Agneepath Scheme: भारतीय सेना में बड़े स्तर पर होगी भर्तियां, जानिए सरकारी योजना

भारत सरकार ने "अग्निपथ" योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत सरकार बड़ी संख्या में सैनिकों की भर्ती करेगी लेकिन केवल चार साल के लिए। बढ़ते वेतन और पेंशन बिलों को कम करने के लिए सरकार ने ये उठाया है। प्रमुख चिंताओं के बीच इस कदम से व्यावसायिकता, सैन्य लोकाचार और 14 लाख से अधिक मजबूत सशस्त्र बलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

 

अग्निपथ योजना को पहले "टूर ऑफ ड्यूटी" कहा जाता था। अग्निपथ योजना की घोषणा मंगलवार को सेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों की उपस्थिति में किए जाने की संभावना है।

Agneepath Scheme: भारतीय सेना में बड़े स्तर पर होगी भर्तियां, जानिए सरकारी योजना

अग्निपथ योजना आयु और वेतन

अग्निपथ योजना में 17.5 से 21 वर्ष के आयु वर्ग के लगभग 45,000 युवाओं को हर साल, चार सालों के लिए सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। जिसमें 30,000-40,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा और इसके साथ छह महीने का बुनियादी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। ये सैनिक तीनों सेनाओं के जैसे ही पुरस्कार, पदक और बीमा सेवा कवर के हकदार होंगे।

 

चार वर्ष की अवधि के बाद

चार वर्ष पूरे होने के बाद योग्यता, इच्छा और फिटनेस के आधार पर "अग्निवीर" के केवल 25% को ही नियमित रूप से रख कर लिस्ट में शामिल किया जाएगा। इसके बाद वे अगले 15 वर्षों की पूर्ण अवधि के लिए सेवा में रहेंगे। साथ ही पहले के चार वर्षों को अंतिम पेंशन लाभ के निर्धारण के लिए ध्यान में रखे जाने की संभावना कम है। अन्य 75% सैनिकों को उनके दूसरे करियर के लिए मदद दी जाएगी। उनके मासिक योगदान के साथ-साथ कौशल प्रमाण पत्र और बैंक ऋण द्वारा आंशिक रूप से वित्त सहयोग 11-12 लाख रुपये के एक्जिट या "सेवा निधि" पैकेज देकर हटा दिया जाएगा।

अग्निपथ योजना का उद्देश्य

सरकार के अनुसार अग्निपथ योजना का उद्देश्य राजस्व व्यय और पेंशन बिल में वेतन कॉम्पोनेंट को कम करना है। जो कि कुल 5.25 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक रक्षा बजट का लगभग आधा हिस्सा है। इसके माध्यम से सैन्य आधुनिकीकरण के लिए धन में वृद्धि होगी है।

वरिष्ठ अधिकारी ने बात करते हुए कहा कि- "अग्निपथ भर्ती अखिल भारतीय और सभी वर्ग के नामांकन पर होगी। सेना में रेजिमेंटल प्रणाली पर इसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस योजना में कोई अधिकारी भी शामिल नहीं होगा।"

योजना की आलोचना

इस योजना को कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा रहा है। कई अधिकारियों का कहना है कि एक पूरी तरह से प्रशिक्षित युद्ध के लिए तैयार सैनिक, एयरमैन या नाविक बनने में सात से आठ साल का समय लगता है। ऐसे में चार साल में सैनिक तैयार करना सही नहीं।

एक अधिकारी ने इस योजना के लिए कहा- भारतीय सैनिकों का मूल लोकाचार नाम, नमक और निशान के इर्द-गिर्द घूमता है (उनकी बटालियन या पलटन की प्रतिष्ठा, निष्ठा और पताका या रंग)। 1999 में कारगिल की ऊचांई पर युद्ध के लिए गए सैनिकों ने कई बाधाओं का सामना किया था ऐसे में छोटी अवधि सैनिकों की लड़ाई की भावना को प्रभावित कर सकती है।

अग्निपथ योजना को बनने में लगभग दो साल लग गए हैं। 11.78 लाख मजबूत सेना एक जनशक्ति की कमी से जूझ रही है। बड़ी रैलियों और शिविरों के माध्यम से जवानों को निलंबित किया गया था, जो स्पष्ट रूप से कोविड -19 महामारी के आधार पर था। सेना ने निलंबित होने से पहले 2018-19 और 2019-20 में रैलियों के माध्यम से 53,431 और 80,572 जवानों की भर्ती की थी।

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English summary
Indian Government announce radical "Agneepath" Scheme. under this scheme they are recruiting a huge number of soldiers for only 4 years.
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