Tirupati Stampede: तिरुपति में एक दिल दहला देने वाली घटना में विशाखापत्तनम के एक परिवार के लिए मंदिर की यात्रा दुर्घटना में परिवर्तित हो गई। शांति अपने पति वेंकटेश और बेटे के साथ वैकुंठ एकादशी समारोह में भाग लेने के लिए तिरुपति पहंची थीं। दुर्भाग्य से उनकी तीर्थयात्रा दुर्घटना में बदल गई। तिरुपति मंदिर में बुधवार को हुई भगदड़ की शिकार हो गई। मंदिर प्रांगन में हुई भगदड़ के बाद शांति की मृत्यू हो गई।

गौरतलब हो कि बुधवार को हुई इस दुखद दुर्घटना में भगदड़ के कारण शांति सहित कई श्रद्धालु घायल हो गए। विष्णु निवासम में तिरुमाला श्रीवारी वैकुंठ द्वार दर्शन टोकन के वितरण के दौरान अराजकता फैल गई। शुरू में इसे एक खुशी का अवसर माना जा रहा था, लेकिन यह दिन जल्द ही भ्रम और त्रासदी के दृश्य में बदल गया। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भगदड़ के कारण अब तक 6 लोगों की जान जाने की खबर प्राप्त हुई है।
क्या है पूरा मामला?
तिरुपति मंदिर में कार्यक्रम के दौरान जब श्रद्धालु विष्णु निवासम के पास विशेष 'दर्शन' टोकन के लिए कतार में खड़े थे, तब कतार में खड़ी एक महिला को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने लगी। सहायता प्रदान करने के प्रयास में अधिकारियों ने एक गेट खोल दिया, जिससे अनजाने में सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। उन्हें गलत धारणा थी कि टोकन वितरण के लिए प्रवेश दिया जा रहा है। परिणामस्वरूप भगदड़ मच गई और एकत्रित हुए श्रद्धालुओं में से कई लोग हताहत और घायल हो गए।
वेंकटेश को अपनी पत्नी की मृत्यू की जानकारी सोशल मीडिया में वारयल वीडियो से प्राप्त हुई। भगदड़ के दौरान शांति के गिरने के बारे में परिवार ने अस्पतालों की तलाश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वेंकटेश ने एनडीटीवी को बताया, "पुलिस प्रबंधन बहुत खराब था। मेरी पत्नी कतार में आगे थी। हमें पता ही नहीं चला कि वह गिर गई है। भगदड़ के बाद हमने अस्पतालों में उसकी तलाश की, लेकिन हम उसे ढूंढ नहीं पाए। हमें उसकी मौत के बारे में एक वायरल वीडियो से पता चला।"
इस दुखद घटना के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना के बाद की स्थिति को संबोधित करने के लिए एक समीक्षा बैठक बुलाई। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के एक प्रवक्ता ने बैठक की पुष्टि की और कहा कि सीएम नायडू ने शोक व्यक्त करने के लिए मृतकों के परिवारों से मिलने की योजना बनाई है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने अपने एक्स पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भगदड़ से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।"
तिरुपति में हुई दुखद भगदड़ धार्मिक समारोहों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों के बारे में गंभीर सवाल उठाती है। जहां परिवार अपने नुकसान का शोक मना रहे हैं, वहीं यह घटना भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के महत्व की याद दिलाती है।


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