Russia Ukraine Crisis रूस ने यूक्रेन पर हमला करके पूरी दुनिया को युद्ध में धकेल दिया है। रूस यूक्रेन युद्द में 15 हजार से अधिक भारतीय छात्र ओर काम करने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं। भारत ने यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के लिए वैकल्पिक रूट्स तलाशने शुरू कर दिए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने रात को पुतिन से 25 मिनट बात की। उनसे हिंसा छोड़ बातचीत से मसला सुलझाने की अपील की। इसके साथ ही भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं।

रूस यूक्रेन संकट अपने चरम पर पहुंच गया है। तनाव बढ़ने पर यूक्रेन में भारतीय छात्रों को भी उनके माता-पिता वापस बुला रहे हैं। अब तक 15 हजार से अधिक छात्र स्वेच्छा से और अनिच्छा से अभी भी यूक्रेन में हैं। इन सबके बीच भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। यूक्रेन में स्थिति तनावपूर्ण है। दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में सभी से शांत और सुरक्षित रहने का अनुरोध किया है।
एडवाइजरी के अनुसार, सकभी लोगों से सुरक्षित स्थानों पर अपने-अपने शहरों में लौटने के लिए कहा गया है। रूस यूक्रेन संकट कुछ समय तक जारी रहने की उम्मीद है। इस बीच, यूक्रेन में कई भारतीय छात्र या तो अपने वतन पहुंच गए हैं या उन्होंने देश में ही रहने का विकल्प चुना है। उन्होंने तर्क दिया है कि उनमें से कुछ अपने अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं, भारत वापस जाने का विचार आदर्श नहीं लगता, क्योंकि इससे उनके करियर को नुकसान हो सकता है।
हालांकि, चूंकि रूस यूक्रेन युद्ध जैसी स्थिति से भी जानमाल के नुकसान की आशंका है, कुछ छात्र जिन्होंने शुरू में वापस आने का विकल्प नहीं चुना था, वे अब हवाई जहाज का टिकट खोजने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया है कि इस समय एयरलाइंस की टिकट काफी महंगी हो गई है, जबकि एक आदर्श रूप से लोगों को अपने देश वापस आने में सहायता के रूप में उन्हें कम होना चाहिए था। भारतीय दूतावास ने इससे पहले भी तीन बार एडवाइजरी की थी।
बात दें कि रूसी सेना लगातार यूक्रेन के 21 सैन्य ठिकानों पर बम गिरा रही है। यूक्रेन पर सैकड़ों मिसाइलें दागी जा रही हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूसी हेलीकॉप्टर मंडरा रहे हैं। नाटो भी रूस पर सैन्य कार्रवाई से पीछे हट गया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने हमले की घोषणा करते हुए कहा कि यह जंग केवल रूस-यूक्रेन के बीच है। कोई भी हमारे बीच आया तो उसे बहुत बुरे अंजाम भुगतने होंगे। पुतिन का यह बयान नाटो और अमेरिका के लिए था। रूस ने दावा किया कि उसने यूक्रेन के प्रमुख हवाई अड्डे कब्जे में ले लिए हैं। कुछ ही दिनों में वह यूक्रेन को अमेरिका जैसी सोच वाली ताकतों से आजाद कर लेगा।


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