एनसीएफ पैनल ने बोर्ड एग्जाम पैटर्न में बदलाव के लिए ड्राफ्ट लगभग तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही प्रतिक्रिया के लिए अपलोड कर दिया जाएगा। बता दें कि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा तैयार करने के लिए और12वीं कक्षा के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा और सेमेस्टर प्रणाली के लिए केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक विशेषज्ञ पैनल की सिफारिश कर सकता है।

इसके अलावा, साइंस और आर्ट्स को मिलाकर भी एक नई स्ट्रीम बनने की सिफारिश की जा सकती है जिससे कि स्कूल बोर्डों में कक्षा 11वीं और 12वीं में आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम को अलग करने वाली लाइन को मिटाया जा सकें।
9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को पास करने होंगे 8-8 पेपर
इसरो के पूर्व अध्यक्ष के कस्तूरीरंगत के तहत कक्षा 9वीं और 10वीं की पाठ्यक्रम शैली में भी एक बड़ा बदलाव होगा, वर्तमान में, जहां कक्षा 10वीं के छात्रों को पांच पेपर में पास होना होता हैं, वहीं नए पाठ्यक्रम में आठ पेपर पास करने की सिफारिश की गई है। एनसीएफ के ड्राफ्ट में कथित तौर पर समग्र विकास और छात्रों के लिए अवसरों में वृद्धि को कई परीक्षाओं और एक विकल्प-आधारित पाठ्यक्रम प्रणाली में लाने के कारणों के रूप में बताया गया है।
इसके अलावा एनसीएफ पैनल के कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए एक बार बोर्ड एग्जाम और कक्षा 12वीं बोर्ड के लिए दो बार एग्जाम के लिए भी केंद्र को सुझाव दिया जा सकता है।
कक्षा 11वीं और 12वीं में चुनने होंगे अपने पसंदीदा विषय
11वीं और 12वीं कक्षा में छात्रों को कम से कम तीन पाठ्यचर्या क्षेत्रों से विषयों का चयन करना होगा और प्रत्येक विषय में चार पाठ्यक्रमों का अध्ययन करना होगा। इसलिए, यदि कोई छात्र सामाजिक विज्ञान, गणित और मानविकी को व्यापक पाठ्यक्रम क्षेत्रों के रूप में चुनता है, तो उसे प्रत्येक क्षेत्र में एक विषय चुनना होगा और प्रत्येक विषय में 4 पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। शेष 4 पाठ्यक्रमों के लिए, छात्र को चुने गए क्षेत्रों में से किसी एक या पूरी तरह से अलग एक को चुनने की अनुमति होगी।
इसके अलावा, एनसीएफ पेनल ड्राफ्ट में एकल परीक्षाओं के साथ-साथ "ऑन डिमांड" परीक्षाओं के विरोध में एक वर्ष के अंत में कई परीक्षाओं का प्रस्ताव किया गया है। और साथ ही एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ अन्य पाठ्यचर्या की नई रूपरेखा के आधार पर बदलाव से गुजरना होगा।


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