वर्ष 2023-24 का आम बजट आज, 1 फरवरी 2023 को केंद्रीय वित्त मंत्री निरमला सीतारमण द्वारा पेश किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले बजट पेश किया जाता है। जिसमें शिक्षा और नए खुलने वाले शैक्षिक इंस्टीट्यूट, विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए योजनाओं का आदि की घोषणा की जाती है। जिस प्रकार भारत में शिक्षा और मुख्य तौर पर डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है, उसे देखते हुए शिक्षा विशेषज्ञों की उम्मीदें आम बजट 2022-23 को लेकर अधिक बढ़ने लगी है।
जिसमें भारत में पहले से स्थित राष्ट्रीय महत्व संस्थान जैसे की आईआईटी, एनआईटी और आआईएम व अन्य कई संस्थानों के लिए बजट प्रदान किया जाता है। जिस प्रकार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति काम कर रही है नए संस्थानों को खोलने और उनके लिए बजट जारी करने के संभावनाएं भी अधिक होती जा रही है।

नए संस्थानों की स्थापना
157 नए नर्सिंग कॉलेज की सहस्थापित मेडिकल 157 कॉलेज के साथ की जाएगी जिनकी स्थापना 2014 में की गई थी। साथ ही बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने आने वाले 3 सालों में 8 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की बात की, ताकि शिक्षकों की कमी की वजह से शिक्षा में कमी न रह सकें। क्योंकि नई संस्थानों की स्थापना शिक्षा के क्षेत्र में आती है तो आपके लिए जानना आवश्यक है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए कितना बजट तय किया गया है। आपको बता दें कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार अगामी वर्ष में 11,2899 करोड़ रुपये (अनुमानीत) बजट है।
राष्ट्रीय महत्व वाले संस्थानों कि संख्या
वर्ष 2023 के अनुसार भारत में राष्ट्रीय महत्व संस्थानों की संख्या कुछ इस प्रकार है - इन आईएनआई में शामिल हैं: 23 आईआईटी, 19 एम्स, 20 आईआईएम, 31 एनआईटी, 25 आईआईआईटी, 7 आईआईएसईआर, 7 एनआईपीईआर, 5 एनआईडी, 3 एसपीए, 2 एनआईएफटीईएम, 5 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 4 चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और 14 अन्य विशिष्ट संस्थान। कुल संख्या की बात करें तो राष्ट्रीय महत्व के 165 संस्थान हैं भारत में स्थित है।
अब नए संस्थानों को लेकर बात की जा रही है जिसके बजट को लेकर आज वित्त मंत्री द्वारा पेशकश की जानी है। पिछले तीन साल के आंकड़ों के अनुसार उच्च शिक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वार धन का करीब 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भारत की राष्ट्रीय महत्व वाले संस्थानों के दिया गया है।
क्योंकी भारत में कई नए मेडिकल कॉलेज और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान खोले जाने है। जिसको लेकर सरकार की योजना तैयार की जा चुकी है। बजट में मेडिकल संस्थानों के साथ डिजिटल शिक्षा और नए विश्वविद्यालयों के लेकर भी बजट पेश किया जाएगा।
आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, आईआईएससी जैसे राष्ट्रीय महत्व वाले संस्थानों से शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा छात्र की होती है। लेकिन कम सीटों का पहुंच के कारण कई छात्र इससे वंचित रह गए हैं। उन तक इन संस्थानों की पहुंच बढ़ाने के लिए भारत सरकार नए संस्थानों की स्थापना पर विचार कर रही है और साथ ही इन्हें और बेहतर बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है।


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