KVPY Fellowship Inspire: 23 साल पुरानी KVPY परीक्षा हुई बंद, इंस्पायर स्कीम से मिलेगी फैलोशिप

KVPY Fellowship Inspire Program Details डिपार्टमेंट ऑफ साइंस व टेक्नोलॉजी की ओर से किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना परीक्षा वर्ष 2022 से बंद कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने इस एप्टीट्यूड टेस्ट को इंस्पायर में समाहित करने का निर्णय लिया है। जिन्हें फैलोशिप मिल रही है उन्हें डीएसटी की ओर से मिलती रहेगी। केवीपीवाई भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से 1999 में शुरू की गई थी। उम्मीदवारों को एप्टीट्यूड टेस्ट में पास करने के बाद पर्सनल इंटरव्यू से गुजरना होता था। उसके आधार पर पहली मेरिट लिस्ट घोषित की जाती थी। पिछले दो सालों से पेंडेमिक के कारण इंटरव्यू राउंड को नहीं रखा गया और सिर्फ एप्टीट्यूड टेस्ट के बेस पर फैलोशिप अवॉर्ड दिया गया।

 
KVPY Fellowship Inspire: 23 साल पुरानी KVPY परीक्षा हुई बंद, इंस्पायर स्कीम से मिलेगी फैलोशिप

इंस्पायर स्कीम में मिलेगा छात्रों को अवसर
इंस्पायर यानी प्रेरित अनुसंधान के लिए विज्ञान की खोज में नवाचार (इनोवेशन इन साइंस पर-सुइट फॉर इंसपायर्ड रिसर्च।) एजुकेशनिस्ट अमित सिंघल ने बताया कि इसमें अप्लाई करने के लिए छात्रों को सबसे पहले रजिस्टर कराना होगा। उन छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने एनटीएसई या जेईई के टॉप 10 हजार में अपनी जगह बनाई हो। साथ ही उन्हें शैक्षिक योग्यता टेस्ट के सर्टिफिकेट दिखाने होंगे। उसके बाद ही इंस्पायर टीम विश्लेषण करेगी। कई स्टेज के बाद छात्रों की फैलोशिप शुरू होगी।

क्यों हुई बंद
फैलोशिप लेने वाले छात्र साइंस रिसर्च को कॅरियर नहीं चुनते हैं। केवीपीवाई व कॉम्पीटिशन एक्सपर्ट आशीष अरोड़ा के अनुसार पिछले कई सालों से ये देखा जा रहा था कि केवीपीवाई की फैलोशिप मिलने के बाद भी छात्र साइंस रिसर्च को कॅरियर नहीं चुन रहे थे और प्रोफेशनल डिग्री कोर्सेज की तरफ जा रहे थे। ऐसे में केवीपीवाई का मकसद, जो देश में साइंटिस्ट बनने की भावना को बढ़ावा देना था वो पूरा नहीं हो पा रहा था। दूसरी ओर इंस्पायर अवॉर्ड के कई स्टूडेंट्स ने बेसिक साइंसेज को कॅरियर चुना, इसलिए दोनों प्रोग्राम्स को जोड़ा गया है।

 

जिन्हें मिली फैलोशिप
2021 3089
2020 2724
2019 3010
2018 2873
2017 3128
2016 2788

योजना बंदी पर छात्र सहमत नहीं
2020 के ऑल इंडिया टॉपर मृदुल अग्रवाल ने कहा कि केवीपीवाई साइंस पढ़ने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा की तरह था। खासतौर पर उनके लिए जो छात्र योग्य हैं, लेकिन फीस भरना उनके लिए मुश्किल है। इससे नेशनल लेवल परीक्षाओं का अंदाजा भी लग जाता था।

कितनी थी फैलोशिप
केवीपीवाई फैलोशिप विनर को 80,000 से लेकर 1,12,000 रुपए साल तक की फैलोशिप व ग्रांट दी जाती थी। अब इस योजना को दूसरी साइंस रिसर्च योजना इंस्पायर के साथ जोड़ा गया है। इसमें स्टूडेंट्स के साइंस लर्निंग व प्रैक्टिकल एबिलिटी के आधार पर इंस्पायर अवॉर्ड दिए जाते हैं।

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English summary
KVPY Fellowship Inspire Program Details The Kishore Vaigyanik Protsahan Yojana Examination has been closed from the year 2022 on behalf of the Department of Science and Technology. As per the notification, the Department of Science and Technology (DST) has decided to incorporate this Aptitude Test into INSPIRE. Those who are getting fellowship will continue to get it from DST. KVPY was started in 1999 by the Department of Science and Technology, Government of India. After passing the aptitude test, the candidates had to go through a personal interview. On the basis of that the first merit list was declared. For the last two years, due to pandemic, the interview round was not held and fellowship award was given only on the basis of aptitude test.
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