BPSC Exam News: बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा बीते 13 दिसंबर 2024 को आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) को रद्द करने की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन तेज हो गया है। इस आंदोलन को और मजबूती मिली जब प्रसिद्ध शिक्षकों खान सर और मोतिउर रहमान खान (गुरु रहमान) ने प्रदर्शनकारियों का साथ दिया।

प्रदर्शनकारियों ने मुलसल्लाहपुर से गर्दनीबाग तक रैली निकाली। इस रैली में सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया और हाथों में तख्तियां लेकर परीक्षा रद्द करने की मांग की। बीपीएससी परीक्षा पर पेपर लीक के आरोप लगे हैं। हालांकि सरकार ने इसे खारिज कर दिया। लेकिन पटना के एक केंद्र में परीक्षा देने वाले 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा कराने का आदेश दिया गया।
क्या कहा खान सर ने अपने बयान में
मीडिया से बातचीत में खान सर ने कहा "छात्र फिर से परीक्षा की मांग कर रहे हैं। बीपीएससी को यह परीक्षा तत्काल रद्द करनी चाहिए। आयोग ने परीक्षा में 'अंक सामान्यीकरण' (Normalization of Marks) का तरीका अपनाया, जो गलत है। हमने इस संबंध में सभी सबूत पटना हाई कोर्ट को सौंप दिए हैं।" पटना हाई कोर्ट में पहले ही कई याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। इनमें 13 दिसंबर को आयोजित परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है। सामान्यीकरण की प्रक्रिया के तहत दो या अधिक शिफ्ट में आयोजित परीक्षा के अंकों को सांख्यिकीय तरीके से बराबर किया जाता है।
क्यों लगे पेपर लीक के आरोप?
खान सर ने दावा किया कि खगड़िया और भागलपुर में परीक्षा के प्रश्नपत्र उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बदले गए थे। उन्होंने सवाल उठाया, "नवादा और गया के खजाने (ट्रेजरी) से प्रश्नपत्र कैसे चोरी हो सकते हैं?" उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के हक की लड़ाई जारी रहेगी और जब तक 13 दिसंबर की परीक्षा रद्द नहीं होगी, आंदोलन चलता रहेगा।
सरकार और प्रधानमंत्री से अपील
खान सर ने कहा कि छात्रों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने तक नहीं दिया जा रहा। उन्होंने राज्य सरकार से फिर से परीक्षा कराने की मांग करते हुए कहा कि "बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यदि सरकार दोबारा परीक्षा कराती है, तो यह छात्रों के हित में होगा।" प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी हस्तक्षेप करने की मांग की, ताकि छात्रों को न्याय मिल सके। खान सर ने प्रदर्शन के दौरान हाथ में श्रीमद्भगवद गीता लेकर कहा, "भगवान हमारे साथ हैं।" इस मामले में अब सरकार के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


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