UPSC Topper 2024 Dongre Archit Parag AIR 3: आईएएस बनने का सपना लिए हर साल लाखों उम्मीदवार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में हिस्सा लेते हैं। परीक्षा में हिस्सा लेने से पहले उन्हें कड़ी मेहनत करना पड़ती है। कई लोगों की मेहनत अंततः रंग लाती है और उनका देश सेवा का सपना साकार हो जाता है।

देश के सबसे प्रतिष्ठिक प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा। इसकी राह बिल्कुक भी आसान नहीं होती, लेकिन बावजूद इसके लाखों उम्मीदवार हर साल यूपीएससी में सफल होने का सपना लिए आगे बढ़ते हैं। ऐसा ही सपना देखा था महाराष्ट्र पुणे के रहने वाले डोंगरे अर्चित पराग ने, जब उन्होंने अपनी आईटी की नौकरी छोड़ने और यूपीएससी की तैयारी करने का निर्णय लिया था।
22 अप्रैल को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रिजल्ट 2024 जारी किया गया। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय विदेश सेवा समेत अन्य कई केंद्रीय सेवाओं के लिए इस वर्ष आयोग द्वारा कुल 1009 सफल उम्मीदवारों की सिफारिश की गई। डोंगरे अर्चित पराग ने इस वर्ष अखिल भारतीय रैंक 3 हासिल कर यूपीएससी टॉप 5 में अपनी जगह बना ली है।
आइए जानते हैं एआईआर 3 रैंक हासिल करने वाले डोंगरे अर्चित पराग कौन हैं? इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि अर्चित डोंगरे ने अपनी स्कूली शिक्षा, कॉलेज कहां से पूरी की है? साथ ही हम जानेंगे कि अर्चित डोंगरे ने यूपीएससी की तैयारी कैसे की, उनकी सफलता का राज क्या है?
कौन हैं डोंगरे अर्चित पराग?
यूपीएससी टॉपर्स लिस्ट में तीसरे रैंक हासिल करने वाले अर्चित डोंगरे महाराष्ट्र पुणे के निवासी हैं। आईएएस अर्चित डोंगरे, एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वर्ष 2025 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने AIR-3 हासिल कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। अर्चित की सफलता सिर्फ पढ़ाई का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनका अनुशासन, धैर्य, निरंतर प्रयास और एक स्पष्ट विज़न रहा है।
आईएएस अर्चित डोंगरे ने कहां से की है पढ़ाई?
सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 3 और महाराष्ट्र राज्य से यूपीएससी टॉपर्स स्थान हासिल करने वाले डोंगरे अर्चित पराग ने अपनी स्कूली शिक्षा महाराष्ट्र के एक मराठी माध्यम स्कूल से पूरी की और आगे की पढ़ाई इंजीनियरिंग के क्षेत्र में की। उन्होंने तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑप टेक्नोलॉजी यानी वीआईटी से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रनिक्स में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
आईटी कंपनी में साल भर की नौकरी
महाराष्ट्र राज्य से यूपीएससी टॉपर आईएएस अर्चित डोंगरे ने वीआईटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद एक साल तक एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में काम किया। इस दौरान उन्होंने आईएएस बनने की ठानी और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया। उनकी शैक्षणिक योग्यता तो प्रभावशाली थी ही, लेकिन यूपीएससी की यात्रा एकदम नई चुनौती थी। बता दें कि वर्ष 2023 में अर्चित डोंगरे ने 153वीं रैंक हासिल की और आईपीएस ट्रेनिंग के लिए चयनित हुए।
अर्चित की सफलता की कहानी
पहले प्रयास में अर्चित का आईएएस बनने का सपना असफल होने के बाद भी अर्चित ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी रणनीति को फिर से तैयार किया। आईएएस अर्चित डोंगरे इस बार अपनी तैयारी को लेकर अधिक फोकस्ड रहें और अपनी कमजोरी वाले क्षेत्रों को और अधिक समय दिया। उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान बताया कि आंसर राइटिंग स्किल्स और करंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास की विफलता ने उन्हें खुद का गहन विश्लेषण करने का मौका दिया। उन्होंने बताया कि सफलता सिर्फ पढ़ाई से नहीं मिलती, बल्कि स्मार्ट वर्क के साथ ही सात कॉन्सिस्टेंसी से मिलती है।
डोंगरे अर्चित पराग कहते हैं, "हर बार की असफलता में सीख छुपी होती है। खुद पर विश्वास रखें और धैर्य के साथ सही दिशा में मेहनत करें।" उनका मानना है कि अगर तैयारी के हर दिन को एक मिशन की तरह जिया जाए, तो यूपीएससी कोई नामुमकिन परीक्षा नहीं। डोंगरे अर्चित पराग की सफलता यह साबित करती है कि कठिनाइयाँ चाहे जितनी भी हों, अगर लक्ष्य स्पष्ट है और मेहनत लगातार है, तो सफलता निश्चित है।


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