शुक्रवार को एक वर्चुअल समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दो अतिरिक्त परिसरों और एक कॉलेज की आधारशिला रखी। इसका नाम भाजपा के विचारक वीर सावरकर के नाम पर रखा जाएगा। 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले इस विकास से शिक्षा की पेशकश में वृद्धि होगी और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। यह समारोह अशोक विहार में हुआ, साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में कई अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का अनावरण भी किया गया।

दिल्ली विश्वविद्यालय के सूरजमल विहार और द्वारका सेक्टर 22 में स्थित क्रमशः पूर्वी और पश्चिमी परिसरों को शामिल करने से मौजूदा उत्तरी और दक्षिणी परिसरों का पूरक बन सकेगा। इससे पूरे शहर में दिल्ली विश्वविद्यालय की रीच बढ़ जाएगी। लगभग 15.25 एकड़ में फैले और अनुमानित 373 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पूर्वी परिसर में एलएलबी, एलएलएम और एक एकीकृत पांच वर्षीय एलएलबी कार्यक्रम सहित कई बहु-विषयक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इस परिसर को 59,618 वर्ग मीटर क्षेत्र में 60 कक्षाओं, 10 ट्यूटोरियल रूम, छह मूट कोर्ट और अन्य जैसी उन्नत सुविधाओं के लिए डिज़ाइन किया जाएगा।
वेस्ट कैंपस अपने पहले चरण में एक नए शैक्षणिक ब्लॉक के रूप में उभरने वाला है। इसके निर्माण बजट का अनुमान तकरीबन 107 करोड़ रुपये है। लगभग 19,434.28 वर्ग मीटर में फैले इस परिसर में 42 कक्षाएं, दो मूट कोर्ट और कई अन्य सुविधाएं होंगी। ये व्यापक शैक्षणिक अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। इसके अलावा पीएम मोदी ने नजफगढ़ के रोशनपुरा में स्थित वीर सावरकर कॉलेज की आधारशिला रखी। ये वेस्ट कैंपस से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। करब 18,816.56 वर्ग मीटर में निर्माण की जाने वाली इस कॉलेज की अनुमानित लागत 140 करोड़ रुपये है। इसमें 24 क्लासरूम, आठ ट्यूटोरियल रूम और अनुकूल शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन नए परिसरों और वीर सावरकर कॉलेज की स्थापना की पहल शैक्षिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण और विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षा के विस्तार को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा की जा रही पहल का हिस्सा है। इस विस्तार से छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में कई तरह के कार्यक्रम और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।


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