अभी हाल ही में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा देश के 6 उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों की लिस्ट जारी की गई है। इन 6 उत्कृष्ट संस्थान में से 3 सरकारी और 3 प्राइवेट शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है। जिन 3 प्राइवेट संस्थानों को उत्कृष्ठता का दर्जा दिया गया है उनमें से एक नाम ऐसा है जिसका कोई अस्तित्व ही नही है। जी हाँ हम बात कर रहे है Jio यूनिवर्सिटी की। शायद आपमें से कई लोगों ने जियो यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट का अब तक नाम भी नही सुना होगा लेकिन फिर भी उस यूनिवर्सिटी को शुरू होने से पहले ही उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान का दर्जा दे दिया गया है।

आपको बता दें कि सरकार द्वारा बिना किसी अस्तित्व वाले कॉलेज या यूनिवर्सिटी को उत्कृष्ट संस्थान में शामिल करने पर कई सवाल खड़े हो रहे है। खबरों के अनुसार जियो इंस्टीट्यूट रिलायंस इंडस्ट्रीज का एक संस्थान है, लेकिन फिलहाल इस संस्थान का कोई अस्तित्व ही नही है। जियो इंस्टीट्यूट के बारे में इंटरनेट पर भी कोई अस्तित्व नही दिख रहा है ऐसे में सरकार द्वारा इस इंस्टीट्यूट को उत्कृष्टता का दर्जा देने पर कई सवाल खड़े किए जा रहे है। इसका मतलब यही है कि जियो इंस्टीट्यूट ने शुरू होने से पहले ही देश के आईआईटी और आईआईएससी जैसे संस्थानों में जगह बना ली है।
हालांकि ये भी बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ सालों में ये संस्थान अस्तित्व में आ सकता है। द प्रिंट वेबसाइट के अनुसार यूजीसी का कहना है कि जियो इंस्टीट्यूट तीन साल बाद अस्तित्व में आ जाएगा। इस इंस्टीट्यूट को ग्रीन फील्ड कैटेगरी में चुना गया है और यह एक प्रोजेक्टेड संस्थान है। इस वेबसाइट के अनुसार पैनल अधिकारी एन गोपाल स्वामी का कहना है कि 'हमने जियो इंस्टीट्यूट को ग्रीनफील्ड कैटेगरी के तहत चुना है, जो कि नए संस्थानों के लिए होती है और उनका कोई इतिहास नही होता है। हमनें प्रपोजल देखा और इसके लिए चुना।' उन्होंने आगे बताया कि 'उनके पास इस संस्थान के लिए प्लान है, उन्होंने फंडिंग की है और उनके पास कैंपस है और इस कैटेगरी के लिए आवश्यक सबकुछ है।'


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