अगर आप मास्टर डिग्री और एमफिल करने के बाद किसी कॉलेज में प्रोफेसर या असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपने टीचिंग करियर की शुरूआत करना चाहते है तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि 2021 तक कॉलेज और यूनिवर्सिटी में शिक्षक बनने के लिए उम्मीदवारों के पास पीएचडी की डिग्री होना आवश्यक है। वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर आवेदन करने के लिए भी उम्मीदवारों के पास नेट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ ही पीएचडी की डिग्री होना अनिवार्य है।

हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक यूजीसी जल्द ही शिक्षकों की भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता तय कर सकता है। कहा जा रहा है कि टीचर और प्रोफेसर के लिए न्यूनतम शिक्षा का प्रावधान करने से शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। आपको बता दें कि 2009 से पहले कॉलेजों में टीचर बनने के लिए पीएचडी करने वाले उम्मीदवारों को नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता नही होती थी लेकिन बाद में नेट परीक्षा को अनिवार्य कर दिया गया था। जिसके बाद से अब कॉलेजों में पढ़ाने के लिए उम्मीदवारों का नेट एग्जाम क्वालिफाई होना अनिवार्य है।
मानव संसाधन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी सहायक प्रोफेसर के लिए न्यूनतम योग्यता मास्टर डिग्री के साथ नेट परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है लेकिन अब इसमें बदलाव किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 1 जुलाई 2021 के बाद कॉलेजों में पढ़ाने के लिए उम्मीदवारों के पास पीएचडी डिग्री के अलावा नेट परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है। इसके अलावा एसोसिएट प्रोफेसर का प्रमोशन भी पीएचडी डिग्री के आधार पर ही किया जाएगा। वहीं ये भी बताया जा रहा है कि सरकार जल्द ही उच्च शिक्षा में सुधार के लिए अन्य महत्वपूर्ण कदम भी उठा सकती है।
फिलहाल 2021 तक पहले जैसे ही प्रोसेस से कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती होगी लेकिन आगे आने वाले समय में अगर कोई उम्मीदवार कॉलेजों में शिक्षक बनने के बारे में सोच रहा है तो उसे अभी से पीएचडी शुरू कर देनी चाहिए।


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