इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपलआईटी) के प्रोफेसर और स्टूडेंट की टीम ने ह्यूमन कम्प्यूटर इंटरफेस एप डिजाइन किया है। ऐसे व्यक्ति जो देख नहीं सकते, इसकी मदद से पढ़ाई कर सकेंगे। ये स्पीच प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित सिस्टम है। स्पीच टू टेक्स्ट और टेक्स्ट टू स्पीच के लिए इसे यूज कर सकेंगे। ये एप स्क्रीन पर लिखे कंटेंट को पढ़कर सुनाएगा। अगर कंटेंट में कोई हायपरलिंक होगी तो उसे ओपन कर उसमें लिखे कंटेंट को भी पढ़ेगा। इसे मोबाइल के साथ ही कंप्यूटर में भी यूज कर सकेंगे। जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर इसे अपलोड किया जाएगा जहां से कोई भी यूजर इसे फ्री में डाउनलोड कर सकेगा। टीम ने इसके पेटेंट के लिए भी आवेदन किया है। ये एप रिषभ नागर, सौम्य भटनागर, सार्थक चंद्राकर ने मिलकर तैयार किया है।

एमटेक स्पॉट एडमिशन शुरू
ट्रिपलआईटी के एमटेक प्रोग्राम में स्पॉट एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन 21 अगस्त यानी कल तक होंगे। छत्तीसगढ़ के निवासी और एनटीपीसी कोटा की बची हुई सीटों पर ही एडमिशन दिया जाएगा। इसके तहत कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की 9 और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग की 12 सीटों पर प्रवेश मिलेेगा। एडमिशन के बारे में अधिक जानकारी के लिए ट्रिपलआईटी की वेबसाइट या 07712474182 पर संपर्क कर सकते हैं।
तीन भाषा है एप में
असिस्टेंट प्रोफेसर संतोष कुमार ने बताया, हमने हिंदी, इंग्लिश और छत्तीसगढ़ी भाषा बोलने-सुनने वालों के लिए एप तैयार किया है। स्क्रीन पर लिखे इन तीनों भाषाओं के कंटेंट को एप पढ़कर सुनाएगा। इन तीनों भाषाओं में बाेलकर कुछ सर्च भी कर सकेंगे। आगे इसे गोढ़ी बोलने वालों के लिए भी बनाने की प्लानिंग है। एप की एक्यूरेसी 90 प्रतिशत से ज्यादा है। एक्यूरेसी बढ़ाने पर भी काम कर रहे है।
एक साल में तैयार
डॉ संतोष कुमार ने बताया, एप बनाने में लगभग 1 साल लगे। कोई भी व्यक्ति वाइस कमांड से और ब्रेल लिपि की मदद से इसे यूज कर सकेगा। प्ले स्टोर पर पहले से इस तरह के कुछ एप हैं, लेकिन वो यूजर से चार्ज लेते हैं। हमारा एप फ्री होगा और उन सभी से बेहतर होगा।


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