भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट Vikram-S लॉन्च, जानिए इसकी डिटेल

What Is Vikram-S Rocket Features: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा में अपने स्पेसपोर्ट से भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम-एस को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। विक्रम-एस रॉकेट इसरो और स्काईरुट एयरोस्पेस कंपनी द्वारा निर्मित किया गया है। विक्रम-एस सिंगल सॉलिड स्टेज रॉकेट है। यह सब-ऑर्बिटल यानी उपकक्षीय लॉन्च व्हीकल है। विक्रम-एस स्काईरुट के विक्रम सिरीज रॉकेट्स का पार्ट है।

 
भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट Vikram-S लॉन्च, जानिए इसकी डिटेल

स्काईरुट एयरोस्पेस एक निजी कंपनी है, जो कॉमर्शियल सैटेलाइट प्रक्षेपण के लिए अत्याधुनिक प्रक्षेपण यान का निर्माण करती है। स्काईरुट एयरोस्पेस ने विक्रम-एस रॉकेट का नाम प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के नाम पर रखा है।

विक्रम-एस एक सब ऑर्बिटल मिशन है। यह पृथ्वी की सतह से 101 किलोमीटर की दूरी पर पहुंच कर मिशन समंदर में स्प्लैश हुआ। इस मिशन में 300 सेकंड्स का समय लगा।

पहले यह मिशन 12 से 16 नवंबर के लिए निर्धारित था, लेकिन खराब मौसम के कारण, इसे 18 नवंबर 2022 को सुबह 11:30 बजे लॉन्च किया गया।

श्रीहरिकोटा चेन्नई से करीब 115 किलोमीटर दूर है। चार साल पुराने स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विक्रम-एस रॉकेट का उद्घाटन, देश के अंतरिक्ष उद्योग में निजी क्षेत्र के प्रवेश की शुरुआत है।

वर्ष 2020 में केंद् सरकारर द्वारा निजी प्रतिभागियों के लिए इस क्षेत्र को खोलने के बाद, स्काईरूट एयरोस्पेस भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को उड़ान देने वाला भारत का पहला व्यावसायिक उद्यम बन गया है।

 

विक्रम-एस के प्रक्षेपण यान में विक्रम II और विक्रम III श्रृंखला भी शामिल हैं। विक्रम-एस लॉन्च व्हीकल को 24 घंटे के अंदर किसी भी लॉन्च साइट से बनाया और लॉन्च किया जा सकता है।

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की स्थापना करने वाले विक्रम साराभाई ने देश के अंतरिक्ष उद्योग के विकास में अपने विशाल योगदान की पहचान के लिए भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का नेतृत्व किया।

स्काईरूट एयरोस्पेस की एक विज्ञप्ति के अनुसार, "प्रारंभ" (शुरुआत) नामक मिशन, अर्मेनियाई बाज़ूमक्यू स्पेस रिसर्च लैब, चेन्नई स्थित स्पेस किड्स और आंध्र प्रदेश स्थित एन स्पेस टेक इंडिया द्वारा बनाए गए तीन पेलोड का परिवहन करेगा।

स्पिन स्थिरता के लिए, छह मीटर लंबा विक्रम-एस रॉकेट 3-डी प्रिंटेड सॉलिड थ्रस्टर्स से बना है। लॉन्च से पता चलेगा कि विक्रम श्रृंखला के एवियोनिक्स उपकरण, जैसे टेलीमेट्री, ट्रैकिंग, जड़त्वीय माप, एक जीपीएस, एक ऑनबोर्ड कैमरा, डेटा अधिग्रहण और पावर सिस्टम, उड़ान में कैसा प्रदर्शन करते हैं।

स्काईरूट ने अब तक 68 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है। विक्रम-एस रॉकेट 3डी-प्रिंटेड सॉलिड इंजन और अपग्रेडेबल आर्किटेक्चर के साथ दुनिया के पहले कुछ समग्र रॉकेटों में से एक है। रॉकेट को मिशन प्रारंभ के दौरान समुद्र तल से 81 किलोमीटर की ऊंचाई पर लॉन्च किया किया, जो 101 किलोमीटर की अधिकतम ऊंचाई तक पहुंचा और फिर 5 मिनट बाद समुद्र में गिरा।

स्पेसकिड्ज़ इंडिया द्वारा फनसैट सहित तीन उपग्रह, जो आंशिक रूप से छात्रों द्वारा बनाए गए थे, विक्रम-एस द्वारा ले जाए जाएंगे। विक्रम रॉकेट द्वारा 290 किग्रा और 560 किग्रा के बीच पेलोड को सूर्य-समकालिक ध्रुवीय कक्षाओं में ले जाया जा सकता है।

भारतीय अंतरिक्ष संघों के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने कहा कि एक नए स्टार्टअप द्वारा पहली बार लॉन्च किए जाने से दुनिया भर में भारतीय निजी अंतरिक्ष खिलाड़ियों की विश्वसनीयता में काफी वृद्धि हुई है।2018 में अपनी स्थापना के बाद से, स्काईरूट ने भारत के पहले निजी रॉकेट को लॉन्च करके छोटे लिफ्ट लॉन्च वाहनों के निर्माण में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करने में एक लंबा सफर तय किया है, जिसे केवल दो वर्षों में निर्मित किया गया था।

विक्रम-एस रॉकेट की सफलता देशहीत में है। भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था यूएस डॉलर 13 बलियन तक बढ़ने के लिए तैयार है और अंतरिक्ष प्रक्षेपण खंड 2025 तक 13% सीएजीआर पर सबसे तेजी से बढ़ने का अनुमान है। जिससे निजी भागीदारी, प्रौद्योगिकी और लॉन्च सेवाओं की कम लागत से बढ़ावा मिलेगा।

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English summary
What Is Vikram-S Rocket Features: Indian Space Research Organization (ISRO) has successfully launched India's first private rocket Vikram-S from its spaceport in Sriharikota. The Vikram-S rocket is manufactured by ISRO and Skyroot Aerospace Company. Vikram-S is a single solid stage rocket. It is a sub-orbital launch vehicle. Vikram-S is part of the Vikram series of rockets by Skyrut.Skyroot Aerospace is a private company that manufactures state-of-the-art launch vehicles for commercial satellite launches. Skyroot Aerospace has named the Vikram-S rocket after the famous Indian scientist Vikram Sarabhai.Vikram-S is a sub-orbital mission. It reached a distance of 101 kilometers from the surface of the earth and splashed in the mission sea. This mission took 300 seconds.
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