदेश देता हैं कि उसकी गतिविधियां अस्वीकार्य हैं। दरअसल, Persona Non Grata दो देशों के रिश्तों मे दूरी लाता है, लेकिन कभी-कभी यह देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी भी होता है।
भारत ने किया 'Persona Non Grata' का ऐलान
हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के राजनयिकों को 'Persona Non Grata' घोषित किया है। इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश भारतीय पर्यटक थे। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) को जिम्मेदार ठहराया है, जो कि लश्कर-ए-तैयबा का एक उपग्रह संगठन है।
भारत सरकार ने इस हमले के जवाब में कई कड़े कदम उठाए हैं। इन्हें में पाकिस्तान के सैन्य सलाहकारों को दिल्ली स्थित उच्चायोग से निष्कासित करना और भारतीय उच्चायोग से अपने सैन्य सलाहकारों को इस्लामाबाद से वापस बुलाना शामिल है।
क्या होता है Persona Non Grata?
Persona Non Grata का सीधा अर्थ है ऐसा व्यक्ति जिसे उस देश में रहना अब मंजूर नहीं है। यह स्थिति तब आती है जब कोई राजनयिक, अधिकारी या कभी-कभी नागरिक भी उस देश के नियमों या हितों के खिलाफ कोई गतिविधि करता है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत, खासकर Vienna Convention on Diplomatic Relations, 1961 के अनुसार, किसी भी देश को यह अधिकार प्राप्त है कि वह किसी विदेशी राजनयिक को बिना किसी कारण बताए भी "Persona Non Grata" घोषित कर सकता है।
कौन कर सकता है Persona Non Grata की घोषणा?
किसी भी देश की सरकार, आमतौर पर विदेश मंत्रालय, यह निर्णय लेता है कि कौन विदेशी राजनयिक या अधिकारी देश के लिए अवांछनीय है। यह निर्णय राजनीतिक, कूटनीतिक या सुरक्षा कारणों के चलते लिया जा सकता है। जब ऐसा ऐलान किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति को सामान्यतः एक निश्चित समय सीमा में देश छोड़ने का आदेश दिया जाता है। अगर वह व्यक्ति उस समयसीमा में देश नहीं छोड़ता, तो उसे निर्वासित भी किया जा सकता है।
कब होता है Persona Non Grata का प्रयोग?
इस कूटनीतिक उपाय का प्रयोग कई परिस्थितियों में किया जाता है। उदाहरण के लिए:
1. जासूसी के मामले में – अगर किसी राजनयिक पर आरोप लगता है कि वह जासूसी कर रहा है या गुप्त सूचनाएं एकत्र कर रहा है, तो उसे Persona Non Grata घोषित किया जा सकता है।
2. आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप – अगर कोई विदेशी अधिकारी या राजनयिक किसी देश की आंतरिक राजनीति में दखल देता है, तो यह निर्णय लिया जा सकता है।
3. कूटनीतिक शिष्टाचार के उल्लंघन पर – कभी-कभी कोई राजनयिक अपनी मर्यादा या सीमाएं लांघ देता है, जैसे आपत्तिजनक टिप्पणी करना या अनुचित व्यवहार करना।
4. राजनीतिक दबाव या विरोध में – कई बार यह कदम केवल एक राजनीतिक संदेश देने के लिए भी उठाया जाता है, जैसे कि दो देशों के बीच तनाव बढ़ने पर।
क्या होते हैं इसके प्रभाव?
किसी व्यक्ति को Persona Non Grata घोषित करना कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं होती। यह एक बहुत गंभीर कूटनीतिक कदम होता है, जो दो देशों के रिश्तों को प्रभावित कर सकता है। कभी-कभी जवाबी कार्रवाई में दूसरा देश भी उसी देश के राजनयिक को अवांछनीय घोषित कर देता है। इसे "tit-for-tat" रणनीति कहा जाता है।
इसके अलावा, यह स्थिति उस व्यक्ति के करियर पर भी असर डाल सकती है। खासतौर पर अगर वह राजनयिक क्षेत्र में कार्यरत हो, तो उसकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है।


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