कोरोनवायरस महामारी का सबसे अधिक प्रभाव अर्थव्यवस्था और शिक्षा पर हुआ है। कोरोना महामारी ने एक ही झटके में पूरी भारतीय शिक्षा प्रणाली को बदल दिया है। एक समय था जब केवल कुछ ही कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध होते थे, लेकिन देश में लॉकडाउन लगने के बाद नर्सरी से लेकर उच्च शिक्षा तक के छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी तरह से ऑनलाइन पर शिफ्ट हो गई। बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई के नए नए प्लेटफार्म बनाए गए। इसी क्रम में प्रतिष्ठित संस्थान डेलीलर्न ने ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में शिक्षा प्रदान की। शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए डेलीलर्न और इंवेंटर्स ने हाथ मिलाया है, ताकि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कुछ नया सीखने को मिले।

इस लिए डेलीलर्न और इंवेंटर्स आए साथ
बता दें कि डेलीहंट वर्से इनोवेशन की मुख्य कंपनी है और ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म डेलीलर्न इसका ही हिस्सा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों को गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने के लिए अब डेलीलर्न और इंवेंटर्स एक साथ आ गए हैं। इन दोनों दिग्गज कंपनियों के एक साथ आने से छात्रों की जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान आसानी से हो जाएगा। कोरोनावायरस महामारी के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के आने के बाद जेईई और नीट जैसी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्रों के पास बदलती स्थिति के अनुकूल उचित मार्गदर्शन की कमी है। ऐसे में यह दोनों ऑनलाइन प्लेटफार्म छात्रों के लिए काफी मददगार साबित होंगे।
ये है डेलीलर्न और इंवेंटर्स का उद्देश्य
ग्रामीण और छोटे शहरों में वित्तीय बाधाओं के कारण छात्रों को उचित मार्गदर्शन नहीं मिलता और ट्यूशन का विकल्प चुनना पड़ता है। इतना ही नहीं माता-पिता अपने बच्चों, विशेषकर लड़कियों को बेहतर शिक्षा के लिए बड़े शहर में भेजने से डरते हैं। जिसकी वजह से छात्रों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलती और उन्हें जेईई या नीट जैसी परीक्षाओं को क्रैक करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि जेईई और नीट के उम्मीदवारों की मदद करने के लिए बिहार में ऑफफलाइन शिक्षा में डेलीलर्न और इंवेंटर्स एक साथ सहयोग कर रहे हैं। डेलीलर्न 3 लाख से अधिक छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण हाइपरलोकलाइज़्ड लर्निंग को आसानी से सुलभ बनाने पर काम कर रहा है। डेलीलर्न कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन शिक्षा प्रदान कर रहा है।
डेलीलर्न और इंवेंटर्स के छात्र बने टॉपर
पिछले साल बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा में डेलीलर्न के छह छात्रों ने अपने-अपने जिलों में टॉप किया था, दूसरी तरफ इंवेंटर्स के एक्सपर्ट्स जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं के लिए छात्रों को तैयार कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में इसके कई छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। बिहार सरकार द्वारा ऑनलाइन शिक्षा को प्राथमिकता देने के निर्णय के साथ, यह साझेदारी अकेले बिहार में 70 लाख से अधिक छात्रों को मदद प्रदान करेगी। इससे छात्रों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक और अध्ययन सामग्री प्राप्त होगी।
डेलीलर्न और इंवेंटर्स की स्कॉलरशिप
बात दें कि डेलीलर्न और इंवेंटर्स के एक साथ आने से देश के सभी छात्रों को सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली इन प्रतियोगी परीक्षाओं की कक्षाएं उनके मोबाइल फोन पर उपलब्ध होंगी। इस दोनों संस्थान का एक साथ आने का उद्देश्य कक्षा 7वीं से 8वीं तक के छात्रों की नींव को मजबूत करना है, ताकि जेईई और नीट परीक्षा में उनको मदद मिल सके। इसके साथ ही छात्रों के लिए इसी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर आईस्कोर नामक ऑफलाइन स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। इस स्कॉलरशिप परीक्षा के लिए उम्मीदवार यहां दिए गए लिंक (Scholarship) के डायरेक्ट रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
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