New Foreign Trade Policy 2023: भारत अब विकासशील देशों की गिनती में कहीं आगे निकल चुका है और अब मजबूत अर्थव्यवस्था और अपने अर्थव्यवस्था संबंधी योजनाओं के लिए भारत की गिनती विकसित देशों की श्रेणी में की जाने लगी है। केंद्र सरकार द्वारा नई विदेशी व्यापार नीति का अनावरण किया गया। इसके साथ ही 2030 तक निर्यात को 2 ट्रिलियन डॉलर या 2000 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विदेश व्यापार नीति 2023 की पेशकश की। ये नई विदेश व्यापार नीति कल यानि एक अप्रैल से ही लागू हो जाएगी। इस दौरान वाणिज्य मंत्री ने बताया है कि जीडीपी की ग्रोथ सात फीसदी रहने वाली है। मीडिया खबरों के अनुसार, नई विदेश नीति पिछले पांच वर्षीय एफटीपी (Foreign Trade Policy) घोषणाओं से अलग है।

नई विदेश व्यापार नीति 2023 का अनावरण करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर बहुत सारी समस्याओं के बावजूद हमारे लिए मौजूदा वित्त वर्ष 2022-23 अच्छा रहा है। हमने 750 बिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा था लेकिन ऐसा लग रहा है कि हम 765-770 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएंगे। इस पॉलिसी का लक्ष्य भारत के निर्यात को 2030 तक दो ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। नई विदेश व्यापार नीति के तहत पहले चरण के लिए 2200-2500 करोड़ की योजना तैयार की गई है। मंत्रालय इसको बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार कर चुका है। हर जिले में एक्सपोर्ट हब बनाया जाएगा। निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से हर जिले में एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटी बनाई गई है। एक संवाददाता सम्मेलन में, विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) संतोष सारंगी ने बताया कि विदेश व्यापार नीति (FTP) 2023 के तहत, छूट और प्रोत्साहन के माध्यम से वर्ष 2030 तक देश के निर्यात को 2 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य है। यह 5 साल की योजना नहीं होगी और इसकी समाप्ति की कोई निर्धारित तिथि नहीं होगी। हालांकि जब भी आवश्यकता होगी, इसे अपडेट किया जाएगा।
नई विदेश व्यापार नीति के मुख्य बिंदु:
- विदेश व्यापार महानिदेशालय ( DGFT) के महानिदेशक संतोष सारंगी ने कहा कि नई नीति के आने से एमएसएमई के विकास में भी क्रांतिकारी बदलाव होंगे। सरकार कई विभिन्न देशों से ट्रेड एग्रीमेंट्स कर रही है। विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लिए विभाग में कई बदलाव किए जाएंगे। इसमें कॉर्पोरेट जगत के लोगों को शामिल किया जाएगा। संबन्धित सेक्टर के एक्सपर्ट नीति निर्माण का हिस्सा होंगे।
- नई विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत डेयरी क्षेत्र को औसत निर्यात दायित्व बनाए रखने से छूट दी जाएगी। इसके अलावा कपड़ों पर विशेष अग्रिम प्राधिकरण योजना का विस्तार होगा।
- ई-कॉमर्स निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए भी ये पॉलिसी कारगर साबित होगी। इसके जरिए मंत्रालय ने 2023 तक 200-300 अरब अमेरिकी डॉलर तक निर्यात बढ़ने की उम्मीद जताई है। विदेश व्यापार नीति ने निर्यात दायित्व में चूक के एकमुश्त निपटान के लिए एमनेस्टी योजना पेश की। कूरियर सेवाओं के माध्यम से निर्यात के लिए मूल्य सीमा पांच लाख रुपये प्रति खेप से बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दी गई है।
- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने तीन साल के अंतराल के बाद नई विदेश व्यापार नीति तैयार की है। पिछली विदेश व्यापार नीति 1 अप्रैल, 2015 को लागू की गई थी और इसके समाप्त होने की तिथि 2020 थी लेकिन कोरोना महामारी के प्रकोप और लॉकडाउन की वजह से इस नीति को कई बार विस्तार दिया गया। इसे अंतिम बार सितंबर 2022 में 31 मार्च 2023 तक के लिए बढ़ाया गया था। यह 31 मार्च 2023 को समाप्त हो जाएगी।
- नई विदेश व्यापार नीति अगले पांच साल के लिए नहीं होगी। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के महानिदेशक संतोष सारंगी ने कहा कि हमने यह सुनिश्चित किया है कि इस नीति की कोई अंतिम तिथि नहीं हो, इसे समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इस पॉलिसी के जरिए निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
- एफ़टीपी 2023 के अनुसार, सरकार ने पहले से मौजूद 39 टाऊन ऑफ एक्सपोर्ट एक्सीलेंस या टीईई के अलावा चार नए शहरों को इससे जोड़ा है। इनमें फरीदाबाद, मुरादाबाद, मिर्जापुर और वाराणसी शामिल हैं। मौजूदा 39 टीईई की पहचान उनके निर्यात प्रदर्शन और क्षमता के आधार पर की गई थी। नए शहरों को जोड़े जाने से भारत के निर्यात वृद्धि को और मजबूती मिलेगी।
- नई विदेश नीति के अंतर्गत भारतीय करेंसी को ग्लोबल करेंसी बनाने का भी लक्ष्य है। नीति का उद्देश्य रुपये को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सेटलमेंट में उपयोग करना है। इससे मोटे तौर पर करेंजी एक्सचेंज के दौरान दी जाने वाली शुल्क से बचा जा सकेगा।
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