Who is Shakti Dubey AIR 1 in UPSC Result 2024: यूपीएससी द्वारा सिविल सेवा परीक्षा अंतिम परिणाम 2024 जारी कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की शक्ति दुबे ने अखिल भारतीय रैंक 1 के साथ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रिजल्ट में टॉप किया है। बता दें यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा है।

भारत के सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षा के करीब 6 लाख दावेदारों में शक्ति दुबे ने पहला स्थान प्राप्त किया है। आज, मंगलवार 22 अप्रैल 2025 को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर सिविल सेवा रिजल्ट किए गए। यूपीएससी सीएसई रिजल्ट के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और विभिन्न केंद्रीय सेवा समूहों में प्रतिष्ठित पदों के लिए कुल 1009 योग्य उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है।
यूपीएससी सिविल सेवा रिजल्ट 2024 में हर्षिता गोयल और डोंगरे अर्चित पराग ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। इस वर्ष की परीक्षा उम्मीदवारों की विविधता और प्रतिभा के लिए उल्लेखनीय रही। रिजल्ट के अनुसार, इसमें टॉप पांच रैंक पर तीन महिलाएं और दो पुरुष उम्मीदवार शामिल हैं। यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर सफल उम्मीदवारों की पूरी सूची दी गई है। अब आइए जानते हैं अखिल भारतीय रैंक 1 हासिल करने वाली शक्ति दुबे कौन हैं?
AIR 1 शक्ति दुबे कौन हैं?
यूपीएससी टॉपर शक्ति दुबे का जन्म प्रयागराज में ही हुआ। शक्ति के पिता का नाम देवेंद्र दुबे और माता का नाम प्रेमा दुबे है। शक्ति की मां बताती है कि वे मूल रूप से बलिया के रहने वाले हैं। शक्ति के टॉप करने पर मां कहती हैं कि बहुत खुशी हो रही है कि बेटी की मेहनत रंग लाई। शक्ति बचपन से ही पढ़ाई लिखाई में केंद्रित रही हैं। पिता ने बताया कि बेटी के टॉप करने पर बहुत खुश हूं। उन्होंने कहा कि शक्ति को जितना हम सहयोग कर सकते थे, हमने किया लेकिन इस कामयाबी का संपूर्ण श्रेय शक्ति को ही जाता है।
शक्ति दुबे ने कहां से की है पढ़ाई?
यूपीएससी सिविल सेवा रिजल्ट 2024 जारी होते ही हर किसी की जुवान पर एक ही प्रश्न है कि यूपीएससी टॉपर शक्ति दुवे ने अपनी पढ़ाई कहां से की है। मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में अखिल भारतीय रैंक 1 हासिल करने वाली शक्ति बताती हैं कि उन्होंने प्रयागराज में ही अपना प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। स्कूली शिक्षा के बाद शक्ति ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। इसके बाद देश सेवा का सपना लिए शक्ति ने अपनी यूपीएससी की यात्रा की शुरुआत की।
शिक्षक की नौकरी से यूपीएससी तक का सफर
वर्ष 2016 में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी करने के बाद शक्ति ने शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया। इसके बाद 2018 में यूपीएससी टॉपर शक्ति ने देश सेवा करने और सिविल सेवा परीक्षा देने की ठान ली। इसी सपने के साथ शक्ति ने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। देश के सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी क्रैक करने के लिए धैर्य, रणनीति और प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है, और ये तीनों गुण शक्ति में मौजूद थें। बता दें कि यूपीएससी टॉपर शक्ति ने मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध का चयन किया था।
पूराने भूल से अवश्य सीख लें
शक्ति ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया कि यूपीएससी की राह बहुत कठिन होती है। परीक्षा के लिए तैयार करने वाले और प्रयास करने वाले बहुत बहादूर होते है। अपनी सफलता के बारे में शक्ति ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी और सफलता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना आवश्यक है। वे कहती हैं कि जब भी कोई भूल हो तो उम्मीद छोड़ने के बजाए, उसे याद रखे और अगली बार ना दोहराए। कड़ी मेहनत करें और प्रयास में कोई कमी ना रहने दें।


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