आज के समय में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) की चुनौतियों से गुजर रहा है। लगाता हो रहा परिवर्तन हमारे पर्यावरण के लिए और स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। भारत के संदर्भ में देखें तो जलवायु परिवर्तन से ना केवल पर्यावरणीय चुनौतियां बड़ रही है बल्कि ये लोगों के स्वास्थ्य पर भी हानिकारक प्रभाव डाल रही है। इसे रोकना बहुत ही आवश्यक हो गया है और इसके निपटारन के लिए कठोर और रणनीतिक कदम को उठाने की आवश्यकता है। जो पर्यावरणीय जोखिम और आपदाओं से सीधे प्रभावित हो रहे समुदायों के दृष्टिकोण और अनुभवों को उजागर कर उन्हें संबोधित भी करता है।

पिछले कुछ वर्षों को देखें जो पर्यावरणीय प्रभावों का लोगों के स्वास्थ्य पर हो रहे प्रभाव को समझने के लिए रिसर्चर्स ने समुदाय आधारित भागीदारी अनुसंधान का उपयोग किया है, हालांकि इस रिसर्च के विभिन्न चरणों में समुदाय को शामिल करने की क्षमता सीमित है। इसी को ध्यान में रखते हुए और पर्यावरणीय प्रभावों को जानने के लिए पीआरआईए (PRIA) इंटरनेशल एकेडमी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च इन एनवायरनमेंटल हेल्थ, भोपाल (ICMR) ने पर्यावरण स्वास्थ्य अनुसंधान में समुदाय आधारित भागीदारी अनुसंधान को अपनाने और लागू करने में क्षमता अंतराल की पहचान की। जिसके लिए दोनों संस्थानों ने ऑनलाइनल कोर्स की शुरुआत की है जो अपने-अपने शैक्षणिक संसाधनों को एक साथ लाने के लिए सहमति रखाता है। आइए आपको उस कोर्स के बारे में जानकारी दें।
ऑनलाइन कोर्स
पीआईए और आईसीएमआर-एनआईआरईएच द्वारा ऑफर किया जाने वाला मिश्रित ट्रेनिंग कोर्स है। जो चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले ग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी उम्मीदवारों के लिए है जो पॉपुलेशन साइंस, डेमोग्राफी, फिजिकल, बायोमेडिकल, एंथ्रोपॉलजिस्ट और सोशियोलॉजी: व्यावसायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य विषयों का अध्ययन करने वाले प्रोफेशनल से जुड़ा हुआ है।
कोर्स की अवधि
ऑनलाइन कोर्स कि अवधि केवल 6 सप्ताह की है, जिसमें 8 ऑनलाइन सेशन लिए जाएंगे। प्रत्येक सेशन 1 घंटा 30 मिनट का होगा और इसकी क्लासेस मूडल + जूम प्लेटफॉर्म पर ली जाएंगी।
कोर्स स्ट्रक्चर
मॉड्यूल 1: पर्यावरणीय स्वास्थ्य का परिचय
मॉड्यूल 2: समुदाय आधारित भागीदारी अनुसंधान (सीबीपीआर) के मूल सिद्धांत
मॉड्यूल 3: समुदाय आधारित भागीदारी अनुसंधान की प्रक्रिया और तरीके
मॉड्यूल 4: पर्यावरण स्वास्थ्य अनुसंधान में सीबीपीआर का उपयोग करने में अनुसंधान प्रसार, नैतिकता और चुनौतियां
लर्निंग टूल्स
• केयरफुल क्यूरेटेड रीडिंग मैटेरियल
• केस स्टडीज
• ऑडियो विजुअल मैटेरियल
• ग्रुप डिस्कशन
• शॉर्ट असाइनमेंट
• लाइव इंटरेक्शन विद सब्जेक्ट एक्सपर्ट
ऑनलाइन कोर्स के फायदे
कम्युनिटी बेस्ट पार्टिसिपेटरी रिसर्च इन एनवायरमेंटल हेल्थ ऑनलाइन कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को पीआईए और आईसीएमआर-एनआईआरईएच से अक सर्टिफिकेट प्राप्त होगा साथ ही कोर्स में शामिल होने वाले उम्मीदवार आगे कम्युनिटी बेस्ट पार्टिसिपेटरी रिसर्चर के उपकरण के तौर पर पर्यावरण स्वास्थ्य रिसर्च और अन्य संबंधित रिसर्च क्षेत्रों में भाग लेने में सक्षम होंगे।


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